बी के झा
NSK





नई दिल्ली/सैफई (उत्तर प्रदेश) 26 नवंबर
सैफई मंगलवार को एक बार फिर सितारों और सियासत के संगम का साक्षी बना, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई आर्यन यादव का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। हजारों मेहमानों की मौजूदगी और भव्य इंतज़ामों के बीच यह समारोह महफिल, मेहमाननवाज़ी और राजनीतिक रस्मो-रिवाज़ों से भरपूर रहा। इस शादी में जहाँ सपा के दिग्गज नेता मौजूद रहे, वहीं भाजपा के भी वे मंत्री पहुंचे जो सदन से लेकर सड़क तक अक्सर अखिलेश यादव और उनके परिवार पर प्रहार करते दिखाई देते हैं।सबसे खास बात रही कि कांग्रेस का कोई बड़ा नेता न तो अखिलेश के वीडियो में दिखा और न ही खुद समारोह में नज़र आया।
मोदी सरकार और योगी कैबिनेट के मंत्री भी पहुंचे, लेकिन कांग्रेस गायब दूल्हा आर्यन और दुल्हन सेरिंग को आशीर्वाद देने पहुंचे मेहमानों में सबसे बड़ा नाम रहा मोदी सरकार के मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का।जैसे ही बघेल पंडाल में दिखे, मीडिया ने घेर लिया। सवालों की बौछार पर वे मुस्करा कर बोले—“जिसके घर कार्यक्रम में आए हैं, उसके खिलाफ क्या बोलें?”
एसआईआर मुद्दे पर उन्होंने सीधे अखिलेश का नाम लिए बिना कहा—“चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। अधिकार उसके पास हैं। एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। जिन लोगों को विदेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाने में दिलचस्पी है, वही इससे परेशान हैं।”इन बयानों और तीखे निशानों के बीच शादी की महफिल अलग ही रंग में डूबी रही, मगर यह साफ था कि सियासत का असर सैफई की धरती पर भी मौजूद था।
अखिलेश यादव ने स्वयं किया राजनीतिक दिग्गजों का स्वागत शादी में सपा के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।अखिलेश यादव के बिल्कुल बगल में बैठे दिखे अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद, जो लोकसभा में भी हमेशा उनके साथ नज़र आते हैं।इसके अलावा उपस्थित रहे—प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पालविधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय इवान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन सांसद जितेंद्र दोहरे देवेश शाक्यआनंद भदौरिया राजीव राय एमएलसी मुकुल यादव गुड्डू जमाली विधायक पवन पांडे व राजू यादव इसके साथ ही चर्चित पूर्व सांसद डीपी यादव, सांसद अफजाल अंसारी और विधायक अब्बास अंसारी की उपस्थिति भी चर्चाओं में रही।आठ ब्लॉकों में मेहमानों के लिए भव्य भोजन व्यवस्था हजारों मेहमानों के लिए आठ बड़े ब्लॉकों में विस्तृत भोजन का इंतज़ाम किया गया था।
व्यंजनों की सूची किसी शाही भोज से कम नहीं—कद्दू, मट्ठा आलू, शाही पनीर, पूड़ी, छोले-चावल, मिक्स वेज, इमरती, कालाजाम जैसे पकवानों ने मेहमानों की थालियाँ सजाईं।विशेष अतिथियों के लिए देशी-विदेशी डिश भी अलग से परोसी गईं।
लद्दाख की रहने वाली सेरिंग—हाईकोर्ट की वकील और अब यादव परिवार की नई बहू दूल्हे आर्यन यादव, स्वर्गीय राजपाल सिंह यादव व प्रेमलता यादव के पुत्र हैं।दुल्हन सेरिंग, लद्दाख से ताल्लुक रखती हैं और पेशे से हाईकोर्ट की वकील हैं।दोपहर में जब सांसद डिम्पल यादव बारात लेकर पंडाल पहुंचीं, तो वधू पक्ष ने पारंपरिक रीति से स्वागत किया। तीन दिन से चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला मंगलवार को विवाह की मुख्य रस्मों के साथ पूर्ण हुई।
विन्टेज कार में निकली शाही बारात, लग्जरी कारों का काफिला साथकुआँ पूजन के बाद आर्यन को विन्टेज कार में बिठाकर बारात निकाली गई।सौ से अधिक लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ यह बारात किसी फिल्मी दृश्य जैसी भव्य लगी।बारातियों के स्वागत में पंडाल थिरक उठा। महिलाओं, परिवारजनों और युवाओं ने डांस कर उत्सव को और जीवंत कर दिया।
रामगोपाल यादव का मज़ाकिया अंदाज़—“हाथ जोड़कर काम नहीं चलेगा, पैर छूओ”जयमाला के बाद जब दूल्हा-दुल्हन आशीर्वाद लेने के लिए प्रो. रामगोपाल यादव के पास पहुंचे तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा—“हाथ जोड़कर काम नहीं चलेगा, पैर छूओ।”दूल्हा-दुल्हन ने झट से पैर छुए, और रामगोपाल यादव ने उन्हें आशीर्वाद दिया।इस दृश्य ने पूरे वातावरण को पारिवारिक अपनत्व और हल्की-फुल्की हंसी के रंग से भर दिया।
स्थानीय पत्रकार का तंज—“नेता एक-दूसरे को गाली दें, लेकिन खुशियों में पहुँचना नहीं भूलते”
एक स्थानीय पत्रकार ने नाम न बताने की शर्त पर कहा—“चुनाव में गाली-गलौज, मंचों पर तिरस्कार और टीवी पर तीखे हमले करने वाले नेता एक-दूसरे के छोटे-बड़े समारोह में आशीर्वाद देने ज़रूर आ जाते हैं। अगर ऐसी शाही शादी किसी सरकारी अधिकारी के घर हुई होती, तो ईडी-सीबीआई शादी खत्म होने से पहले पहुँच जाती। नेताओं पर आवाज उठाने वाला कोई नहीं है, लेकिन आम लोग फिर भी जाति और धर्म के नाम पर नेताओं के लिए खून बहाने को तैयार रहते हैं।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा योगी मंत्री मंडल का शादी समारोह में पहुंचना कुछ हद तक सही भी है आखिरकार मुख्यमंत्री योगी जी की बहन मुलायम परिवार की बहु भी तो हैं।
सियासी गर्माहट के बीच खुशियों से भरा सैफई का माहौल कुल मिलाकर, सैफई में आयोजित यह विवाह सिर्फ एक पारिवारिक समारोह नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक अनौपचारिक मंच भी बन गया, जहाँ विरोधी विचारधाराएँ भी एक ही छत के नीचे मुस्कान और अभिवादन में बदलती दिखीं।
