“चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई, सत्ता की शपथ की तैयारी” सुनेत्रा पवार के शपथग्रहण पर शिवसेना (UBT) का तीखा प्रहार, महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिकता बनाम मजबूरी की बहस

बी के झा मुंबई /न ई दिल्ली, 31 जनवरी महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों शोक, सत्ता और संदेह—तीनों के संगम से गुजर रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन को अभी कुछ ही दिन बीते हैं। बारामती शोक में डूबी है, पवार परिवार गहरे सदमे में है, लेकिन इसी बीच सत्ता के गलियारों में…

आनंदपुर अग्निकांड: हादसा, साज़िश या सत्ता-संरक्षण? अमित शाह के आरोपों से बंगाल की राजनीति में उठा तूफ़ान

बी के झा उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल/ न ई दिल्ली, 31 जनवरी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के आनंदपुर में स्थित वॉव मोमो गोदाम में लगी भीषण आग अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं रह गई है। यह घटना राज्य की राजनीति, प्रशासनिक जवाबदेही और कथित सत्ता-संरक्षण के आरोपों के केंद्र में…

लोकतंत्र का अधूरा सपना: चुनावी शुचिता, वैचारिक पतन और भारतीय गणराज्य पर हामिद अंसारी की कठोर टिप्पणी

बी के झा नई दिल्ली, 31 जनवरी भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश की लोकतांत्रिक और चुनावी व्यवस्था पर एक गंभीर और असहज करने वाला आत्ममंथन प्रस्तुत किया है। अपनी नई पुस्तक ‘Arguably Contentious: Thoughts on a Divided World’ में अंसारी न केवल भारतीय लोकतंत्र की सीमाओं को रेखांकित करते हैं, बल्कि यह…

जेल, जल और न्याय: सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने खड़े किए गंभीर संवैधानिक सवाल

बी के झा नई दिल्ली / जोधपुर, 31 जनवरी जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत का बिगड़ना अब महज एक चिकित्सा मामला नहीं रह गया है। यह घटना भारतीय दंड व्यवस्था, जेल प्रशासन की जवाबदेही और कैदियों के मौलिक अधिकारों को लेकर एक बड़े राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनती जा रही है।…

मुस्लिम’ शब्द से परहेज? कांग्रेस के भीतर उठते सवाल और ओवैसी की चुनौती

बी के झा नई दिल्ली , 31 जनवरी बिहार विधानसभा चुनाव और महाराष्ट्र (खासकर मुंबई) के निकाय चुनावों ने कांग्रेस के भीतर एक नई बहस और बेचैनी को जन्म दे दिया है। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के बढ़ते प्रभाव और कांग्रेस की मौन रणनीति ने पार्टी के कुछ मुस्लिम नेताओं को खुलेआम नेतृत्व पर सवाल…

अजित पवार: सत्ता, परिवार और भारतीय राजनीति का जटिल व्याकरण

बी के झा बारामती /मुंबई/ नई दिल्ली, 28 जनवरी — एक युग, एक प्रयोग और एक अंत“हयात ले के चलो, कायनात ले के चलोचलो तो सारे ज़माने को साथ ले के चलो”— मख़दूम मुहिउद्दीन28 जून 2024 को महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में पढ़ा गया यह शेर केवल एक साहित्यिक क्षण नहीं था, बल्कि वह…

अजित पवार का अंत: एक दुर्घटना, अनेक सवाल और भारतीय राजनीति की सामूहिक प्रतिक्रिया — शोक, संयम और साज़िश के बीच लोकतंत्र की परीक्षा

बी के झा बारामती (महाराष्ट्र) / न ई दिल्ली, 28 जनवरी महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे में हुई मृत्यु ने न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। यह एक ऐसी त्रासदी है, जिसमें सत्ता, परिवार, प्रशासन और राजनीति—सब एक साथ शोक में डूबे दिखाई…

अजित पवार के निधन पर सियासत गरमाई: फडणवीस और शिंदे का तीखा संदेश—‘शोक के क्षणों में राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण’

बी के झा मुंबई/बारामती। नई दिल्ली, 29 जनवरी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। बुधवार सुबह बारामती में उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद…

अलविदा ‘अजित दादा’… बारामती आज मौन है, महाराष्ट्र शोक में डूबा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई , राजनीति से परे एक प्रभावशाली जननेता को आख़िरी सलाम

बी के झा बारामती/मुंबई / न ई दिल्ली, 29 महाराष्ट्र की राजनीति का एक सशक्त, निर्णायक और जुझारू अध्याय गुरुवार को समाप्त हो गया। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज उनके गृह नगर बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है। सुबह 9 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी…

उइगर उत्पीड़न का सच उजागर करने वाले चीनी नागरिक को अमेरिका में शरण: बीजिंग-वॉशिंगटन टकराव की नई कड़ी

बी के झा वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क / न ई दिल्ली, 29 जनवरी चीन की सत्ता-व्यवस्था के भीतर से उठी एक आवाज़ को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मिल गया है। अमेरिका के एक इमिग्रेशन जज ने चीन के नागरिक गुआन हेंग (38) को शरण प्रदान करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि यदि उन्हें चीन वापस भेजा गया, तो…