मोदी के बाद कौन?— RSS प्रमुख का जवाब, सियासत में नई हलचल उत्तराधिकारी पर संघ की चुप्पी, BJP की स्पष्टता और विपक्ष–वैचारिक जगत की तीखी प्रतिक्रियाएँ

बी के झा नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2029 के चुनाव से पहले सबसे बड़ा राजनीतिक प्रश्न—“नरेंद्र मोदी के बाद प्रधानमंत्री कौन?”—अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।BJP बार–बार स्पष्ट कर चुकी है कि 2029 में भी चुनाव मोदी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, मगर इस बीच RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान ने…

संसद में ई-सिगरेट का धुआँ? TMC सांसद पर गंभीर आरोप, स्पीकर सख्त — राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

विशेष रिपोर्ट बी के झा नई दिल्ली, 11 दिसंबर देश की सर्वोच्च विधायी संस्था, लोकसभा, जहाँ नीतियाँ और कानून बनते हैं—वहीं पर ई-सिगरेट पीने के आरोप ने राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ा दिया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन के भीतर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर कई दिनों से ई-सिगरेट पीने का गंभीर…

SIR पर ममता बनर्जी का सियासी आक्रोश “फॉर्म मैंने भी नहीं भरा… क्या दंगाइयों की पार्टी को नागरिकता साबित करनी है?” मतदाता सूची पर बड़ा राजनीतिक तूफ़ान | विशेष रिपोर्ट

बी के झा नई दिल्ली/कोलकाता , 11 दिसंबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी योग्य मतदाता का नाम सूची से हटाया गया तो वे धरना देंगी। ममता ने यह…

देश-प्रदेश : SIR बढ़ी डेडलाइन से लेकर संसद विवाद तक—आज की 5 सबसे बड़ी खबरें

बी के झा नई दिल्ली, 11 दिसंबर भारत की राजनीति, चुनाव व्यवस्थाओं और न्यायपालिका से जुड़ी गुरुवार की घटनाओं ने देश की सुर्खियों को नए सिरे से परिभाषित किया। जहाँ एक ओर चुनाव आयोग ने छह राज्यों में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) की डेडलाइन बढ़ाकर करोड़ों मतदाताओं को राहत दी, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री…

सुप्रीम कोर्ट में SIR याचिकाओं पर CJI सूर्यकांत सख्त—“पब्लिसिटी का जरिया बना लिया है, बंद कीजिए ऐसी याचिकाएं”

बी के झा नई दिल्ली, 11 दिसंबर देश की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चल रही याचिकाओं की धारा ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक अलग ही माहौल पैदा कर दिया। लगातार दायर हो रही याचिकाओं से नाराज होकर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी की—पब्लिसिटी पाने का जरिया…

लोकसभा में अमित शाह का प्रहार: “घुसपैठिए तय नहीं करेंगे देश का नेतृत्व” — चुनाव सुधार बहस गरमाई, विपक्ष में हड़कंप

बी के झा नई दिल्ली, 10 दिसंबर चुनाव सुधारों पर दो दिनों तक चली लोकसभा की तीखी बहस के समापन पर गृह मंत्री अमित शाह का वक्तव्य संसद की राजनीति में हलचल पैदा कर गया। विपक्ष की बैलट पेपर की मांग, ईवीएम पर सवाल, और नियुक्ति समिति में CJI व विपक्ष के नेता को शामिल…

लोकसभा में हंगामा: “इस तरह से नहीं चलेगी संसद” — राहुल गांधी पर क्यों भड़के अमित शाह ; मतदाता सूची, वोट चोरी और इतिहास की परतें खोलते हुए गरमाया सदन

बी के झा नई दिल्ली , 10 दिसंबर लोकसभा में बुधवार का दिन संसद की परंपरा, राजनीतिक आक्रामकता और इतिहास के सबसे संवेदनशील अध्यायों का संगम साबित हुआ। चुनाव सुधारों पर सरकार के जवाब के दौरान अचानक सदन का माहौल तब बदल गया जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बीच भाषण में गृह मंत्री अमित…

आज की टॉप-5 बड़ी खबरें: संसद में SIR पर सियासी संग्राम, कंगना का तीखा हमला, राहुल –मोदी–शाह की सीक्रेट मीटिंग, और सीतामढ़ी में HIV का खतरा

बी के झा नई दिल्ली, 10 दिसंबर बुधवार का दिन भारतीय राजनीति, संसदीय हलचल और सामाजिक चिंताओं का संगम रहा। लोकसभा के भीतर SIR पर गरमागरम बहस हुई, कंगना रनौत ने विपक्ष पर तीखा वार किया, सीतामढ़ी में HIV का बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय बना, वहीं दिन की सबसे चौंकाने वाली खबर थी—राहुल गांधी…

SIR पर शाह का विपक्ष को करारा जवाब, कंगना का तीखा वार—“मोदी EVM नहीं, दिल हैक करते हैं”; न्यायपालिका -कानून से लेकर सीतामढ़ी के संकट तक दिनभर की 5 बड़ी हलचलें

बी के झा नई दिल्ली / मद्रास , 10 दिसंबर संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार राजनीतिक तापमान के चरम पर पहुंच गया। लोकसभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव सुधारों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर “झूठ…

जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन : हिंदू आस्था, न्यायिक ईमानदारी और विपक्षी राजनीति के चक्रवात के बीच खड़े एक ‘असाधारण’ जज की असाधारण कहानी एक ऐसा विश्लेषण जो न्यायपालिका, राजनीति, धर्म और समाज—चारों विमर्शों को एक साथ खोलता है। भूमिका : भारत की न्यायिक परंपरा में एक अनोखा अध्याय

बी के झा नई दिल्ली,/ चेन्नई, 10 दिसंबर भारत में न्यायाधीश अलौकिक पदों पर बैठे देवतुल्य माने जाते हैं। वे दूसरों का मूल्यांकन करते हैं, अपने अंतर में झांकने की परंपरा नहीं रखते। लेकिन मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन इस परंपरा के ‘अपवाद’ हैं—इतने बड़े अपवाद कि वे भारतीय न्यायिक इतिहास में पहले जज…