लालू यादव की मेहरबानी: शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को मिला रघुनाथपुर से टिकट, सिवान में फिर गरमाई सियासत

बी के झा

NSK

पटना/सिवान / नई दिल्ली, 15 अक्टूबर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच टिकट बंटवारे को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने सिवान के बाहुबली नेता रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को रघुनाथपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। लालू के इस फैसले से सिवान की सियासत एक बार फिर सुर्खियों में है।

हिना शहाब की सक्रियता लाई असर राजद से टिकट मिलने के पीछे शहाबुद्दीन परिवार की सक्रिय भूमिका मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि ओसामा की मां हिना शहाब ने कुछ महीने पहले ही लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात कर बेटे को रघुनाथपुर से टिकट देने की मांग की थी।

हिना ने साफ कहा था कि “रघुनाथपुर हमारी पारंपरिक सीट रही है, इसलिए पार्टी को यहां से मेरे बेटे को मौका देना चाहिए।”

राजद नेतृत्व ने हिना की इस मांग को स्वीकार करते हुए ओसामा शहाब को टिकट दे दिया।

हरिशंकर यादव ने छोड़ी सीट जानकारी के मुताबिक, मौजूदा विधायक हरिशंकर यादव, जिन्होंने दो बार राजद के टिकट पर रघुनाथपुर सीट जीती थी, उन्होंने ओसामा के लिए यह सीट छोड़ दी है।

पार्टी ने आधिकारिक रूप से उन्हें अन्य जिम्मेदारी सौंपने का आश्वासन दिया है।राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि हरिशंकर यादव का यह फैसला लालू के “सियासी संतुलन” का हिस्सा है, ताकि सिवान जिले में मुस्लिम-यादव समीकरण को मजबूत किया जा सके।

लालू का राजनीतिक संदेश

राजद के इस फैसले को लालू प्रसाद यादव के पुराने “मित्र परिवार” के प्रति वफादारी के रूप में भी देखा जा रहा है। शहाबुद्दीन न केवल सिवान में बल्कि पूरे बिहार में लालू के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। ओसामा को टिकट देना उस रिश्ते की पुनर्स्थापना की तरह है।

सिवान में फिर उठा ‘जंगलराज’ का मुद्दा

हालांकि इस कदम ने विरोधियों को नया मुद्दा दे दिया है। भाजपा और जदयू खेमे ने इसे “जंगलराज की वापसी” करार देते हुए कहा कि लालू यादव एक बार फिर अपराध और राजनीति के गठजोड़ को बढ़ावा दे रहे हैं

।एक स्थानीय निवासी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, “अगर ओसामा चुनाव जीत गए तो सिवान में फिर से डर का माहौल लौट आएगा। लोग अब भी शहाबुद्दीन के दौर को भूल नहीं पाए हैं।

”राजद में बढ़ी उम्मीदें वहीं राजद समर्थक इस फैसले को संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि शहाबुद्दीन परिवार का सिवान में गहरा जनाधार है और ओसामा के मैदान में उतरने से पार्टी को बड़ी मजबूती मिल सकती है।

ओसामा की युवा छवि और पारिवारिक विरासत उन्हें इस चुनाव में सुर्खियों के केंद्र में ला चुकी है

।क्या दोहराएगा सिवान पुराना इतिहास?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ओसामा शहाब अपने पिता की राजनीतिक विरासत को जनता के बीच सही दिशा में ले जा पाएंगे या फिर सिवान की सियासत एक बार फिर पुराने दौर की छाया में लौटेगी।

रघुनाथपुर सीट से उनके नाम की घोषणा के साथ ही बिहार का यह चुनाव अब और ज्यादा दिलचस्प हो गया है।

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