बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 29 नवंबर
राजधानी में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण शुक्रवार देर रात शाहदरा में देखने को मिला, जहां सुलह-सफाई की कोशिश खून से रंग गई। एक मिठाई की दुकान के बाहर दो बाइक सवार बदमाशों ने कुख्यात गगन आहि पर गोलियों की बरसात कर दी। चंद सेकंड में इलाके की हवा दहशत से भर गई और आम लोगों की आंखों के सामने ही एक जान चली गई।
रात 11:30 बजे की दहशत — गोलियों की गूंज, लोग सहमे प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे शाहदरा के व्यस्त इलाके में अचानक चीख-पुकार मच गई। दो बाइक सवार युवक तेज रफ्तार से पहुंचे और बिना किसी हिचक के गगन आहि पर गोलियां दागनी शुरू कर दीं। दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे, राहगीर सुरक्षित जगहों पर भागते दिखे। गोली गगन के दाहिने पैर में लगी, लेकिन खून का बहाव इतना तेज था कि वह मौके पर ही ढह गया।
पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को GTB अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।सुलह की कोशिश बनी जानलेवा — सामने आया चौंकाने वाला कारण पुलिस की शुरुआती जांच में घटनाक्रम ने हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि गगन आहि और दोनों हमलावरों के बीच पिछले दिनों किसी मुद्दे पर तीखी कहासुनी हुई थी। उसी विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार रात बातचीत तय हुई थी। लेकिन समझौते की मेज़ पर पहुंचे तीनों के बीच पुरानी रंजिश फिर भड़क उठी और बात हाथापाई से निकलकर सीधी गोलियों तक पहुंच गई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया —“यह हत्या बदले की भावना से जुड़ा लग रहा है। तीनों एक सुलह के लिए मिले थे, लेकिन बातचीत ने हिंसक रूप ले लिया और गगन की जान चली गई।”एक आरोपी हिरासत में, दूसरा अब भी फरार वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को दबोच लिया है। उसके कब्जे से वह बाइक भी जब्त की गई है, जो घटना में इस्तेमाल होने का शक है। दूसरा आरोपी फरार है, जिसे पकड़ने के लिए कई टीमों को लगा दिया गया है।
पुलिस ने आसपास की CCTV फुटेज कब्जे में ले ली है और तकनीकी सर्विलांस भी शुरू कर दिया गया है।मामले में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।
कौन था गगन आहि?
गगन आहि का नाम पुलिस रिकॉर्ड में नया नहीं था। वह स्थानीय स्तर पर सक्रिय बदमाशों में शामिल था और कई मामलों में उस पर निगरानी रखी जा रही थी। इलाके में उसकी गतिविधियों को लेकर पुलिस सतर्क रहती थी, लेकिन उसकी मौत ने अब दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
