चीन के विमानों को रूस के ऊपर उड़ने से रोकने का प्रस्ताव, अमेरिका-चीन तनाव बढ़ने का खतरा, अमेरिकी एयरलाइंस की शिकायत पर, चीन के खिलाफ व्यापारिक दबाव बढ़ा

बी के झा

NSK

वॉशिंगटन/बीजिंग, नई दिल्ली, 10 अक्टूबर

अमेरिका ने चीन की एयरलाइंस को रूस के हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने से रोकने का प्रस्ताव रखा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस मार्ग का इस्तेमाल करने से चीनी कंपनियों को उड़ान का समय कम करने और ईंधन की बचत का अनुचित लाभ मिल रहा है, जिससे अमेरिकी एयरलाइंस प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रही हैं।यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को और तीव्र कर सकता है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब चीन ने हाल ही में दुर्लभ खनिजों (rare earths) के निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जो अमेरिका के कई उद्योगों के लिए बेहद जरूरी हैं।अमेरिकी एयरलाइंस की लंबी शिकायतअमेरिकी एयरलाइंस ने लंबे समय से यह सवाल उठाया है कि क्यों चीनी कंपनियों को अमेरिका आने-जाने वाली उड़ानों के लिए रूस के ऊपर से मार्ग लेने की अनुमति दी गई है।उनका कहना है कि इस मार्ग से उन्हें उड़ान का समय घटाने, ईंधन की बचत और संचालन लागत कम करने का फायदा मिलता है। परिणामस्वरूप अमेरिकी एयरलाइंस प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रही हैं।हमें भारी नुकसान हो रहा है। चीनी एयरलाइंस के पास बेहतर मार्ग है और हमारे लिए बाजार में टिक पाना मुश्किल हो गया है।”— अमेरिकी एयरलाइन अधिकारियों का बयानरूस ने पहले ही अमेरिकी विमानों पर लगाया बैनविशेषज्ञों के अनुसार, रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका और अन्य विदेशी एयरलाइंस पर अपने हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, चीनी एयरलाइंस इस प्रतिबंध से बाहर थीं, और उन्होंने रूस के ऊपर से होकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई।अब अमेरिका की यह नई पहल रूस मार्ग के जरिए चीन को मिली बढ़त को रोकने का प्रयास है।कौन-सी उड़ानें प्रभावित होंगी?अमेरिकी परिवहन विभाग (U.S. Transportation Department) ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल यात्री उड़ानों पर लागू होगा, कार्गो या मालवाहक उड़ानों पर नहीं।इससे प्रभावित हो सकने वाली प्रमुख चीनी एयरलाइंस हैं:एयर चाइनाचाइना ईस्टर्न एयरलाइंसजियामेन एयरलाइंसचाइना सदर्न एयरलाइंसविशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्ताव लागू होने के बाद इन कंपनियों को अपनी उड़ानों के समय और मार्गों में बदलाव करना पड़ सकता है, जिससे उन्हें लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ेगा।अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में नया मोड़विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।अमेरिका की ओर से यह कदम घरेलू एयरलाइंस को संरक्षण देने और प्रतिस्पर्धा संतुलित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।चीन के हालिया दुर्लभ खनिजों पर प्रतिबंध ने पहले ही अमेरिका के उच्च तकनीक उद्योगों को प्रभावित किया है।यह केवल उड़ानों का मुद्दा नहीं है। यह रणनीतिक रूप से भी अहम कदम है, जो अमेरिकी उद्योगों और चीनी व्यापार शक्ति दोनों को प्रभावित करेगा।”— प्रोफेसर डेविड मिलर, इंटरनेशनल ट्रेड एंड स्ट्रैटेजी एक्सपर्ट, हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअगले कदम पर नजरअमेरिकी परिवहन विभाग ने प्रस्ताव पर जनता और एयरलाइन उद्योग से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका इस प्रस्ताव को लागू करता है, तो यह चीन के लिए नए व्यापारिक और राजनीतिक दबाव का संकेत होगा और दोनों देशों के बीच वैश्विक हवाई मार्ग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकता है।

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