B K Jha

जी राम जी’ की नई परिभाषा: रोज़गार बढ़ा, बोझ भी बढ़ा, बिहार पर पड़ेगा 2800 करोड़ का अतिरिक्त भार, मजदूरों को मिलेंगे 125 दिन का काम

बी के झा पटना/नई दिल्ली, 23 दिसंबर ग्रामीण रोज़गार योजना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर अब“विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन–ग्रामीण (वीबी जीरामजी)” कर दिया है।नाम बदलने के साथ ही योजना की वित्तीय संरचना में भी ऐसा परिवर्तन किया गया है, जिसने बिहार जैसे…

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाइए…” बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के सवाल पर इमरान मसूद का बयान, कांग्रेस के भीतर नेतृत्व बहस फिर तेज

बी के झा नई दिल्ली/लखनऊ/ढाका, 23 दिसंबर बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने न केवल अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ाई है, बल्कि भारत की घरेलू राजनीति में भी तीखी बयानबाज़ी को जन्म दे दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान— “प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाइए ना, फिर देखिए इंदिरा गांधी की…

मेरी बच्ची ने लंच भी नहीं किया था…” नारायणगंज में 13 साल की अलिफ़ा की हत्या ने बांग्लादेश की आत्मा को झकझोरा

बी के झा नारायणगंज/ढाका, नई दिल्ली, 23 दिसंबर चूल्हे पर आधा पका चावल, मां की हथेलियों में अभी भी गर्माहट, और घर के बाहर फैला सन्नाटा—यही वह आख़िरी दृश्य था, जब 13 साल की अलिफ़ा अपनी मां नसीमा की नज़रों से ओझल हुई।वह दोबारा कभी लौटकर नहीं आई।अगली सुबह, उसकी नन्ही लाश पड़ोस के दरवाज़े…

ढाका का पैंतरा या वाकई सुरक्षा की चिंता? भारत से ‘फुलप्रूफ सिक्योरिटी’ की मांग के पीछे बांग्लादेश की दोहरी रणनीति पर सवाल

बी के झा नई दिल्ली/ढाका, 23 दिसंबर भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक बार फिर कूटनीतिक तल्ख़ी देखने को मिल रही है। एक ओर भारत में बांग्लादेश के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो दूसरी ओर बांग्लादेश के भीतर भारत-विरोधी हिंसा, मंदिरों पर हमले और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की खबरें…

जल रहा बांग्लादेश, संकट में सनातन की धरोहर जसोरेश्वरी से अपर्णा तक—खतरे में सप्त शक्तिपीठ, सवाल सिर्फ आस्था का नहीं सभ्यता का

बी के झा ढाका/नई दिल्ली/कोलकाता, 23 दिसंबर बांग्लादेश आज केवल राजनीतिक अस्थिरता से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक क्षरण और सभ्यतागत संकट से गुजर रहा है। लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर पड़ने के साथ-साथ जिस चीज़ पर सबसे गहरी चोट पड़ी है, वह है उसकी सनातन शाक्त परंपरा— वह परंपरा, जिसने इस भूभाग को कभी आर्यावर्त और बंगाल…

भारत के सख्त रुख से बौखलाया बांग्लादेश इंडियंस के लिए वीजा सेवाएं सस्पेंड, रिश्तों में अभूतपूर्व तल्खी

बी के झा नई दिल्ली / ढाका, 23 दिसंबर भारत और बांग्लादेश के संबंध इस समय अपने सबसे नाज़ुक दौर से गुजर रहे हैं। भारत द्वारा चटगांव स्थित भारतीय वीजा एप्लीकेशन सेंटर की सेवाएं निलंबित किए जाने के बाद अब बांग्लादेश ने भी जवाबी कदम उठाते हुए नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग से भारतीय नागरिकों…

अमेरिका की शरण में क्यों गए मोहम्मद यूनुस? क्या ‘ट्रंप का देश’ बचा पाएगा जलते बांग्लादेश को?

बी के झा ढाका / वॉशिंगटन / नई दिल्ली, 23 दिसंबर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रो. मोहम्मद यूनुस इस समय अपने जीवन के सबसे कठिन राजनीतिक दौर से गुजर रहे हैं। जिस बांग्लादेश को “लोकतांत्रिक संक्रमण” की प्रयोगशाला बताया जा रहा था, वह आज हिंसा, अराजकता और…

न तो फ्री, न ही फेयर’ भारत–न्यूज़ीलैंड ट्रेड डील पर वेलिंगटन में विद्रोह, डेयरी बना सबसे बड़ा टकराव

बी के झा नई दिल्ली / वेलिंगटन, 23 दिसंबर भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सोमवार को घोषित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भले ही काग़ज़ों पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया हो, लेकिन इसके ऐलान के साथ ही न्यूज़ीलैंड की घरेलू राजनीति में तीखा भूचाल आ गया है। जिस करार को प्रधानमंत्री…

आव्रजन बना भारत–न्यूज़ीलैंड FTA का सबसे बड़ा रोड़ा, व्यापार समझौते पर भीतर ही भीतर सुलग रही वेलिंगटन की सियासत

बी के झा वेलिंगटन / नई दिल्ली, 23 दिसंबर भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जहां आर्थिक साझेदारी की नई इबारत लिखने की ओर बढ़ता दिख रहा है, वहीं वेलिंगटन की घरेलू राजनीति में यह समझौता अब आव्रजन और श्रम बाजार के मुद्दे पर तीखे टकराव का कारण बन गया है।…

प्रमोशन की कीमत मौत? मजहब के अपमान’ का झूठा नैरेटिव और जिंदा जलाया गया दीपू चंद्र दास

बी के झा ढाका / मयमनसिंह / न ई दिल्ली, 23 दिसंबर बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की जिंदा जलाकर की गई निर्मम हत्या अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रही, बल्कि यह भीड़ की हिंसा, मजहबी उन्माद और सुनियोजित झूठे आरोपों की भयावह तस्वीर बनकर उभरी है।…