वंदे मातरम् पर संसद में गरजी ऐतिहासिक बहस, “कांग्रेस ने किए टुकड़े, तुष्टीकरण की राजनीति ने तोड़ा राष्ट्रभाव”—PM मोदी सरकार राष्ट्रगान के पूर्ण संस्करण को लागू करने की तैयारी में, सियासत में उबाल

बी के झा नई दिल्ली , 8 दिसंबर लोकसभा का सोमवार का सत्र इतिहास की धाराओं को चीरता हुआ एक नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंचा। वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया। उनकी 38 मिनट की यह…

वंदे मातरम् पर संसद में 10 घंटे की बहस, बाहर बढ़ता जनाक्रोश — विरोधी दलों ने साधा केंद्र पर निशाना, विमर्श बनाम वास्तविकता की टकराहट

बी के झा नई दिल्ली , 8 दिसंबर सदन के भीतर “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने पर ऐतिहासिक बहस चली, लेकिन संसद के बाहर पूरा राजनीतिक परिदृश्य एक अलग ही तापमान पर था। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस, जवाहरलाल नेहरू और मुस्लिम लीग पर तीखे तेवर दिखाए, वहीं विपक्षी दलों ने…

बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर का ‘राजनीतिक विद्रोह’ — नई पार्टी, 135 सीटों की घोषणा और ममता बनर्जी को सीधी चुनौती, संपत्ति, सियासत, रणनीति और समीकरणों का बड़ा खेल, बंगाल की सियासत में उभरता एक नया ‘गेम चेंजर’?

बी के झा नई दिल्ली/ कोलकाता, 8 दिसंबर पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों असाधारण उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।इस तूफ़ान का केंद्र हैं—मुर्शिदाबाद के विधायक हुमायूं कबीर, जो बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले व्यक्तियों में शामिल रहे और अब ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से निर्णायक मोड़ पर अलग होकर नई…

बंगाल में बदले हालात? भाजपा नेताओं की चेतावनी—‘हिंदू अपनी ही भूमि पर द्वितीय श्रेणी के नागरिक बन जाएंगे

बी के झा ’ कोलकाता/ नई दिल्ली, 7 दिसंबर कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित विशाल गीता पाठ महायज्ञ ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई ऊर्जा भर दी है। पूरे राज्य से उमड़े लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और भाजपा नेताओं ने इसे सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि “सनातन चेतना का विराट ” बताया। आयोजन…

पुतिन के बाद अब ज़ेलेंस्की की बारी: क्या भारत कायम रख पाएगा कूटनीतिक संतुलन?

बी के झा नई दिल्ली | 7 दिसंबर 2025 रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा भले समाप्त हो गई हो, लेकिन दक्षिण ब्लॉक के गलियारों में कूटनीतिक हलचल थमी नहीं है। अब भारत की नज़र यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की की संभावित भारत यात्रा पर है—जो जनवरी 2026 की शुरुआत में…

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: “हम और कर सकते थे, पर भारत ने चुना संयम—यही हमारी ताकत है

बी के झा नई दिल्ली, 7 दिसंबर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर पर ऐसा वक्तव्य दिया जिसने भारत की सैन्य नीति, राजनीतिक संदेश और कूटनीतिक संतुलन—तीनों पर नई बहस छेड़ दी है। पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में मौजूद…

बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच धर्म-संबंधी आयोजनों की बढ़ती राजनीति — हुमायूं कबीर का ‘कुरान ख्वानी’ ऐलान चर्चा में

बी के झा कोलकाता/मुर्शिदाबाद / नई दिल्ली, 7 दिसंबर पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक प्रतीकों और सामूहिक आस्था-आयोजनों की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने रविवार को घोषणा की कि वह फरवरी में एक लाख लोगों की सहभागिता…

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर खुली चेतावनी: “फर्जीवाड़ा किया तो BLO की होगी पिटाई”—कांग्रेस विधायक सुदीप बर्मन का विवादित बयान

बी के झा अगरतला/इंद्रनगर / नई दिल्ली, 7 दिसंबर त्रिपुरा की राजनीति में रविवार को उस समय बड़ा तूफ़ान खड़ा हो गया, जब कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) को खुले मंच से धमकी देते हुए कहा कि “अगर किसी भी असली मतदाता का नाम हटाया गया या फर्जी नाम जोड़ा…

भारत-रूस की ‘अटूट दोस्ती’ से क्यों जल उठा पश्चिम? पूर्व राजदूत ने बताया असली कारण, दुनिया की नई राजनीति का पूरा गणित समझिए

बी के झा नई दिल्ली , 7 दिसंबर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा ने सिर्फ यह नहीं दिखाया कि दिल्ली-मॉस्को की दोस्ती कितनी पुरानी और मजबूत है, बल्कि इसने पश्चिमी देशों के राजनीतिक गलियारों और थिंक टैंकों में बेचैनी भी बढ़ा दी। पुतिन को रेड कार्पेट स्वागत और प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी…

क्रीमी लेयर पर पूर्व CJI गवई की बेबाक राय ने क्यों मचा दिया था तूफ़ान? कानून विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों ने बताई इसकी गहरी ‘राजनीतिक-सामाजिक’ परतें

बी के झा नई दिल्ली, 7 दिसंबर भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई एक बार फिर सुर्खियों में हैं—इस बार आरक्षण व्यवस्था की सबसे चुनौतीपूर्ण बहस “क्रीमी लेयर सिद्धांत” को लेकर। डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि कैसे SC समुदाय के लिए ‘क्रीमी लेयर लागू करने’ की अपनी…