बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर संसद का शीतकालीन सत्र जैसे ही समाप्त हुआ, उसी परिसर में राजनीति का एक दूसरा, अपेक्षाकृत सौम्य और दृश्य उभरा। जहां कुछ घंटे पहले तक लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे, नारेबाजी और तीखी बहसें गूंज रही थीं, वहीं सत्र की समाप्ति के बाद ‘चाय पर चर्चा’ ने भारतीय…