जिस झंडे के लिए खामेनेई ने संघर्ष किया, वह कभी जमीन पर नहीं गिरेगा” — अंतिम यात्रा के बीच ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा संदेश

बी के झा

NSK News

तेहरान / नई दिल्ली, 5 जुलाई

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई का सिलसिला पूरे देश में भावनात्मक माहौल के बीच जारी है। राजधानी तेहरान सहित विभिन्न शहरों में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच जनाजे की रस्में शुरू हो चुकी हैं। इसी दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्र के नाम एक भावुक संदेश जारी करते हुए कहा कि जिस विचारधारा और झंडे को ऊंचा रखने के लिए खामेनेई ने जीवनभर संघर्ष किया, उसे ईरान कभी झुकने नहीं देगा।

राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों में शहीद हुए खामेनेई की विरासत ईरानी जनता के संकल्प के रूप में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने कहा, “ईरान की महान जनता, जिसके दिल शोक से भरे हैं लेकिन उम्मीद से भी ओतप्रोत हैं, यह साबित करेगी कि जिस झंडे को बुलंद रखने के लिए हमारे शहीद नेता ने संघर्ष किया, वह कभी जमीन पर नहीं गिरेगा। हम उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे और दुनिया के उत्पीड़ित लोगों के लिए उनके नेतृत्व की मशाल जलाए रखेंगे।

जनसैलाब के बीच अंतिम विदाई

ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान स्थित ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला से शुरू हुए अंतिम संस्कार में लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। राजधानी में सोमवार को मुख्य अंतिम यात्रा निकाली जा रही है, जबकि इसके बाद मंगलवार को क़ोम और गुरुवार को मशहद में भी श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित होंगी। अंततः अयातुल्लाह अली खामेनेई को इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

आयोजकों ने बताया कि बुधवार को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी उनकी याद में विशेष शोक सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

रजा पहलवी ने साधा निशाना

जहां ईरान के भीतर खामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर भावनात्मक माहौल है, वहीं निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने इस पूरे आयोजन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे ईरानी सरकार का “प्रचार अभियान” करार देते हुए विदेशी प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस आयोजन को ईरानी जनता की वास्तविक भावना न समझें।पहलवी ने अपने संदेश में दावा किया कि देश की जनता उन हजारों लोगों के लिए शोक मना रही है, जिनकी मौत सरकार के दमन के दौरान हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता प्रतिष्ठान अपनी छवि सुधारने के लिए अंतिम यात्रा को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।

दुनिया भर से पहुंचे प्रतिनिधि

अंतिम संस्कार से पहले शुक्रवार को दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि, धार्मिक नेता और गणमान्य हस्तियां तेहरान पहुंचीं और अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। ईरानी प्रशासन का कहना है कि यह केवल एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि उनकी वैचारिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है।हालांकि, खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। एक ओर सरकार उनकी विरासत को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे ईरान की राजनीतिक व्यवस्था पर नए सिरे से विमर्श का अवसर मान रहा है। ऐसे में अंतिम यात्रा केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि ईरान की भविष्य की राजनीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी गहरा प्रभाव डालने वाली घटना के रूप में देखी जा रही है।

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