संभल में 1978 दंगे के आरोपी मोहम्मद जुबैर के कोल्ड स्टोरेज पर चला बुलडोजर, निर्माण ध्वस्त, प्रशासन की सख्त कार्रवाई — मुख्यमंत्री योगी ने भी किया था जिक्र

बी के झा

NSK

संभल / नई दिल्ली, 9 अक्टूबर

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 1978 के दंगे के आरोपी मोहम्मद जुबैर के ओवैस कोल्ड स्टोरेज पर बुलडोजर चला दिया। बताया जा रहा है कि इस कोल्ड स्टोरेज में नक्शे का उल्लंघन करते हुए अवैध निर्माण किया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एसडीएम विकास चंद्र, विनिमय क्षेत्र विभाग की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।नक्शे का उल्लंघन कर किया गया था निर्माणजानकारी के अनुसार, संभल-अनूपशहर मार्ग पर स्थित ओवैस कोल्ड स्टोरेज में नियमों के विरुद्ध निर्माण कार्य किया गया था। विनिमय क्षेत्र कार्यालय से पास हुए नक्शे के अनुसार, हाईवे के बीच से 45 फीट की अनिवार्य दूरी छोड़नी थी, लेकिन जुबैर ने केवल 35 फीट की दूरी पर ही बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी। इसके अलावा, कोल्ड स्टोरेज परिसर में बिना अनुमति दो मंजिला इमारत और एक अतिरिक्त शेड भी बना दिया गया था।18 जुलाई से शुरू हुई थी कार्रवाई की प्रक्रियाविनिमय क्षेत्र के अवर अभियंता (JE) सचिन कुमार ने 18 जुलाई 2025 को कोल्ड स्टोरेज के निर्माण में पाई गई अनियमितताओं की रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद एसडीएम विकास चंद्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। 23 सितंबर 2025 को अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया था। आदेश के अनुपालन में गुरुवार को प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन लिया।भारी पुलिस बल के बीच हुई कार्रवाईकार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। बुलडोजर की मदद से दो मंजिला अवैध इमारत को जमींदोज किया गया, जबकि एक अन्य बिल्डिंग को मजदूरों ने हैमर मशीन से तोड़ा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश बिल्डिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 10 के तहत की गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किया था उल्लेखध्यान देने योग्य है कि कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में भाषण के दौरान संभल के 1978 के सांप्रदायिक दंगे का जिक्र करते हुए मोहम्मद जुबैर का नाम लिया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में कोई भी अपराधी चाहे कितना पुराना क्यों न हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकेगा। इसी बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर जुबैर की संपत्तियों की जांच तेज कर दी गई थी।प्रशासन की सख्त मंशा — “अवैध कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं”एसडीएम विकास चंद्र ने कहा, “सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए। कानून सबके लिए समान है। चाहे मामला कितना पुराना क्यों न हो, किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं माना जाएगा।”उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोरेज से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और आगे भी ऐसी संपत्तियों की पहचान की जाएगी जिनमें नियमों का उल्लंघन हुआ है। संक्षेप में:आरोपी मोहम्मद जुबैर का कोल्ड स्टोरेज ध्वस्त।1978 के दंगे में आरोपी रह चुका है जुबैर।नक्शे के उल्लंघन पर प्रशासन की कार्रवाई।योगी सरकार के निर्देशों पर बढ़ी सख्ती।

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