“ईरान के बीच घुसकर अमेरिका ने बचाया पायलट, हूती-ईरान के हमलों से इजरायल दहला—मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग और भड़की”

बी के झा

ब्रेकिंग न्यूज

“ वॉशिंगटन/तेहरान/तेल अवीव, 5 अप्रैल

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब कई मोर्चों पर फैल चुका है। एक ओर जहां अमेरिका ने साहसिक सैन्य अभियान चलाकर अपने F-15E लड़ाकू विमान के दूसरे पायलट को ईरान की जमीन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, वहीं दूसरी ओर ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने इजरायल पर बड़े हमलों का दावा कर क्षेत्रीय तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

गोलियों की बारिश में ‘ऑपरेशन रेस्क्यू

’अमेरिकी सेना ने जिस दुस्साहस के साथ अपने पायलट को बचाया, वह आधुनिक युद्धक रणनीति का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। जब F-15E Strike Eagle को ईरानी हमले में मार गिराया गया, तब दोनों पायलट इजेक्ट करने में सफल रहे। एक को तुरंत बचा लिया गया, लेकिन दूसरा ईरानी इलाके में फंस गया था।कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन और भीषण गोलीबारी के बीच अमेरिकी विशेष बलों ने उसे सुरक्षित निकाल लिया। इस ऑपरेशन की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने की।

हूती-ईरान का संयुक्त हमला, इजरायल पर दबाव

इसी बीच, यमन के हूती विद्रोही और ईरान ने मिलकर इजरायल पर व्यापक हमलों का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बेन गुरियन हवाई अड्डा और दक्षिणी इजरायल के कई सैन्य ठिकानों को क्लस्टर मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों का मकसद इजरायल की एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता को कमजोर करना था। कई कंट्रोल टावर, रडार सिस्टम और नेविगेशन उपकरणों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।

वैश्विक संकट की ओर बढ़ता संघर्ष

विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बहु-स्तरीय युद्ध का रूप ले चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम मार्गों पर खतरा बढ़ने से दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

कानून और रणनीति पर उठे सवाल

अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों के अनुसार, किसी देश की सीमा में घुसकर सैन्य अभियान चलाना गंभीर कानूनी विवाद खड़ा कर सकता है, हालांकि अमेरिका इसे आत्मरक्षा का अधिकार बता सकता है।वहीं रक्षा विशेषज्ञ इसे “हाई-रिस्क ऑपरेशन” मानते हुए कहते हैं कि अमेरिका ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया है, जबकि ईरान और उसके सहयोगी असममित युद्ध (ड्रोन और मिसाइल) के जरिए जवाब दे रहे हैं।

विपक्ष का हमला

अमेरिका में विपक्षी दलों ने Donald Trump की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह रणनीति अमेरिका को एक बड़े और लंबे युद्ध में धकेल सकती है।

क्या बढ़ेगा युद्ध?ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके सैन्य अभियान “बिना रुके” जारी रहेंगे। वहीं अमेरिका और इजरायल भी पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहे।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह संघर्ष अब एक बड़े वैश्विक युद्ध की भूमिका लिख रहा है?

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