बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 10 अक्टूबर
बिहार की राजनीति में एक और दिलचस्प फेरबदल देखने को मिला है। जहानाबाद जिले की घोसी विधानसभा सीट पर सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।पूर्व जेडीयू विधायक राहुल शर्मा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ तेजस्वी यादव के पटना आवास पर पार्टी की सदस्यता ली।इस कदम के बाद घोसी सीट पर महागठबंधन (RJD-माले-कांग्रेस) के अंदर मतभेद गहराने की संभावना बढ़ गई है।घोसी सीट पर माले विधायक की कुर्सी पर संकटघोसी से फिलहाल सीपीआई (माले) के विधायक रामबली सिंह यादव प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।लेकिन राहुल शर्मा के राजद में आने के बाद इस सीट पर माले का टिकट फंसता हुआ नजर आ रहा है।पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव चाहते हैं कि 2025 विधानसभा चुनाव में यह सीट RJD के खाते में आए और राहुल शर्मा को उम्मीदवार बनाया जाए।वहीं, माले अभी इस सीट को छोड़ने के पक्ष में नहीं है।दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत जारी है, और माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय होगा।तेजस्वी की ‘मगध मिशन’ रणनीतिराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव ने राहुल शर्मा को राजद में शामिल कराकर मगध क्षेत्र के भूमिहार मतदाताओं को साधने की कोशिश की है।घोसी, जहानाबाद और अरवल—ये इलाके लंबे समय से भूमिहार राजनीति का केंद्र माने जाते हैं।राहुल के पिता जगदीश शर्मा इस इलाके में एक प्रभावशाली नेता रहे हैं।उन्होंने घोसी से आठ बार विधायक और जहानाबाद से एक बार सांसद रहकर अपना मजबूत जनाधार बनाया था।तेजस्वी का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि राजद परंपरागत रूप से पिछड़े, दलित और मुस्लिम मतदाताओं पर निर्भर रही है।अब वह सवर्ण समुदाय, खासकर भूमिहारों को जोड़कर वोट बैंक का सामाजिक संतुलन साधना चाह रही है।नीतीश से नाराजगी बनी वजहसूत्रों के अनुसार, जगदीश शर्मा ने 2024 लोकसभा चुनाव में जदयू से जहानाबाद सीट पर टिकट की मांग की थी।लेकिन पार्टी ने उनकी मांग नहीं मानी।इसके बाद से ही जगदीश और राहुल शर्मा नीतीश कुमार से नाराज चल रहे थे।आखिरकार राहुल ने जदयू छोड़कर तेजस्वी के नेतृत्व में आने का फैसला लिया। राजनीतिक समीकरणों का बदलता नक्शाइस घटनाक्रम के बाद जहानाबाद और आसपास के क्षेत्रों में राजद का राजनीतिक ग्राफ तेजी से ऊपर जा सकता है।क्योंकि राहुल शर्मा न केवल युवा और ऊर्जावान चेहरा हैं, बल्कि वे अपने पिता की विरासत से भी एक मजबूत पहचान रखते हैं।अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं किक्या महागठबंधन घोसी सीट RJD को देने पर राजी होता है,या फिर माले अपने पुराने विधायक रामबली यादव के लिए टिकट बचाने में सफल रहती है।तेजस्वी का सधा हुआ बयानराजद में शामिल होने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा हमारे परिवार में जो भी जुड़ता है, वह सिर्फ पार्टी में नहीं, बिहार के भविष्य की लड़ाई में शामिल होता है। राहुल शर्मा जैसे युवाओं का स्वागत है।”वहीं, राहुल शर्मा ने कहा राजद आज बिहार की असली जनभावनाओं की आवाज है। तेजस्वी जी में हमें युवाओं के भविष्य की उम्मीद दिखती है।” निष्कर्षराजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि राहुल शर्मा का RJD में शामिल होना महागठबंधन के भीतर नई खींचतान को जन्म दे सकता है।घोसी सीट अब सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि महागठबंधन के अंदर शक्ति संतुलन की परीक्षा बन गई है।
