बुर्का विवाद से सियासी भूचाल: नीतीश कुमार के खिलाफ FIR, इल्तिजा मुफ्ती की पहल और राष्ट्रीय बहस — अधिकार, आस्था, कानून और राजनीति के टकराव पर विशेष रिपोर्ट

बी के झा नई दिल्ली/ श्रीनगर/ पटना, 19 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा कथित “बुर्का खींचने” का मामला अब केवल एक वीडियो या बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देशव्यापी राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म दे दिया है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा…

समुदाय से बाहर विवाह, संपत्ति से बाहर बेटी: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला और निजी इच्छा की संवैधानिक सीमा

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर यह समुदाय से बाहर विवाह करने पर पिता द्वारा बेटी को संपत्ति से वंचित करने का मामला जब सर्वोच्च न्यायालय पहुँचा, तो वहां से भी बेटी को राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति के बंटवारे को लेकर उसकी…

तीन मिनट की लोकसभा, 111% उत्पादकता और लोकतंत्र का विरोधाभास* — शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन संसद के भीतर शोर, बाहर सवाल

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, लेकिन इसका अंतिम दिन भारतीय संसदीय इतिहास में एक गहरे प्रतीक के रूप में दर्ज हो गया। लोकसभा मात्र तीन मिनट चली, राज्यसभा करीब बीस मिनट, और इसके बावजूद लोकसभा अध्यक्ष ने पूरे सत्र की उत्पादकता…

संसद के शोर के बाद संवाद की चाय — सत्ता और विपक्ष की एक मेज़, लोकतंत्र की एक तस्वीर

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर संसद का शीतकालीन सत्र जैसे ही समाप्त हुआ, उसी परिसर में राजनीति का एक दूसरा, अपेक्षाकृत सौम्य और दृश्य उभरा। जहां कुछ घंटे पहले तक लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे, नारेबाजी और तीखी बहसें गूंज रही थीं, वहीं सत्र की समाप्ति के बाद ‘चाय पर चर्चा’ ने भारतीय…

धूल, आईना और सियासत यूपी विधानसभा के पहले ही दिन शायरी में टकराए योगी–अखिलेश, कोडीन कांड बना सियासी रणभूमि

बी के झा लखनऊ, 19 दिसंबर उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही साफ हो गया कि यह सत्र सिर्फ विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रहने वाला। पहले ही दिन कोडीन युक्त कफ सिरप कांड ने सदन और सियासत—दोनों को गर्मा दिया। पोस्टर, बैनर, कट-आउट और शायरी—सब कुछ साथ-साथ चला। सत्ता पक्ष और…

आस्था, इतिहास और कानून के चौराहे पर सियासत महंत राजूदास के बयान से उठा नया विवाद, हिंदुत्व की तीखी भाषा पर राजनीतिक-कानूनी बहस तेज

बी के झा बहराइच/अयोध्या, 19 दिसंबर अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत और हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू दास के ताज़ा बयान ने एक बार फिर आस्था, इतिहास और संवैधानिक मर्यादाओं के बीच खिंची रेखा को बहस के केंद्र में ला दिया है। बहराइच में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “बाबर…

पहचान, पद और परंपरा के बीच खड़ा विवाद बुर्का प्रकरण पर नीतीश के समर्थन में भाजपा, विरोध में विपक्ष; कानून, धर्म और लोकतंत्र पर नई बहस

बी के झा पटना, 19 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपते समय एक महिला का नकाब हटाने की घटना अब केवल एक वायरल वीडियो नहीं रही, बल्कि यह पहचान, सार्वजनिक पद, धार्मिक आस्था और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ी बड़ी राजनीतिक-सामाजिक बहस का रूप ले चुकी है। एक ओर…

हिजाब विवाद, बढ़ती सियासी तपिश और मुख्यमंत्री की सुरक्षा: बिहार अलर्ट मोड में

बी के झा पटना, 19 दिसंबर बिहार में हिजाब विवाद ने केवल राजनीतिक बहस को ही तेज नहीं किया है, बल्कि इसके दूरगामी प्रभाव अब राज्य की कानून-व्यवस्था और शीर्ष संवैधानिक पद की सुरक्षा तक जा पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सोशल मीडिया के माध्यम से मिली कथित धमकियों और खुफिया एजेंसियों के इनपुट…

बिहार बीजेपी को नया कप्तान: संजय सरावगी के हाथों में संगठन की कमान, सियासी मायनों में क्या बदलेगा?

बी के झा पटना, 18 दिसंबर पटना की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों की गूंज, कार्यकर्ताओं के हाथों में भगवा झंडे और रथ पर सवार एक अनुभवी नेता—बिहार भारतीय जनता पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संजय सरावगी का जिस भव्यता से स्वागत किया, वह सिर्फ़ औपचारिक सत्ता-हस्तांतरण नहीं था, बल्कि 2025 की सियासत का…

भूमिहार–ब्राह्मण विवाद: पहचान, इतिहास और राजनीति के त्रिकोण में फंसी नीतीश सरकार

बी के झा पटना, 18 दिसंबर बिहार की राजनीति एक बार फिर जातीय पहचान के संवेदनशील प्रश्न पर आ खड़ी हुई है। सवर्ण वर्ग में शामिल भूमिहार समाज द्वारा अपने नाम के साथ ‘ब्राह्मण’ शब्द जोड़े जाने की मांग ने न सिर्फ़ राज्य सवर्ण आयोग को असमंजस में डाला है, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की…