बी के झा
NSK News

श्रीनगर/गांदरबल,28 जुलाई
जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गई। गांदरबल जिले के गुंड (गनीवान) क्षेत्र में तीर्थयात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और नीचे स्थित एक मकान पर जा गिरी। हादसे के समय बस में कुल 39 श्रद्धालु सवार थे। दुर्घटना में सभी यात्री घायल हो गए, जिनमें अधिकांश को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारतीय सेना तथा स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। बचाव दल ने बिना समय गंवाए सभी घायलों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
खतरनाक मोड़ पर बिगड़ा संतुलन, मकान पर गिरी बस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस अमरनाथ गुफा से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को लेकर जा रही थी। गांदरबल के पहाड़ी मार्ग पर अचानक चालक बस से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद बस सड़क से फिसलते हुए नीचे एक मकान पर जा गिरी। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग सबसे पहले राहत कार्य में जुट गए। बाद में सुरक्षा बलों और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूरे अभियान की कमान संभाली।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह पहाड़ी मार्ग पर बस का नियंत्रण खोना माना जा रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लिया तत्काल संज्ञान
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तत्काल अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने गांदरबल के उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर घायलों के उपचार की समीक्षा की है।उपराज्यपाल ने कहा कि गनीवान में हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं का श्रीनगर स्थित SKIMS अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसी भी श्रद्धालु के इलाज में कोई कमी न रहे और सभी को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने भगवान शिव से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
राहत एवं बचाव अभियान बना मिसाल
हादसे के बाद जिस तेजी से पुलिस, ITBP, CRPF, सेना और स्थानीय नागरिकों ने समन्वय के साथ बचाव अभियान चलाया, उसकी व्यापक सराहना की जा रही है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद राहत दल ने कम समय में सभी घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे किसी बड़ी जनहानि को टाला जा सका।
28 अगस्त तक जारी रहेगी पवित्र यात्रा
गौरतलब है कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई से हुई थी और यह 28 अगस्त तक चलेगी। कुल 57 दिनों की इस यात्रा में अब तक 4.15 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं।
समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों से पहुंचते हैं। पहला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और दूसरा 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग, जो अपेक्षाकृत छोटा लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला माना जाता है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और तीर्थयात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से सभी श्रद्धालुओं को समय रहते चिकित्सकीय सहायता मिल गई, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।
