बी के झा
NSK

बीजिंग/इस्लामाबाद/काबुल, नई दिल्ली, 10 अक्टूबर
पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरस्ट्राइक किए जाने के बाद चीन ने अपने नागरिकों और CPEC प्रोजेक्ट्स के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। चीनी खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS) ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी और तालिबानी क्षेत्रों में चीनी नागरिकों, दूतावासों और परियोजनाओं पर आतंकी हमलों की योजना बनाई जा रही है।यह सुरक्षा चेतावनी तब आई है जब पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ काबुल और पक्तिका प्रांत में हवाई हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।एयरस्ट्राइक का विवरणस्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने काबुल के डिस्ट्रिक्ट 8 और पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हमला किया।बरमल के मरगा बाजार में लगभग 10 दुकानें पूरी तरह तबाह हो गईं और कुछ में आग लग गई।विस्फोट के दौरान आसमान में विमानों की आवाजें सुनाई दीं।हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।इस हमले की पृष्ठभूमि में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का नाम लिया जा रहा है, जिसे पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय नियंत्रण रणनीति के लिए निशाना बना रहा है।चीन ने नागरिकों के लिए जारी किया अलर्टचीन की MSS ने अपने नागरिकों, दूतावास कर्मचारियों और CPEC से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर आतंकी हमलों की आशंका को लेकर ‘अधिकतम सतर्कता’ बरतने का निर्देश दिया है।इस अलर्ट में कहा गया कि इस्लामाबाद और कराची स्थित दूतावासों में कर्मचारियों की आवाजाही सीमित रखी जाए।ज़मीन पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।अलर्ट विशेष रूप से सैन्य ठिकानों और चीनी परियोजनाओं को लक्षित कर सकता है।सूत्रों के अनुसार, यह अलर्ट चीन की पाकिस्तान पर घटती भरोसेमंद स्थिति को भी दर्शाता है।चीन अब वैसा भरोसा पाकिस्तान की सेना और एजेंसियों पर नहीं करता जैसा पहले करता था। यह सुरक्षा अलर्ट बीजिंग की बढ़ती नाराज़गी और पाकिस्तान की सुरक्षा कमजोरियों की ओर इशारा करता है।”— भारतीय खुफिया सूत्र, CNN-News18 कोपाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनावपाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में कड़े शब्दों में कहा:बस, अब बहुत हो गया। हमारा धैर्य जवाब दे चुका है। अफगानिस्तान की धरती से आतंकवाद असहनीय है।”इस बयान के कुछ ही घंटों बाद काबुल में सिलसिलेवार विस्फोट हुए, जिससे सैन्य कार्रवाई की आशंका और बढ़ गई। पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से एयरस्ट्राइक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन घटनाओं का समय और संदर्भ इस संभावना की ओर इशारा कर रहा है।CPEC और चीनी निवेश की सुरक्षा पर चिंतापाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में चीनी परियोजनाओं और नागरिकों को कई बार आतंकी हमलों का सामना करना पड़ा है।बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसी संगठनों ने चीनी नागरिकों और इंजीनियरों को निशाना बनाया।वर्तमान सुरक्षा अलर्ट चीन-पाकिस्तान रिश्तों में दरार का संकेत माना जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस तनाव के चलते सुरक्षा उपाय मजबूत नहीं किए गए, तो CPEC प्रोजेक्ट्स की गति और चीन के निवेश पर गंभीर असर पड़ सकता है।विशेषज्ञों की राययह सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि चीन-पाकिस्तान संबंधों में विश्वास और रणनीतिक साझेदारी पर भी असर डाल सकता है। बीजिंग की चिंता यह है कि पाकिस्तान अब उन स्थितियों को प्रभावी रूप से नियंत्रित नहीं कर पा रहा है, जिन पर पहले भरोसा किया जाता था।”— अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ, बीजिंगनिष्कर्षपाकिस्तान का अफगानिस्तान में सैन्य हस्तक्षेप और चीन की सुरक्षा चेतावनी इस क्षेत्र में राजनीतिक और आर्थिक तनाव के नए दौर की शुरुआत कर सकते हैं।CPEC परियोजनाओं और चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब दोनों देशों के लिए प्राथमिकता बन गया है।
