बी के झा
NSK News


देहरादून, 20 जुलाई
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ पर्यटन और तीर्थयात्रा पर भी व्यापक प्रभाव डाला है। पहाड़ों में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसी क्रम में देहरादून–मसूरी मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैंड के समीप सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने अगले आदेश तक इस मार्ग पर सभी प्रकार की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य होने तक किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया जाएगा।
सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया बड़ा फैसला
उप जिलाधिकारी, मसूरी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण सड़क की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ऐसे में किसी भी समय और अधिक धंसाव या भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। इसी को देखते हुए देहरादून–मसूरी मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों तथा आम नागरिकों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल जन-धन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
युद्धस्तर पर शुरू होगी मरम्मत
प्रशासन ने पुलिस विभाग को मार्ग पर यातायात प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल तकनीकी जांच कर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाकर यातायात बहाल किया जाए।
यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील
जिला प्रशासन ने पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे अगले आदेश तक देहरादून–मसूरी मार्ग पर यात्रा करने से बचें। आवश्यक होने पर केवल प्रशासन द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
चारधाम यात्रा पर भी बारिश की मार
लगातार खराब मौसम का असर राज्य की प्रतिष्ठित चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। प्रशासन ने बताया कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले विभिन्न मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।अधिकारियों के अनुसार, यात्रा तभी दोबारा शुरू की जाएगी जब सभी मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिए जाएंगे और मौसम की स्थिति अनुकूल होगी।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले कुछ समय तक भारी से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताई है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानों की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उनका मानना है कि ऐसे समय में अनावश्यक यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
प्रशासन की अपील
राज्य प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा से बढ़कर कोई यात्रा नहीं होती। मौसम सामान्य होने और मार्गों की पूर्ण मरम्मत के बाद ही यात्रा और यातायात को पुनः शुरू किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
फिलहाल उत्तराखंड में प्रकृति का रौद्र रूप प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में सावधानी, प्रशासनिक निर्देशों का पालन और अनावश्यक यात्रा से परहेज ही जनसुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है।
