CJI पर जूता फेंकने वाले वकील के पास मिला सनातन संदेश वाला नोट, रद्द हुई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्यता

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की घटना ने देशभर में हलचल मचा दी है। अब इस मामले में नई जानकारी सामने आई है — पुलिस को आरोपी वकील राकेश किशोर के पास से एक नोट मिला है, जिसमें लिखा था, “मेरा संदेश हर सनातनी के लिए है… सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान।”दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, यह नोट घटना के बाद आरोपी की तलाशी के दौरान बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि राकेश किशोर ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि वह CJI द्वारा खजुराहो मंदिर की भगवान विष्णु प्रतिमा पर दिए गए एक कथित बयान से गहराई से आहत था।पुलिस ने बताया — CJI की टिप्पणी से था आहतइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, किशोर ने पुलिस पूछताछ में कहा,16 सितंबर को चीफ जस्टिस की कोर्ट में एक व्यक्ति ने जनहित याचिका दाखिल की थी। गवई साहब ने उस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘आप मूर्ति से प्रार्थना करें, वह खुद अपना सिर दोबारा बना ले।’ यह सुनकर मैं बेहद दुखी और आहत हुआ।”किशोर ने यह भी कहा कि न्याय नहीं देना ठीक है, लेकिन इस तरह किसी धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाना अनुचित था। इसी आहत मनःस्थिति में उसने जूता फेंकने का कदम उठाया।दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर, सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गईघटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कोर्ट नंबर-1, जहां CJI गवई की बेंच बैठती है, उसके बाहर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है।पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें सिक्योरिटी डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक के बाद एक आंतरिक आदेश जारी किया गया, जिसमें निर्देश दिया गया है कि किसी भी “जूता फेंकने, स्याही फेंकने या विरोध प्रदर्शन” जैसी स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए।SCBA ने की सख्त कार्रवाई, सदस्यता रद्दघटना के 24 घंटे के भीतर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने राकेश किशोर की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।एसोसिएशन ने इसे वकील आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन बताया और सुप्रीम कोर्ट परिसर में उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया।गौरतलब है कि घटना के बाद CJI गवई ने रजिस्ट्रार जनरल को कोई एफआईआर दर्ज न कराने के निर्देश दिए थे। दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के बाद किशोर को उसी दिन रिहा कर दिया था, लेकिन अब उसके खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी जांच जारी है।सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ — नोट से मचा हड़कंपबरामद नोट के शब्द अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नोट में लिखा है:मेरा संदेश हर सनातनी के लिए है… सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”अधिकारियों का कहना है कि यह नोट आरोपी के विचारों और घटना की प्रेरणा को समझने में अहम भूमिका निभा सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे किसी संगठित समूह या सोशल मीडिया प्रभाव का असर था।पृष्ठभूमि: 16 सितंबर की सुनवाई से उपजा विवादमामला 16 सितंबर की उस जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता ने धार्मिक मूर्तियों को लेकर कोर्ट से एक आदेश मांगा था। उस पर CJI गवई की टिप्पणी को लेकर कुछ वर्गों ने सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई थी।इसी बयान के विरोध में 8 अक्टूबर को वकील राकेश किशोर ने कोर्ट नंबर-1 में सुनवाई के दौरान CJI की ओर जूता फेंक दिया, जिससे न्यायालय में अफरा-तफरी मच गई।न्यायपालिका में बढ़ा तनाव, देशभर के बार काउंसिल्स की नजरघटना के बाद न्यायपालिका की सुरक्षा और गरिमा पर नई बहस छिड़ गई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी कहा है कि अदालतों में सुरक्षा उपायों की समीक्षा जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की असम्मानजनक हरकत दोबारा न हो।फिलहाल दिल्ली पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी रखे हुए है और बरामद नोट की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए अगले सप्ताह नई गाइडलाइन जारी होने की संभावना है।

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