RSS की ‘ताकत’ पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी से कांग्रेस में वैचारिक भूचाल — ‘ *मजबूत तो डाकू भी होता है’, खुर्शीद की शोले-उपमा से तीखी बहस

बी.के. झा नई दिल्ली, 28 दिसंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा आरएसएस–भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना ने न केवल सियासी हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि कांग्रेस के भीतर भी गहरे वैचारिक मतभेद को उजागर कर दिया है। मामला अब एक ट्वीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कांग्रेस की विचारधारा, रणनीति…

हादी हत्याकांड पर सीमा-पार सियासत: ‘भारत भागे आरोपी’ के दावे पर मेघालय पुलिस–BSF का कड़ा खंडन, बांग्लादेशी तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल

बी के झा नई दिल्ली/शिलांग/ढाका, 28 बांग्लादेश के चर्चित सामाजिक–राजनीतिक कार्यकर्ता और इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद अब यह मामला सिर्फ आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सीमा-पार सियासत, सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता और मीडिया नैरेटिव की लड़ाई में तब्दील होता दिख रहा है। बांग्लादेशी पुलिस…

आतंक के खिलाफ निर्णायक बढ़त: पहली बार हथियारों का राष्ट्रीय डेटाबेस, सुरक्षा तंत्र में ऐतिहासिक बदलाव

बी के झा नई दिल्ली, 26 दिसंबर भारत ने आतंकवाद, नक्सलवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में एक ऐसा कदम उठाया है जिसे सुरक्षा विशेषज्ञ “गेम-चेंजर” मान रहे हैं। देश में पहली बार ‘लॉस्ट, लूटेड एंड रिकवरड फायरआर्म (LLRFA) डेटाबेस’ को औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह…

न्याय के एक नहीं, तीन दरवाज़े: CJI सूर्यकांत की ‘मल्टी-डोर कोर्ट’ परिकल्पना और भारतीय न्याय व्यवस्था का नया भविष्य

बी के झा * नई दिल्ली, 26 दिसंबर भारतीय न्याय व्यवस्था लंबे समय से एक ही बड़ी चुनौती से जूझ रही है—न्याय में देरी। इसी पृष्ठभूमि में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने न्याय के स्वरूप को नए सिरे से परिभाषित करने की एक दूरदर्शी परिकल्पना सामने रखी है—‘मल्टी-डोर कोर्टहाउस’। यह विचार न…

निजी अहं बनाम राष्ट्रीय हित: ट्रंप की ‘नोबेल कूटनीति’ और भारत –अमेरिका संबंधों की दरार

बी के झा नई दिल्ली, 26 दिसंबर भारत और अमेरिका के रिश्ते दशकों से रणनीतिक साझेदारी, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और चीन को संतुलित करने की भू-राजनीतिक जरूरतों पर टिके रहे हैं। लेकिन बीते छह महीनों में यह रिश्ता जिस तेजी से तनावपूर्ण हुआ है, उसने वॉशिंगटन से लेकर नई दिल्ली तक कई सवाल खड़े कर…

आसिम मुनीर की बढ़ती बेचैनी: जब तालिबान ‘एयर फोर्स’ की बात करे, तो यह धमकी नहीं, चेतावनी होती है

बी के झा नई दिल्ली/ इस्लामाबाद, 26 दिसंबर पाकिस्तान इस समय इतिहास के सबसे जटिल आंतरिक सुरक्षा संकटों में से एक से गुजर रहा है। एक तरफ बलोचिस्तान में उग्रवादियों ने पाकिस्तानी रेलवे जैसी रणनीतिक जीवनरेखा को ठप कर दिया है, तो दूसरी ओर अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ऐसा एलान कर दिया है, जिसने…

उपद्रव, अव्यवस्था और जनसंख्या विस्फोट: बांग्लादेश में कंडोम संकट ने खोली राज्य की नीतिगत विफलता की परतें

बी के झा नई दिल्ली / ढ़ाका, 26 दिसंबर शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश जिस अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, वह अब केवल सड़कों पर दिखने वाले उपद्रव और राजनीतिक टकराव तक सीमित नहीं रह गया है। देश के भीतर एक मौन लेकिन बेहद खतरनाक संकट आकार ले चुका है—परिवार…

ऑपरेशन सिंदूर का साया: पाकिस्तान की सीमाओं पर डर की तैनाती, एंटी-ड्रोन सिस्टम से ढकी एलओसी

बी के झा नई दिल्ली/ इस्लामाबाद, 26 दिसंबर ऑपरेशन सिंदूर अब केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सामरिक मानस में स्थायी भय का प्रतीक बन चुका है। भारत द्वारा किए गए सटीक और निर्णायक हवाई हमलों ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान की उस आत्मछवि को भी…

नए साल से पहले युद्धविराम की आहट? ज़ेलेंस्की–ट्रंप मुलाक़ात से बढ़ी उम्मीदें, मॉस्को अब भी सख़्त

बी के झा नई दिल्ली/कीव/वॉशिंगटन/मॉस्को, 26 दिसंबर लगभग चार वर्षों से यूरोप को झुलसाती रूस–यूक्रेन जंग को लेकर पहली बार साल के अंत से पहले ठोस राजनीतिक फैसलों की संभावना उभरती दिख रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने साफ संकेत दिए हैं कि नए साल से पहले युद्ध समाप्ति की दिशा में निर्णायक…

ये यहूदियों का अधिकार है…” — वेस्ट बैंक बस्तियों पर क्यों भड़का इज़रायल, पश्चिम से टकराव के मायने क्या हैं?

बी के झा नई दिल्ली/तेल अवीव / यरुशलम / यूरोपीय राजधानियाँ, 26 दिसंबर गाज़ा युद्ध, हिज़्बुल्लाह की चुनौती और ईरान के साये के बीच घिरे इज़रायल ने अब पश्चिमी सहयोगियों को भी सख़्त संदेश दे दिया है। वेस्ट बैंक (जुडिया–सामरिया) में नई यहूदी बस्तियों को मंज़ूरी देने के फैसले पर जब 14 देशों ने संयुक्त…