बी के झा
अमृतसर / सरहिंद (पंजाब), / नई दिल्ली, 18 अक्टूबर शनिवार।
शनिवार सुबह यात्रियों के लिए दहशत से भरा रहा जब अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12204) में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 7:30 बजे पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास हुई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के 19 नंबर कोच से धुआँ उठता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में लपटें तेज़ हुईं और देखते-देखते दो से तीन एसी बोगियाँ आग की चपेट में आ गईं। मौके की भयावहता इतनी थी कि कई यात्री जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूद पड़े। इसी दौरान कई लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि एक महिला के झुलसने की भी खबर है।
रेलवे की त्वरित कार्रवाई रेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि आग का पता भटिंडा स्टेशन से गुजरते वक्त चला। चालक दल ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। रेलवे कर्मियों और फायर ब्रिगेड ने मिलकर करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया।रेल मंत्रालय के अनुसार, किसी की जान जाने की सूचना नहीं है। केवल एक यात्री को मामूली चोट आई है, जिसका उपचार अस्पताल में चल रहा है। सभी यात्रियों को सुरक्षित अन्य डिब्बों में स्थानांतरित कर दिया गया।
क्या था आग लगने का कारण?शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस कोच में लुधियाना के कई व्यापारी सफर कर रहे थे। हालांकि रेलवे ने मामले की तकनीकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
एक घंटे तक ठप रहा आवागमन घटना के चलते कुछ समय के लिए रेल यातायात बाधित रहा। सरहिंद स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रोक दिया गया या डायवर्ट किया गया। करीब एक घंटे बाद रेल संचालन बहाल हुआ और गरीब रथ एक्सप्रेस को आगे रवाना किया गया।
सियासत में भी उठी लपटें
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा —प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे की हालत लगातार बिगड़ रही है। 11 साल में हादसों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जनता को सुविधा देने के बजाय टिकट दलालों के हाथों में सौंप दिया गया है। आज का यह अग्निकांड उत्तर भारत को झकझोर देने वाला है, लेकिन प्रधानमंत्री को चुनावी भाषणों से फुर्सत ही नहीं मिलती।’’उन्होंने यह भी तंज कसा कि, “जब तक उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘ठिकाने लगाने’ से फुर्सत नहीं मिलेगी, तब तक रेलवे हादसे यूँ ही जारी रहेंगे।”
यात्रियों की किस्मत ने बचाई जान स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि ट्रेन को समय पर न रोका जाता, तो यह हादसा और बड़ा रूप ले सकता था। कई यात्रियों ने कहा कि “भगवान की कृपा थी, वरना सब कुछ राख हो जाता।”रेलवे ने कहा है कि घटना की विस्तृत जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाया जाएगा।
निष्कर्ष
अमृतसर–सहरसा गरीब रथ में लगी आग ने एक बार फिर रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सूझबूझ और रेलकर्मियों की तत्परता से भले ही एक बड़ा हादसा टल गया हो, लेकिन यह घटना याद दिलाती है कि देश की लाइफलाइन माने जाने वाली रेलवे को अभी भी तकनीकी सुरक्षा और रखरखाव के क्षेत्र में बहुत सुधार की आवश्यकता है।
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