हिजाब विवाद, बढ़ती सियासी तपिश और मुख्यमंत्री की सुरक्षा: बिहार अलर्ट मोड में

बी के झा पटना, 19 दिसंबर बिहार में हिजाब विवाद ने केवल राजनीतिक बहस को ही तेज नहीं किया है, बल्कि इसके दूरगामी प्रभाव अब राज्य की कानून-व्यवस्था और शीर्ष संवैधानिक पद की सुरक्षा तक जा पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सोशल मीडिया के माध्यम से मिली कथित धमकियों और खुफिया एजेंसियों के इनपुट…

बिहार बीजेपी को नया कप्तान: संजय सरावगी के हाथों में संगठन की कमान, सियासी मायनों में क्या बदलेगा?

बी के झा पटना, 18 दिसंबर पटना की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों की गूंज, कार्यकर्ताओं के हाथों में भगवा झंडे और रथ पर सवार एक अनुभवी नेता—बिहार भारतीय जनता पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संजय सरावगी का जिस भव्यता से स्वागत किया, वह सिर्फ़ औपचारिक सत्ता-हस्तांतरण नहीं था, बल्कि 2025 की सियासत का…

भूमिहार–ब्राह्मण विवाद: पहचान, इतिहास और राजनीति के त्रिकोण में फंसी नीतीश सरकार

बी के झा पटना, 18 दिसंबर बिहार की राजनीति एक बार फिर जातीय पहचान के संवेदनशील प्रश्न पर आ खड़ी हुई है। सवर्ण वर्ग में शामिल भूमिहार समाज द्वारा अपने नाम के साथ ‘ब्राह्मण’ शब्द जोड़े जाने की मांग ने न सिर्फ़ राज्य सवर्ण आयोग को असमंजस में डाला है, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की…

खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन: सीमांचल–कोसी को जोड़ने वाली 4000 करोड़ की सड़क, विकास की रफ्तार या सियासी इम्तिहान?

बी के झा नई दिल्ली/पटना, 18 दिसंबर बिहार के कोसी–सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ी बुनियादी सौगात की घोषणा ने उम्मीदों को नया पंख दे दिया है। खगड़िया से पूर्णिया तक 143 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो चुका है। करीब 4000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय…

सीओ से परेशान जनता को राहत का रास्ता: विजय सिन्हा का सख्त संदेश, अफसरों को चेतावनी—अब बहाने नहीं, जवाबदेही तय होगी

बी के झा पटना, 18 दिसंबर पटना के ज्ञान भवन में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण कार्यशाला महज एक सरकारी बैठक नहीं रही, बल्कि यह बिहार के राजस्व तंत्र को आईना दिखाने वाला मंच बन गई। उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा—“ अब जमीन के नाम…

बोतलबंद पानी पर PIL खारिज: CJI की तीखी टिप्पणी, ‘गांधी जी की तरह देश घूमिए, तभी दिखेगी पानी की असली तस्वीर’

बी.के. झा नई दिल्ली, 18 दिसंबर सुप्रीम कोर्ट में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने ऐसी टिप्पणी की, जिसने न केवल कानूनी जगत बल्कि सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में भी नई बहस छेड़ दी है। अदालत का संदेश…

हिजाब विवाद से कूटनीति तक: नीतीश कुमार के एक क्षण ने क्यों हिला दिया देश-विदेश का विमर्श

बी.के. झा नई दिल्ली/पटना, 18 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान एक मुस्लिम महिला आयुष डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना अब केवल एक स्थानीय राजनीतिक विवाद नहीं रही। यह मामला तेजी से संवैधानिक मर्यादा, महिला सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और भारत की वैश्विक छवि से जुड़ी…

नेशनल हेराल्ड केस: एक फ़ैसला, कई संकेत — क़ानून, राजनीति और लोकतंत्र के चौराहे पर खड़ा भारत

बी.के. झा नई दिल्ली, 18 दिसंबर राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फ़ैसला केवल एक चार्जशीट को खारिज करने तक सीमित नहीं है। यह निर्णय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली, राजनीतिक मुक़दमों की वैधानिकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सीमाओं पर गंभीर सवाल छोड़ जाता है। नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से…

आने वाले समय में—नेशनल हेराल्ड मामला: राहत या सिर्फ़ मोहलत? राहुल–सोनिया को अदालत से क्या सचमुच मिली है ‘क्लीन चिट’

बी.के. झा नई दिल्ली, 18 दिसंबर नेशनल हेराल्ड मामले में मंगलवार, 16 दिसंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट का फ़ैसला सुनते ही राजनीतिक गलियारों में शोर मच गया। कांग्रेस ने इसे “ऐतिहासिक जीत” करार दिया, तो बीजेपी ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा— “यह क्लीन चिट नहीं, केवल तकनीकी राहत है।”सवाल यही है— क्या राहुल गांधी…

बांग्लादेश–भारत संबंधों में बढ़ता तनाव: चुनावी राजनीति, कट्टरपंथ और 1971 की विरासत पर नई जंग विशेष राजनीतिक–विदेश नीति विश्लेषण

बी के झा ढाका/नई दिल्ली, 18 दिसंबर भारत के ‘सेवन सिस्टर्स’ राज्यों को अलग करने की धमकी के बाद अब बांग्लादेश की राजनीति में भारत-विरोध खुलकर सामने आने लगा है। बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के सदर्न चीफ़ ऑर्गेनाइज़र हसनत अब्दुल्लाह द्वारा भारतीय उच्चायुक्त को देश से बाहर निकालने की मांग ने न केवल…