बी.के. झा
NSK News



पटना/सीतामढ़ी/समस्तीपुर, 26 जुलाई
बिहार में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सीतामढ़ी में शनिवार देर रात ₹25 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी के भाई की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जबकि समस्तीपुर में स्कूल जा रही 12वीं की छात्रा की गोली मारकर हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। एक के बाद एक हो रही इन वारदातों को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है और अपराध पर नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया है।
सीतामढ़ी में ताबड़तोड़ गोलियों की गूंज, मौके पर ही हुई मौत
सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र के भभदेपुर के पास शनिवार रात अपराधियों ने दिनेश यादव को घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमलावरों ने इतने करीब से फायरिंग की कि दिनेश यादव को संभलने का अवसर तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।
मृतक दिनेश यादव, ₹25 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी राकेश यादव का भाई था। राकेश यादव सीतामढ़ी के चर्चित पुट्टू खान हत्याकांड में फरार चल रहा है। पुलिस इस हत्याकांड को गैंगवार, पुरानी रंजिश और आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर जांच कर रही है।
आधा दर्जन से अधिक खोखे मिले, पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी राजीव कुमार सिंह, नगर थाना प्रभारी और रीगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से आधा दर्जन से अधिक खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुटी है।
समस्तीपुर में स्कूल जा रही छात्रा की हत्या से दहशत
उधर, समस्तीपुर जिले के वैनी थाना क्षेत्र के तेजिया बिशनपुर गांव में 12वीं की छात्रा सुमन कुमारी की स्कूल जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, घर से कुछ ही दूरी पर पहले से घात लगाए हमलावर ने छात्रा पर कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और जिला आसूचना इकाई मौके पर पहुंची। घटनास्थल से चार खाली खोखे बरामद किए गए, जबकि छात्रा के शरीर पर तीन गोलियां लगने के निशान मिले। अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार पांडेय ने बताया कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
विपक्ष का हमला—’अपराधियों के सामने बेबस दिख रही सरकार’
लगातार हो रही हत्याओं को लेकर विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। विपक्षी नेताओं ने कहा कि हत्या, लूट और गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि कानून का डर कमजोर पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपराध पर अंकुश लगाने में अपेक्षित सफलता नहीं दिखा पा रही और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल साबित हो रही है।विपक्ष ने मांग की है कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी रणनीति अपनाए, पुलिस व्यवस्था को और जवाबदेह बनाए तथा संगठित अपराध और गैंगवार पर निर्णायक कार्रवाई करे।
सरकार और पुलिस पर उठ रहे सवाल
इन घटनाओं के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि लगातार हो रही हत्याएं पुलिस की कार्यशैली और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। उनका आरोप है कि यदि अपराधियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की जांच तेज गति से चल रही है। सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
बढ़ते अपराध से आमजन में असुरक्षा का भाव
सीतामढ़ी और समस्तीपुर की इन घटनाओं ने आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। एक ओर आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई में सरेआम हत्या हो रही है, तो दूसरी ओर छात्राओं तक को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इन मामलों का खुलासा कितनी तेजी से करती है और अपराधियों पर कितना प्रभावी शिकंजा कस पाती है।
