RSS का विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू: 80 हज़ार स्वयंसेवक मैदान में, 40 लाख घरों तक पहुँचने का लक्ष्य

बी के झा

NSK

लखनऊ / नई दिल्ली, 21 नवंबर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने गुरुवार से अपना अब तक का सबसे व्यापक और दुनिया का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क अभियान शुरू कर दिया। संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक संगठन के विचार, राष्ट्रभावना और भारतीय संस्कृति की मूल अवधारणाओं को पहुँचाना है।यह अभियान न केवल आकार में विशाल है, बल्कि इसके पैमाने और कार्यकर्ता बल को देखते हुए इसे विश्व का सबसे बड़ा गृह सम्पर्क प्रयास माना जा रहा है।

80,000 कार्यकर्ता मैदान में — 20,000 टीमों में बंटी विशाल सेनाRSS द्वारा जारी जानकारी के अनुसार—अभियान में लगभग 80,000 स्वयंसेवक शामिल हैं।इन्हें 20,000 टीमों में बांटा गया है।सिर्फ अवध क्षेत्र में ही 40 लाख घरों से संपर्क करने का लक्ष्य है।लखनऊ में इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है, जहाँ स्वयंसेवकों ने पहले दिन ही कई प्रमुख हस्तियों से मिलकर अभियान की शुरुआत की।

घर-घर जाकर क्या किया जाएगा?इस व्यापक संपर्क

अभियान के तहत स्वयंसेवक—घर-घर जाकर भारत माता की तस्वीर भेंट कर रहे हैं,संघ के विचारों और कार्यप्रणाली से जुड़ा साहित्य दे रहे हैं,और लोगों से सीधे संवाद कर समाज में एकात्मता और राष्ट्र भावना के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं।संघ का मानना है कि विचारों और संस्कृति के स्तर पर सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए घर-घर तक पहुंच बनाना सबसे महत्वपूर्ण है।

प्रख्यात हस्तियों से भी मुलाकात लखनऊ में अभियान की शुरुआत के दौरान पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी,और सुप्रसिद्ध लेखिका विद्या बिंदु सिंहसे स्वयंसेवकों ने मुलाकात कर उन्हें संघ का साहित्य और भारत माता की तस्वीर भेंट की।इन मुलाकातों का उद्देश्य समाज के बौद्धिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तक भी संगठन का संदेश पहुँचाना है।

पूरे लखनऊ में अभियान की विस्तृत तैयारी लखनऊ प्रभाग के विभाग कार्यवाह अमितेश सिंह ने अभियान की संरचना पर विस्तृत जानकारी दी। उनके अनुसार—लखनऊ प्रभाग में 49 नगर,413 बस्तियां,और 1,652 उप-बस्तियां शामिल हैं।इन सभी में संगठित तरीके से पहुँच बनाने के लिए—कुल 4,956 टीमेंऔर 14,868 कार्यकर्ता मैदान में लगाए गए हैं, जो एक महीने तक घर-घर जाकर सम्पर्क करेंगे।

अभियान की अवधि: एक महीना, 21 दिसंबर को होगा समापन RSS का यह गृह सम्पर्क अभियान 21 दिसंबर तक चलेगा। इस एक महीने में स्वयंसेवकों का उद्देश्य न केवल सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाना है, बल्कि समाज के विविध वर्गों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें संघ की गतिविधियों से अवगत कराना है।

अभियान का महत्व — क्यों कहा जा रहा है इसे दुनिया का सबसे बड़ा संपर्क अभियान?

कार्यकर्ताओं की संख्या—80,000

संपर्क का पैमाना—40 लाख घर

क्षेत्रीय विस्तार—सैकड़ों नगर, बस्तियां और उप-बस्तियां

उद्देश्य—संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर समाज से सीधा संवादइतने बड़े पैमाने पर संगठित, संरचित और सतत संपर्क अभियान का उदाहरण विश्व स्तर पर दुर्लभ है। यही कारण है कि संघ इसे दुनिया का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान बता रहा है।

निष्कर्ष

RSS का यह व्यापक गृह सम्पर्क अभियान न केवल संघ की आगामी शताब्दी वर्ष की तैयारियों का हिस्सा है, बल्कि समाज से सीधा संवाद बढ़ाने की दिशा में एक विशाल पहल भी है। लाखों घरों तक पहुँच कर राष्ट्र, संस्कृति और समाजिक एकजुटता के संदेश को सीधे जन-जन तक ले जाने की कोशिश आने वाले समय में इसके व्यापक प्रभावों का संकेत देती है।

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