अलविदा ‘अजित दादा’… बारामती आज मौन है, महाराष्ट्र शोक में डूबा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई , राजनीति से परे एक प्रभावशाली जननेता को आख़िरी सलाम

बी के झा बारामती/मुंबई / न ई दिल्ली, 29 महाराष्ट्र की राजनीति का एक सशक्त, निर्णायक और जुझारू अध्याय गुरुवार को समाप्त हो गया। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज उनके गृह नगर बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है। सुबह 9 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी…

उइगर उत्पीड़न का सच उजागर करने वाले चीनी नागरिक को अमेरिका में शरण: बीजिंग-वॉशिंगटन टकराव की नई कड़ी

बी के झा वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क / न ई दिल्ली, 29 जनवरी चीन की सत्ता-व्यवस्था के भीतर से उठी एक आवाज़ को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मिल गया है। अमेरिका के एक इमिग्रेशन जज ने चीन के नागरिक गुआन हेंग (38) को शरण प्रदान करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि यदि उन्हें चीन वापस भेजा गया, तो…

कांतारा की चावुंडी दैव कौन हैं? रणवीर सिंह का मज़ाक क्यों आस्था, संस्कृति और कानून—तीनों पर भारी पड़ गया

बी के झा नई दिल्ली | 29 जनवरी फिल्म कांतारा ने भारतीय सिनेमा में केवल एक कहानी नहीं सुनाई थी, बल्कि उस लोक-आध्यात्मिक परंपरा को मुख्यधारा में ला खड़ा किया, जिसे सदियों तक ‘लोक’ कहकर हाशिये पर रखा गया। अब उसी परंपरा के एक दैवीय स्वरूप—चावुंडी दैव—को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह कानूनी और सामाजिक विवादों…

यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष का OCI कार्ड और भारत-EU FTA: कूटनीति, अर्थनीति और पहचान की त्रिवेणी

बी के झा नई दिल्ली/ब्रसेल्स, 27 जनवरी भारत और यूरोपीय संघ के बीच दो दशकों से अधिक समय से चली आ रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत के पूर्ण होने की घोषणा मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण में तब तब्दील हो गई, जब यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने सार्वजनिक…

क्या ब्राह्मणों का नरसंहार करना चाहते हैं? UGC नियम, शंकराचार्य विवाद और प्रशासन से टकराव पर अलंकार अग्निहोत्री का तीखा आरोप

बी के झा लखनऊ/बरेली/ न ई दिल्ली, 27 जनवरी उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का मामला अब एक प्रशासनिक घटनाक्रम भर नहीं रह गया है, बल्कि यह पहचान, प्रतिनिधित्व और शासन की संवेदनशीलता से जुड़े व्यापक राजनीतिक विमर्श में तब्दील हो चुका है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और…

UGC समानता नियमों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आश्वासन “कोई भेदभाव नहीं होगा, कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे”

बी के झा नई दिल्ली, 27 जनवरी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा अधिसूचित “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के विनियम, 2026” को लेकर देशभर में तेज होते विरोध और आशंकाओं के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान सामने आया है।उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और आलोचकों को भरोसा दिलाते हुए कहा…

मैं अभागा सवर्ण हूं, मेरा रौंया-रौंया उखाड़ लो UGC नियमों के विरोध में कुमार विश्वास की कविता, राजनीतिक बहस और सामाजिक मंथन तेज

बी के झा गाजियाबाद/नई दिल्ली, 27 जनवरी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समानता विनियम, 2026 को लेकर देशभर में जारी बहस अब केवल छात्र-शिक्षक संगठनों तक सीमित नहीं रही। इस विवाद में अब मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास की एंट्री ने इसे सांस्कृतिक और भावनात्मक विमर्श का रूप दे दिया है।मंगलवार को कुमार विश्वास…

क्या रिटायर्ड जजों के पास अपने विमान हैं? BCI पर CJI सूर्यकांत की कड़ी टिप्पणी, न्यायिक गरिमा और संस्थागत जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल

बी के झा “नई दिल्ली, 27 जनवरी सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान उस वक्त माहौल गंभीर हो गया, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की कार्यप्रणाली पर तीखी आपत्ति जताई। मामला—राज्य बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए गठित उच्च स्तरीय चुनाव समितियों में…

बांग्लादेश से दोस्ती पाकिस्तान को पड़ी भारी व्यापार घाटा बढ़ा, रणनीतिक उम्मीदें टूटीं, भारत बना अप्रत्याशित सहारा

बी के झा इस्लामाबाद/ढाका / न ई दिल्ली, 27 जनवरी अगस्त 2024 में जब बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हुआ, तो इस घटनाक्रम का सबसे ज़्यादा जश्न अगर कहीं मनाया गया, तो वह इस्लामाबाद था। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार उसके लिए दक्षिण एशिया में…

यूजीसी इक्विटी नियमों पर नई बहस: सवर्ण होकर समर्थन में उतरे गुरु रहमान, तेज हुई सियासी और बौद्धिक टकराहट

बी के झा पटना/नई दिल्ली, 27 जनवरी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए इक्विटी (समानता) नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े सामाजिक-राजनीतिक मंथन के केंद्र में आ गए हैं। जहां एक ओर सवर्ण वर्ग का बड़ा हिस्सा इन नियमों को “भेदभाव को बढ़ावा देने वाला” बता…