B K Jha

पांच किलो अनाज पर सियासी संग्राम: विधान परिषद में अशोक चौधरी–सुनील सिंह आमने-सामने, “झूठ साबित हुआ तो दे दूंगा त्यागपत्र की चुनौती

बी के झा पटना, 12 फरवरी बिहार विधान परिषद का सत्र उस समय गरमा गया जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले पांच किलो अनाज के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। बहस इतनी तीखी हो गई कि आरोप–प्रत्यारोप के बीच एक निर्दलीय एमएलसी ने यहां तक कह दिया—“अगर मेरी बात…

बिहार से दिल्ली तक श्रमिक आक्रोश: नए श्रम कानूनों के विरोध में देशव्यापी हड़ताल, सियासत, कानून और अर्थव्यवस्था के त्रिकोण में फंसी सरकार

बी के झा पटना/नई दिल्ली , 12 फरवरी देश एक बार फिर बड़े श्रमिक आंदोलन का साक्षी बना है। केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों की जगह लाए जा रहे चार नए श्रम कोड के विरोध में मंगलवार को बिहार सहित देशभर में बैंककर्मी, बीमा कर्मचारी, बिजली कर्मी, परिवहन, खनन और अन्य क्षेत्रों के श्रमिक…

कूटनीति, छवि और चुनौती: सऊदी अरब में प्रिंस विलियम की यात्रा पर उठते सवाल

बी के झा नई दिल्ली/ लंदन/रियाद, 11 फरवरी ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स, प्रिंस विलियम, एक ऐसे दौर में सऊदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं जब वैश्विक कूटनीति केवल समझौतों और हस्ताक्षरों का खेल नहीं रह गई है, बल्कि नैतिकता, मानवाधिकार और सार्वजनिक छवि का भी प्रश्न बन चुकी है। यह यात्रा ब्रिटिश…

संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सदस्यता और चीन का बदला रुख: क्या यह रणनीतिक संकेत है या कूटनीतिक संतुलन?

बी के झा नई दिल्ली, 11 फरवरी नई दिल्ली में 10 फरवरी 2026 को हुई भारत–चीन उच्चस्तरीय बैठक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता को लेकर भारत की “आकांक्षाओं को समझने और उनका सम्मान करने” का बयान,…

अप्रकाशित किताब, प्रकाशित विवाद जनरल नरवणे की सफ़ाई के बावजूद क्यों नहीं थम रहा सियासी और संवैधानिक संग्राम?

बी के झा नई दिल्ली, 11 फरवरी पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथात्मक किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ अब केवल एक किताब नहीं रह गई है। यह सत्ता, विपक्ष, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सैन्य गोपनीयता और संवैधानिक मर्यादाओं के टकराव का प्रतीक बन चुकी है। खुद लेखक और प्रकाशक द्वारा स्थिति स्पष्ट…

कानून सबके लिए समान या रसूख के आगे प्रशासन बेबस? मुजफ्फरपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान से लेकर स्मार्ट मीटर तक—जनाक्रोश, भरोसे का संकट और सत्ता की परीक्षा

बी के झा मुजफ्फरपुर / पटना, 11 फरवरी मुजफ्फरपुर में मंगलवार का दिन प्रशासन के लिए चेतावनी बनकर सामने आया। एक ओर अतिक्रमण हटाओ अभियान में कथित भेदभाव ने सड़कों पर आग जला दी, तो दूसरी ओर स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर जनता की बढ़ती शिकायतों ने सरकारी नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए। दोनों…

मधुबनी: जहां गोली से कानून डरता है और बॉर्डर से देश की सुरक्षा रिसती है बाइक लूट में युवक की हत्या, अफसरों पर पथराव और चीन-नेपाल कनेक्शन वाला साइबर फ्रॉड—बिहार में कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल

बी के झा मधुबनी / पटना, 11 फरवरी मधुबनी—मिथिला की सांस्कृतिक पहचान वाला यह जिला अब एक बार फिर अपराध, अराजकता और अंतरराष्ट्रीय साजिश के कारण राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है। मंगलवार को हुई दो घटनाओं ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी दिखा दिया कि…

नीट छात्रा मौत मामला: डीएनए से खुलेगा सच का दरवाज़ा या फिर देर से मिला न्याय? सीबीआई से पहले पटना पुलिस की अंतिम कोशिश, सवालों के घेरे में शुरुआती जांच और सिस्टम की संवेदनशीलता

बी के झा पटना , 11 फरवरी पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत और कथित दरिंदगी का मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। केस को सीबीआई को सौंपे जाने की सिफारिश के बावजूद, पटना पुलिस की विशेष…

बिहार में कानून की तीन तस्वीरें: सुबह एनकाउंटर, शाम लूट और रात को कुचला गया सिपाही पुलिस की गोली, अपराधियों की बेखौफी और सिस्टम की थकी हुई सांसें

बी के झा पटना/मुजफ्फरपुर/औरंगाबाद, 11 फरवरी बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को समझना हो तो किसी रिपोर्ट या आंकड़े की जरूरत नहीं।मंगलवार का दिन ही काफी है—सुबह पटना में एनकाउंटर,शाम मुजफ्फरपुर में ज्वेलरी शॉप लूट,और रात में वाहन चेकिंग कर रहे सिपाही की कुचलकर हत्या।तीन घटनाएं, तीन जगहें—लेकिन सवाल एक ही:क्या बिहार में कानून अब…

दरभंगा में मासूम की हत्या, सड़कों पर गुस्सा और सत्ता की परीक्षा रेप-मर्डर के बाद उपद्रव , गिरफ्तारियाँ और एसएसपी हटाने की मांग ने हिला दिया प्रशासन

बी के झा दरभंगा ( बिहार )10 फरवरी छह वर्षीया बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या ने दरभंगा ही नहीं, पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद जो कुछ सड़कों पर फूटा, वह सिर्फ आक्रोश नहीं था — वह व्यवस्था के प्रति टूटता भरोसा था। पुलिस ने…