बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 14 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने रविवार रात कुल 71 उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाई, जिनमें कई दिग्गजों के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है।इस सूची में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय और प्रेम कुमार जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं।
बीजेपी ने इस लिस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अब अनुभव और युवा जोश दोनों को साथ लेकर मैदान में उतरने जा रही है।
पहली लिस्ट में कौन-कौन, कहां से मिला टिकट?नीचे बीजेपी की पहली सूची के प्रमुख नाम —विधानसभा क्षेत्र उम्मीदवार का नामबेतिया रेणु देवीपरेहार गायत्री देवीकिशनगंज स्वीटी सिंहजमुई श्रेयसी सिंहसिवान मंगल पांडेयतारापुर सम्राट चौधरीलखीसराय विजय कुमार सिन्हाकटिहार तारकिशोर प्रसादगया शहर डॉ. प्रेम कुमारबांका राम नारायण मंडलदरभंगा संजय सरावगीकुम्हरार संजय गुप्ताबांकीपुर नितिन नबीनदानापुर रामकृपाल यादवआरा संजय सिंह ‘टाइगर’पूर्णिया विजय कुमार खेमकाबेनीपट्टी विनोद नारायण झाबिस्फी हरिभूषण ठाकुर बचौलझंझारपुर नीतीश मिश्रामोतिहारी प्रमोद कुमारऔराई रमा निषादसहरसा आलोक रंजन झादरौंदा कर्णजीत सिंहपटना साहिब रत्नेश कुशवाहाबिक्रम सिद्धार्थ सौरवअरवल मनोज शर्माऔरंगाबाद त्रिविक्रम सिंहगुरुआ उपेंद्र दांगी(अन्य सीटों पर भी पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए उम्मीदवार उतारे हैं।)
वरिष्ठ नेताओं और नए चेहरों का संगम
बीजेपी की इस लिस्ट में पुराने और नए दोनों चेहरों को बराबर तवज्जो दी गई है।डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को उनकी परंपरागत सीट तारापुर से टिकट दिया गया है।पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद कटिहार से फिर मैदान में हैं।विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से,रेणु देवी बेतिया से,जबकि ओलंपियन श्रेयसी सिंह जमुई से फिर अपनी किस्मत आजमाएंगी।पार्टी ने इस बार महिलाओं और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को भी तरजीह दी है, जिससे बीजेपी का सामाजिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास साफ झलकता है।
NDA सीट शेयरिंग: साझेदारी बनी,
सियासी हलचल जारी बीजेपी की यह लिस्ट NDA के अंदर हुए सीट बंटवारे के ऐलान के तुरंत बाद आई है।बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से —भाजपा और जेडीयू — 101-101 सीटों पर,लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) — 29 सीटों पर,जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (जीतनराम मांझी) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (उपेंद्र कुशवाहा) — 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।
बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब जेडीयू खेमे में बेचैनी देखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू के कई नेताओं को टिकट बंटवारे से आपत्ति है, और कुछ अंदरूनी चर्चाएं यह भी हैं कि नीतीश कुमार की टीम महागठबंधन से ‘बैक-चैनल’ संपर्क में है।
जेडीयू में हलचल — क्या नीतीश फिर पलटी मारेंगे?बीजेपी के सूत्रों ने दावा किया है कि सबकुछ ठीक है, लेकिन जेडीयू के भीतर से अलग सुर निकल रहे हैं।
एक जेडीयू नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा —संभावना बहुत है कि हमारी पार्टी फिर से महागठबंधन के साथ जा सकती है। तेजस्वी और राहुल गांधी से फाइनल बातचीत जारी है। अगले 24 घंटे में तस्वीर साफ हो जाएगी।इस बयान ने बिहार की सियासत में एक नया सस्पेंस पैदा कर दिया है।अगर ऐसा होता है तो यह एनडीए के लिए बड़ा झटका होगा और बीजेपी के लिए एक बार फिर “पलटूराम राजनीति” का सामना करने की स्थिति बन सकती है।
बीजेपी की रणनीति: मोदी फैक्टर और युवाओं पर दांव
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट से यह साफ संकेत दिया है कि वह इस बार “मोदी मैजिक + ग्राउंड स्ट्रक्चर” पर भरोसा कर रही है।लिस्ट में युवाओं और महिलाओं को तरजीह देकर पार्टी ने यह भी जताया है कि वह “नई पीढ़ी की राजनीति” को केंद्र में रखकर मैदान में उतरेगी।साथ ही सम्राट चौधरी और तारकिशोर प्रसाद जैसे नेताओं के जरिए पार्टी ने “नीतीश के संभावित पलटवार” से पहले ही खुद को मजबूत कर लिया है।
विश्लेषण: पहली लिस्ट में बीजेपी ने साधा जातीय, क्षेत्रीय और सत्ता समीकरणबीजेपी की 71 सीटों की यह पहली लिस्ट सिर्फ उम्मीदवारों की घोषणा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है —पार्टी अब किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपने दम पर बिहार का नेतृत्व करने को तैयार है।
”जहां एक ओर पार्टी ने कोर वोट बैंक को साधा है, वहीं दूसरी ओर दलित, पिछड़ा और महिला वर्ग में भी संदेश देने की कोशिश की है।अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जेडीयू कब अपनी लिस्ट जारी करती है और नीतीश कुमार अगला कदम क्या उठाते हैं।
निष्कर्ष:
भाजपा की शतरंज की बिसात बिछी, अब नीतीश की चाल का इंतज़ार
बीजेपी की इस पहली लिस्ट के साथ बिहार का चुनावी रण पूरी तरह सज चुका है।एनडीए के भीतर सियासी खींचतान के बावजूद बीजेपी ने अपने “प्लान बी” को सक्रिय कर दिया है।अब सवाल सिर्फ एक है —क्या नीतीश कुमार एनडीए के साथ रहेंगे या एक बार फिर पलटी मारकर इतिहास दोहराएंगे?
बिहार की जनता इस राजनीतिक ड्रामे के अगले अध्याय का इंतज़ार कर रही है।
