“मोदी के हनुमान चिराग ने भरी चुनावी हुंकार” — LJP (रामविलास) ने जारी की 29 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट, राजपूत और यादवों का वर्चस्व

बी के झा

NSK

पटना / नई दिल्ली, 16 अक्टूबर

बिहार की सियासत में चिराग पासवान ने एक बार फिर अपनी स्वतंत्र पहचान का बिगुल फूंक दिया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हनुमान” कहे जाने वाले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपने सभी 29 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।इस घोषणा के साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए के भीतर पहली असल हलचल देखी जा रही है — क्योंकि अब सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार इन सीटों पर अपने प्रत्याशियों को वापस लेंगे या टकराव की राह पर बढ़ेंगे?

29 सीटों पर LJP (रामविलास) की पूरी ताकतचिराग पासवान की पार्टी ने राजपूत और यादव समुदायों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है।सूत्रों के मुताबिक, लोजपा-आर ने राजपूत और यादव — दोनों समुदायों से 5-5 उम्मीदवार,जबकि पासवान और भूमिहार जाति से 4-4 प्रत्याशी उतारे हैं।इसके अलावा ब्राह्मण, तेली, पासी, सूढ़ी, रौनियार, कानू, रजवार, धोबी, कुशवाहा, रविदास और मुस्लिम समाज से एक-एक उम्मीदवार को टिकट मिला है।चिराग का यह संतुलन बताता है कि वह सामाजिक समीकरणों को साधते हुएराज्य में ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ एजेंडा को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

चिराग की पूरी सूची — जहां हर सीट एक संदेश हैविधानसभा सीट उम्मीदवार का नाम प्रमुख जातीय पृष्ठभूमि गोविंदगंज राजू तिवारी ब्राह्मण सिमरी बख्तियारपुर संजय कुमार सिंह राजपूत दरौली विष्णु देव पासवान पासवान गोरखा सीमांत मृणाल भूमिहार साहेबपुर कमाल सुरेंद्र कुमार यादवबखरी संजय कुमार रविदास परबत्ता बाबूलाल शौर्य यादव नाथनगर मिथुन कुमार तेरी पालीगंज सुनील कुमार भूमिहार ब्रह्मपुर हुलास पांडे राजपूत डेहरी राजीव रंजन सिंह भूमिहार बलरामपुर संगीता देवी पासीम खदुमपुर रानी कुमारी सूढ़ी ओबरी प्रकाश चंद्र कुशवाहा सुगौली राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता रौनियार बेलसंड अमित कुमार यादव मढ़ौरा सीमा सिंह राजपूत शेरघाटी उदय कुमार सिंह भूमिहार बोधगया श्यामदेव पासवान पासवान रजौली विमल राजवंशी रजवार गोविंदपुर बिनिता मेहता ब्राह्मण बोचहा बेबी कुमारी पासवान बख्तियारपुर अरुण कुमार यादव फतुहा रूपा कुमारी भूमिहार बहादुरगंज मो० कलीमुद्दीन मुस्लिम महुआ संजय कुमार सिंह राजपूत चेनारी मुरारी प्रसाद गौतम यादवमनेर जितेंद्र यादव यादवकसबा नितेश कुमार सिंह राजपूत

“मोदी मेरे अभिभावक, बिहार मेरी जिम्मेदारी” — चिराग का संदेश स्पष्टचिराग पासवान ने नामों की घोषणा के बाद कहा —प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे अभिभावक हैं। उनके आशीर्वाद से ही हमने बिहार के हर कोने तक ‘विकास का दीप’ जलाने का संकल्प लिया है।यह चुनाव मेरे लिए सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि पिता रामविलास पासवान के सपनों के बिहार का चुनाव है।”उन्होंने कहा कि हर प्रत्याशी युवा, ऊर्जावान और जनता के बीच सक्रिय है।चिराग ने यह भी दोहराया कि उनकी पार्टी NDA के साथ है, लेकिन “समझौते की राजनीति नहीं, सम्मान की राजनीति” में यकीन रखती है।

क्या नीतीश-चिराग में फिर टकराव तय है?राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज है —क्या नीतीश कुमार LJP (रामविलास) को दिए गए इन 29 सीटों पर JDU प्रत्याशी वापस लेंगे?या फिर 2020 की तरह दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे,जहां पिछली बार इस आपसी भिड़ंत ने कई सीटें RJD के खाते में पहुंचा दी थीं।एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक ने कहा —नीतीश और चिराग दोनों का लक्ष्य एक ही है — NDA में अपना वर्चस्व बढ़ाना।मगर रास्ते अलग-अलग हैं। अगर समन्वय नहीं हुआ तो**‘महागठबंधन’ के लिए यह सुनहरा मौका बन सकता है।”

सामाजिक संतुलन और नई रणनीति का मेलLJP (रामविलास) ने अपनी लिस्ट में जातीय संतुलन के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं को भी जगह दी है।29 में से 5 उम्मीदवार महिलाएं हैं, और लगभग एक दर्जन प्रत्याशी 40 वर्ष से कम आयु के हैं।चिराग की रणनीति साफ है —> “युवा चेहरों के साथ विकास और स्वाभिमान का नया राजनीतिक नैरेटिव खड़ा करना।”

राजनीतिक नतीजा चाहे जो हो, चिराग अब ‘फुटनोट’ नहीं — ‘फोकस’ हैंचिराग पासवान ने यह साबित कर दिया है कि वह अब किसी राजनीतिक दल की बी-टीम नहीं,बल्कि बिहार की राजनीति में एक स्वतंत्र शक्ति केंद्र हैं।उनकी यह लिस्ट सिर्फ उम्मीदवारों का ऐलान नहीं, बल्कि ‘NDA के भीतर NDA’ की परछाईं भी दिखाती है।2020 में जिन सीटों पर नीतीश और चिराग आमने-सामने थे, वहां दोनों हारे।लेकिन 2025 में जो हारेगा, वो बिहार की सियासत से किनारे भी हो सकता है।” — राजनीतिक टिप्पणी

निष्कर्ष:

बिहार में अब मुकाबला सिर्फ “महागठबंधन बनाम NDA” नहीं,बल्कि “नीतीश बनाम चिराग” का भी हो गया है।

मोदी के आशीर्वाद और पिता रामविलास की विरासत के सहारे चिराग मैदान में हैं —अब देखना यह होगा कि क्या ‘मोदी के हनुमान’राजनीतिक लंका में विजय पा सकेंगे, या फिर‘सीट बंटवारे की अग्निपरीक्षा’ में एनडीए के भीतर ही दरारें गहरी होंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *