स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में “बम” की अफवाह से हड़कंप, जनरल कोच की तलाशी, यात्री को उतारा गया… बैग से निकला सिर्फ अमरूद और खाना

बी के झा

NSK

अलीगढ़ / न ई दिल्ली, 16 नवंबर

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रयागराज डिवीजन कंट्रोल से सूचना मिली कि जनरल कोच में यात्रा कर रहे एक व्यक्ति के पास “बम जैसी वस्तु” हो सकती है।सूचना मिलते ही अलीगढ़ जंक्शन पर आरपीएफ, जीआरपी, डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। देर रात स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों की अचानक तैनाती और तलाशी अभियान देखकर यात्रियों में भी दहशत फैल गई।लेकिन लगभग आधे घंटे की जांच-पड़ताल के बाद जब संदिग्ध यात्री के बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें खाने-पीने का सामान और अमरूद के अलावा कुछ नहीं मिला।

यानी बम की अफवाह निकली सिर्फ एक झूठी सूचना।सूचना करते ही अलीगढ़ स्टेशन पर हाई अलर्ट आरपीएफ के सहायक आयुक्त गुलजार सिंह के अनुसार रात 11:05 बजे प्रयागराज कंट्रोल से फोटो सहित एक संदेश मिला कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस (12560/12562) में एक संदिग्ध युवक यात्रा कर रहा है।

बताया गया कि वह ट्रेन के फ्रंट साइड जनरल कोच में बैठा हुआ है और उसके पास “बम” जैसी कोई वस्तु होने की आशंका है।

सूचना मिलते ही स्टेशन पर:आरपीएफ जीआरपी क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम डॉग स्क्वायडऔर सिविल पुलिस को पहले से तैनात कर दिया गया।ट्रेन के प्लेटफॉर्म संख्या 03 पर पहुंचते ही पूरा कोच घेर लिया गया।

हुलिए से मेल खाते यात्री को उतारा गया, पूछताछ शुरू

कंट्रोल से मिले विवरण के आधार पर पुलिस ने इंजन से दूसरे नंबर के जनरल कोच में बैठे एक युवक को चिन्हित किया।उसे उसके सामान सहित नीचे उतारा गया और तत्काल पूछताछ शुरू कर दी गई।यात्री ने अपना नाम बताया:

सुशील सैनी (35 वर्ष)

पिता — राजकुमार सैनी

निवासी — ग्राम बिचखाना,

थाना अरेर,

जिला मधुबनी (बिहार)

उसने बताया कि वह फरीदाबाद की डबुआ फल मंडी में दुकान नंबर 62 पर काम करता है और अपने माता-पिता को गांव से लाने जा रहा था।जब आरपीएफ ने उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें:अमरूद कुछ फल-सब्ज़ियाँ खाने-पीने का सामान के अलावा कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

बम की जगह निकला अमरूद —

अफवाह फैलाने वाले की तलाश

अप्रत्याशित हड़कंप मचाने वाली इस सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया, लेकिन जब सच सामने आया तो यह साफ हो गया कि मामला एक झूठी, भ्रामक सूचना का था।

अब आरपीएफ उस व्यक्ति या नंबर की तलाश कर रही है जिसने कंट्रोल को यह सूचना भेजी थी।

प्रारंभिक अनुमान है कि:शरारत वश बदनीयती से या किसी गलतफहमी के कारण सूचना दी गई हो सकती है।

स्टेशन पर यात्रियों में दहशत, फिर राहत

जब प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड और पूरी सुरक्षा टीम प्लेटफॉर्म पर उतरी तो यात्रियों में अचानक दहशत फैल गई।

कई लोग उठकर दूर चले गए, कुछ ने फोन पर अपने परिचितों को पूरी घटना बताई।जैसे ही स्पष्ट हुआ कि मामला सिर्फ अमरूद और खाना भर का था, स्टेशन पर माहौल सामान्य हुआ और ट्रेन को रवाना कर दिया गया।

आज की रात ने साबित किया—एक अफवाह भी सिस्टम को हाई अलर्ट पर ला सकती है

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रेलवे सुरक्षा तंत्र किसी भी संदिग्ध सूचना को हल्के में नहीं लेता।

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि ऐसी झूठी सूचनाएँ:यात्रियों को डराती हैं रेल संचालन प्रभावित करती हैंऔर सुरक्षा संसाधनों को अनावश्यक रूप से व्यस्त कर देती हैं

आरपीएफ ने चेतावनी दी है कि इस तरह की फर्जी सूचना देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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