खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन: सीमांचल–कोसी को जोड़ने वाली 4000 करोड़ की सड़क, विकास की रफ्तार या सियासी इम्तिहान?

बी के झा नई दिल्ली/पटना, 18 दिसंबर बिहार के कोसी–सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ी बुनियादी सौगात की घोषणा ने उम्मीदों को नया पंख दे दिया है। खगड़िया से पूर्णिया तक 143 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो चुका है। करीब 4000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय…

सीओ से परेशान जनता को राहत का रास्ता: विजय सिन्हा का सख्त संदेश, अफसरों को चेतावनी—अब बहाने नहीं, जवाबदेही तय होगी

बी के झा पटना, 18 दिसंबर पटना के ज्ञान भवन में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण कार्यशाला महज एक सरकारी बैठक नहीं रही, बल्कि यह बिहार के राजस्व तंत्र को आईना दिखाने वाला मंच बन गई। उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा—“ अब जमीन के नाम…

बोतलबंद पानी पर PIL खारिज: CJI की तीखी टिप्पणी, ‘गांधी जी की तरह देश घूमिए, तभी दिखेगी पानी की असली तस्वीर’

बी.के. झा नई दिल्ली, 18 दिसंबर सुप्रीम कोर्ट में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने ऐसी टिप्पणी की, जिसने न केवल कानूनी जगत बल्कि सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में भी नई बहस छेड़ दी है। अदालत का संदेश…

हिजाब विवाद से कूटनीति तक: नीतीश कुमार के एक क्षण ने क्यों हिला दिया देश-विदेश का विमर्श

बी.के. झा नई दिल्ली/पटना, 18 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान एक मुस्लिम महिला आयुष डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना अब केवल एक स्थानीय राजनीतिक विवाद नहीं रही। यह मामला तेजी से संवैधानिक मर्यादा, महिला सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और भारत की वैश्विक छवि से जुड़ी…

नेशनल हेराल्ड केस: एक फ़ैसला, कई संकेत — क़ानून, राजनीति और लोकतंत्र के चौराहे पर खड़ा भारत

बी.के. झा नई दिल्ली, 18 दिसंबर राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फ़ैसला केवल एक चार्जशीट को खारिज करने तक सीमित नहीं है। यह निर्णय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली, राजनीतिक मुक़दमों की वैधानिकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सीमाओं पर गंभीर सवाल छोड़ जाता है। नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से…

आने वाले समय में—नेशनल हेराल्ड मामला: राहत या सिर्फ़ मोहलत? राहुल–सोनिया को अदालत से क्या सचमुच मिली है ‘क्लीन चिट’

बी.के. झा नई दिल्ली, 18 दिसंबर नेशनल हेराल्ड मामले में मंगलवार, 16 दिसंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट का फ़ैसला सुनते ही राजनीतिक गलियारों में शोर मच गया। कांग्रेस ने इसे “ऐतिहासिक जीत” करार दिया, तो बीजेपी ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा— “यह क्लीन चिट नहीं, केवल तकनीकी राहत है।”सवाल यही है— क्या राहुल गांधी…

बांग्लादेश–भारत संबंधों में बढ़ता तनाव: चुनावी राजनीति, कट्टरपंथ और 1971 की विरासत पर नई जंग विशेष राजनीतिक–विदेश नीति विश्लेषण

बी के झा ढाका/नई दिल्ली, 18 दिसंबर भारत के ‘सेवन सिस्टर्स’ राज्यों को अलग करने की धमकी के बाद अब बांग्लादेश की राजनीति में भारत-विरोध खुलकर सामने आने लगा है। बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के सदर्न चीफ़ ऑर्गेनाइज़र हसनत अब्दुल्लाह द्वारा भारतीय उच्चायुक्त को देश से बाहर निकालने की मांग ने न केवल…

स्कूल से यूनिवर्सिटी तक बुर्का–नक़ाब पर प्रतिबंध: डेनमार्क का फ़ैसला, यूरोप की बहस और लोकतंत्र बनाम धार्मिक स्वतंत्रता का सवाल अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य

बी के झा कोपेनहेगन / नई दिल्ली, 18 दिसंबर यूरोप एक बार फिर उस चौराहे पर खड़ा है, जहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समावेशन और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन तलाशना आसान नहीं रहा। डेनमार्क सरकार ने स्कूलों और यूनिवर्सिटी परिसरों में बुर्का और नक़ाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले इस्लामिक पहनावे पर पूर्ण प्रतिबंध…

एनडीए के भीतर ‘पार्टी तोड़’ की राजनीति? चिराग बनाम कुशवाहा की खींचतान और बिहार की नई सियासी बिसात

बी के झा पटना, 17 दिसंबर एनडीए की हालिया चुनावी सफलता के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि गठबंधन के भीतर स्थिरता आएगी, लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है। चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के बीच उभरी ताजा सियासी खींचतान ने यह संकेत दे दिया है कि सत्ता की छांव में भी…

नीतीश कुमार के ‘मंथन’ से पहले गया में प्रशासनिक हलचल, शासन सुधार पर विमर्श—तो शहर में ट्रैफिक परीक्षा

बी के झा गया / पटना, 17 दिसंबर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार 17 दिसंबर को गया पहुंचकर दो दिवसीय उच्चस्तरीय प्रशासनिक कार्यशाला ‘मंथन-2025’ का उद्घाटन करेंगे। बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बीआईपीएआरडी) के गया परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें नीति निर्माण और जमीनी अमल के…