बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 17 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव की आहट तेज़ हो चुकी है और इसी बीच एनडीए (NDA) में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बड़ा बयान देकर स्थिति साफ़ कर दी है।
एक टीवी चैनल के खास चुनावी शो ‘चुनाव मंच’ पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा — “एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रही है।”जायसवाल ने कहा कि आज का एनडीए विकसित बिहार का सपना लेकर मैदान में उतरा है और इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिलकर काम कर रहे हैं।‘युवाओं को नहीं पता जंगलराज का दौर क्या था’।
कार्यक्रम के दौरान जायसवाल ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा —आज के युवाओं को उस ‘जंगलराज’ का अंदाज़ा भी नहीं है, जब अपहरण, हत्या और फिरौती के मामले खुलेआम होते थे। फैसले मुख्यमंत्री आवास से तय होते थे। सड़कों की हालत खस्ता थी, लोग भय में जीते थे।
बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि आज बिहार की सूरत बदल चुकी है। नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में सड़कों का जाल बिछाया गया है और कानून व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।महिलाओं को मिल रहा उनका हक़
जायसवाल ने कहा कि बिहार में अब महिलाएं अपने हक़ को लेकर सजग हैं। महिला आरक्षण के लागू होने के बाद से राज्य की बहनें अपने अधिकार के प्रति जागरूक हुई हैं और सरकार उन्हें रोजगार और अवसर प्रदान कर रही है।बिहार में जो योजनाएं चल रही हैं, वे महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं,” उन्होंने जोड़ा।
तेजस्वी यादव पर तंज — ‘चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए’राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए जायसवाल ने कहा —तेजस्वी यादव चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। उन्हें जनता के संघर्ष का अंदाज़ा नहीं। उन्होंने गलती से ‘सरकारी नौकरी’ शब्द इस्तेमाल किया, जबकि उन्हें ‘रोज़गार’ कहना चाहिए था। उनका हर घर नौकरी देने का वादा सिर्फ़ चुनावी जुमला है।”पांचों सहयोगी दल पूरे दमखम से मैदान में
बीजेपी अध्यक्ष ने बताया कि इस बार एनडीए की सभी पांच पार्टियां पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा —हम सब मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और इस बार एनडीए शानदार प्रदर्शन करेगी।”‘
नीतीश हमारे अभिभावक हैं’ — शाह के बयान पर बोले जायसवाल
जब पत्रकारों ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “चुनाव के बाद विधायक दल तय करेगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा,” तो इस पर जायसवाल ने कहा —हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। वे हमारे अभिभावक हैं। उनका अनुभव और संतुलन बिहार की राजनीति की पूंजी है।
हालाँकि, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार इस व्यवस्था से संतुष्ट हैं या उन्हें भी पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तरह धीरे-धीरे राजनीति से किनारे करने की कोशिश हो रही है, तो जायसवाल कुछ क्षणों के लिए चुप रहे। फिर उन्होंने कहा —नीतीश कुमार हमारे सहयोगी दल के नेता हैं, न कि हमारे दल के। यह फैसला उनके दल और खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को करना है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।”
विश्लेषकों की राय — “गृह मंत्री के बयान के बाद एनडीए में खिंचाव साफ़”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गृह मंत्री अमित शाह के बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।
एक वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा —शाह के बयान के बाद यह तो साफ़ है कि चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा उत्थल-पुथल देखने को मिल सकता है। नीतीश कुमार एक अनुभवी और सतर्क नेता हैं। वे ऐसे संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करते।विश्लेषक ने यह भी कहा कि एनडीए के भीतर कुछ मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या चुनाव के बाद भी यह गठबंधन एकजुट रहेगा या नीतीश कुमार फिर से महागठबंधन की ओर रुख करेंगे।
निष्कर्ष
चुनावी मौसम में यह बयानबाज़ी बिहार की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दे रही है। जहाँ एक ओर बीजेपी खुलकर नीतीश कुमार के नेतृत्व की बात कर रही है, वहीं अमित शाह का बयान एक अलग संदेश दे गया है। आने वाले दिनों में बिहार की सियासत किस करवट बैठेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
