दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन: अल-फलाह यूनिवर्सिटी की पार्किंग में मिली चौथी संदिग्ध कार, मौके पर पहुंचा बम स्क्वॉड

बी के झा

NSK

फरीदाबाद / नई दिल्ली, 13 नवंबर

दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण धमाके की जांच हर दिन नए खुलासे कर रही है। अब जांच एजेंसियों को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की पार्किंग से एक और संदिग्ध कार मिली है। यह चौथी कार है जो अब तक इस आतंकी साजिश से जुड़ी हुई पाई गई है।मिली हुई कार सिल्वर कलर की मारुति ब्रेज़ा है, जिसे फिलहाल बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम जांच रही है। एटीएस और एनआईए की टीमें भी मौके पर पहुंच चुकी हैं।

डॉ. उमर नबी नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है कारसूत्रों के मुताबिक, यह ब्रेज़ा कार डॉ. उमर नबी के नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है, जो 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है।यह गाड़ी डॉ. शाहीन के नाम पर रजिस्टर्ड है — वही शख्स, जिसकी एक और कार कुछ दिन पहले फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान बरामद हुई थी, और उसमें पुलिस को एक असॉल्ट राइफल मिली थी।🔹 अब तक चार गाड़ियां आईं सामनेजांच में अब तक चार गाड़ियां सामने आ चुकी हैं —

पहली गाड़ी: मारुति स्विफ्ट — डॉ. शाहीन के नाम पर थी, फरीदाबाद रेड में मिली, जिसमें असॉल्ट राइफल बरामद हुई।

दूसरी गाड़ी: सफेद हुंडई i20 — जिसे आतंकी उमर नबी चला रहा था और यही कार ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई।

तीसरी गाड़ी: लाल रंग की इको स्पोर्ट — जांच अभी जारी है।

चौथी गाड़ी: सिल्वर ब्रेज़ा — जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी की पार्किंग में मिली है।फरीदाबाद पुलिस ने पूरे यूनिवर्सिटी कैंपस को अस्थायी रूप से सील कर दिया है।सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र को घेर लिया है और यूनिवर्सिटी प्रशासन से पूछताछ की जा रही है कि यह कार कब और किसने पार्क की थी।जांच एजेंसियों को शक है कि इस ब्रेज़ा का इस्तेमाल या तो विस्फोटक सामग्री के ट्रांसफर के लिए हुआ या आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में किया गया।

CCTV फुटेज में मिला अहम सुरागजांच के दौरान एक नया CCTV फुटेज भी सामने आया है।इसमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी को 10 नवंबर की सुबह बदरपुर बॉर्डर टोल प्लाज़ा से दिल्ली में प्रवेश करते हुए देखा जा सकता है।फुटेज में वह सफेद i20 कार चला रहा है और सुबह 8:02 बजे टोल प्लाज़ा पर नकद भुगतान करते दिख रहा है।

वीडियो में उमर लगातार CCTV कैमरे की ओर देख रहा है, जिससे साफ़ लगता है कि उसे पता था कि एजेंसियां उसकी तलाश में हैं।

अधिकारियों के अनुसार, कार की पिछली सीट पर एक बड़ा बैग रखा था, जिसमें विस्फोटक सामग्री होने की आशंका है।बाद में, एक और फुटेज में उमर को रामलीला मैदान के पास की गली में चलते हुए देखा गया, जहां उसका चेहरा साफ़ कैमरे में कैद हुआ।

सख्त एक्शन और बढ़ती जांच

दिल्ली ब्लास्ट के बाद से जांच एजेंसियां देशभर में छापेमारी कर रही हैं। अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहले से ही जांच के घेरे में थी, क्योंकि कुछ संदिग्धों के इससे संबंध बताए गए हैं।केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय के सभी रिकॉर्ड की फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दे रखा है।

राजनीतिक बयानबाज़ी पर विवाद

इस बीच, कुछ विपक्षी नेताओं के बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है।राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में जब एजेंसियां आतंकियों के नेटवर्क का सफाया कर रही हैं, विपक्ष की अनावश्यक बयानबाज़ी सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल तोड़ने वाली है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि आतंक के खिलाफ लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की है।

निष्कर्ष

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की पार्किंग में संदिग्ध ब्रेज़ा कार की बरामदगी से यह साफ़ हो गया है कि दिल्ली ब्लास्ट की साजिश कितनी गहरी और संगठित थी।अब जांच एजेंसियां उस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही हैं, ताकि देश की राजधानी पर हमला करने वालों को कड़ी सजा दी जा सके।

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