Month: December 2025
जम्मू–कश्मीर में आरक्षण की चिंगारी और नजरबंदी की राजनीति: सवाल, सियासत और संविधान के बीच फंसा छात्र आंदोलन
बी.के. झा नई दिल्ली/श्रीनगर, 28 दिसंबर जम्मू–कश्मीर में आरक्षण नीति के खिलाफ उभरता छात्र आंदोलन अब केवल शिक्षा या नौकरियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शासन की नीयत पर एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है। प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन से पहले ही पीडीपी अध्यक्ष महबूबा…
बंगाल की राजनीति में एक और बवाल: पुलिसकर्मी से कथित मारपीट, हुमायूं कबीर के बेटे की हिरासत और सत्ता–सुरक्षा के टकराव का मामला
बी.के. झा कोलकाता/मुर्शिदाबाद, 28 दिसंबर पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवादों से घिरे नेता हुमायूं कबीर एक बार फिर सुर्खियों के केंद्र में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई बयान या धार्मिक–राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद पर लगा गंभीर आरोप है। कोलकाता में एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने के आरोप…
RSS की ‘ताकत’ पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी से कांग्रेस में वैचारिक भूचाल — ‘ *मजबूत तो डाकू भी होता है’, खुर्शीद की शोले-उपमा से तीखी बहस
बी.के. झा नई दिल्ली, 28 दिसंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा आरएसएस–भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना ने न केवल सियासी हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि कांग्रेस के भीतर भी गहरे वैचारिक मतभेद को उजागर कर दिया है। मामला अब एक ट्वीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कांग्रेस की विचारधारा, रणनीति…
हादी हत्याकांड पर सीमा-पार सियासत: ‘भारत भागे आरोपी’ के दावे पर मेघालय पुलिस–BSF का कड़ा खंडन, बांग्लादेशी तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल
बी के झा नई दिल्ली/शिलांग/ढाका, 28 बांग्लादेश के चर्चित सामाजिक–राजनीतिक कार्यकर्ता और इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद अब यह मामला सिर्फ आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सीमा-पार सियासत, सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता और मीडिया नैरेटिव की लड़ाई में तब्दील होता दिख रहा है। बांग्लादेशी पुलिस…
