बी के झा
NSK


लखनऊ/गोरखपुर, 9 दिसंबर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में गोरखपुर में एक नया डिटेंशन सेंटर तैयार हो गया है, जबकि पूरे प्रदेश में पुलिस ताबड़तोड़ वेरिफिकेशन ड्राइव चला रही है, जिसमें अब तक सिर्फ मेरठ में ही 6500 संदिग्धों की पहचान हुई है।यह अभियान न केवल प्रशासनिक स्तर पर कड़ा संदेश दे रहा है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी गहरी हलचल पैदा कर रहा है।
रैन बसेरा बना डिटेंशन सेंटर— 3 मंज़िलें, 16 कमरे, 50 बेडगोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में गीता वाटिका के पास स्थित एक पुराने रैन बसेरा को पूरी तरह से डिटेंशन सेंटर में परिवर्तित कर दिया गया है।अपर नगर आयुक्त दुर्गेश सिंह के अनुसार:यह तीन फ्लोर का आधुनिक डिटेंशन सेंटर है, जिसमें 16 कमरे और 50 बेड हैं। घुसपैठियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।केयर टेकर सुजीत सिंह का कहना है कि:यहां मूलभूत सुविधाओं से लेकर सुरक्षा तक, हर व्यवस्था पूरी है। जैसे ही किसी अवैध घुसपैठिए की पहचान होगी, उसे यहीं रखा जाएगा।”
यूपी में मेगा वेरिफिकेशन ड्राइव— 17 शहरों में रातभर अभियान, 6500 संदिग्ध चिन्हित राज्यभार में पुलिस की टीमें घर-घर, सड़क किनारे बस्तियों, अस्थायी आवासों और झुग्गियों में दस्तावेज़ों की जांच कर रही हैं।लखनऊ, बुलंदशहर, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और कई अन्य शहरों में बड़े स्तर पर छापेमारी =मेरठ में 52 लोकेशन पर चेकिंग6500 संदिग्धों की पहचान3200 लोगों के दस्तावेज़ संदिग्धमुजफ्फरनगर में ‘ऑपरेशन टॉर्च’ चलाया गया—
रात के अंधेरे में मोबाइल टॉर्च और सर्च लाइट से झुग्गियों में वेरिफिकेशन।प्रशासन का तर्क है कि ये अभियान राज्य की डेमोग्राफिक संरचना और सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए बेहद आवश्यक हैं।सीएम योगी का जनता को पत्र— “घुसपैठिए किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता को एक विस्तृत पत्र लिखकर हालात की गंभीरता समझाई।उन्होंने कहा—प्रदेश में अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है। यूपी की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”उन्होंने जनता से अपील की:किसी भी व्यक्ति को नौकरी देने से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित करें। सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
योगी की चिट्ठी की मुख्य बातें
घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सार्वजनिक संसाधन नागरिकों के लिए हैं, घुसपैठियों के लिए नहीं।हर मंडल में डिटेंशन सेंटर तैयार।अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वहीं भेजा जा रहा है।नगर निकायों को संदिग्धों की सूची बनाने का निर्देश।योजनाओं से असली लाभार्थियों की हिस्सेदारी बचानी होगी।डेमोग्राफिक असंतुलन रोकने के लिए कठोर कदम अपरिहार्य।राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में यह कदम क्यों महत्वपूर्ण?
राजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मत है कि यूपी में चल रहा यह अभियान सिर्फ कानून-व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा हुआ है।
1. जनसांख्यिकीय संतुलन का सवालविश्लेषक डॉ. माधवन कहते हैं:रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी भारत में संगठित नेटवर्कों की मदद से बसाए जाते हैं, जिनका प्रभाव धीरे-धीरे डेमोग्राफी को बदलता है। यूपी जैसी घनी आबादी वाले राज्य में यह बड़ा खतरा है।”
2. अपराध और कट्टरपंथ फैलाने की आशंकाराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ अलोक पांडेय के अनुसार:बांग्लादेशी गिरोह, लूट, चोरी, मानव तस्करी और आईडी फर्जीवाड़े में सक्रिय रहे हैं। रोहिंग्या समूहों में कट्टरपंथी तत्वों की मौजूदगी कई केंद्रीय एजेंसियों ने दर्ज की है।
3. पुलिस की सख्ती ने बनाया संदेशवरिष्ठ पत्रकार मनीष दीक्षित कहते हैं:योगी सरकार यह संदेश दे रही है कि यूपी अब सॉफ्ट स्टेट नहीं है। जो जहां है, उसे दस्तावेज़ दिखाने होंगे, वरना कार्रवाई तय है।”सियासी हलचल भी तेज—
विपक्ष ने कहा ‘दिखावा’, समर्थक बोले ‘ज़रूरी कार्रवाई’हालांकि इस अभियान को लेकर विपक्ष ने सवाल भी उठाए हैं।कुछ दलों ने इसे “चुनावी स्टंट” बताया, तो भाजपा समर्थक इसे “राज्य हित का निर्णय” बताते हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक:समर्थक इसे सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिक अधिकारों की रक्षा से जोड़ते हैं।विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों को डराने की रणनीति कह रहा है ओर लेकिन जमीनी स्तर पर जनता की प्रतिक्रिया सरकार के समर्थन में दिखाई दे रही है, खासकर शहरों और बॉर्डर क्षेत्रों में।
निष्कर्ष:
योगी सरकार का ‘जिरो टॉलरेंस मॉडल’ अब जमीन परगोरखपुर में डिटेंशन सेंटर का तैयार होना, मेरठ में 6500 संदिग्धों का सामने आना, और पूरे प्रदेश में रातभर वेरिफिकेशन ऑपरेशन…
यह साफ संकेत है कि योगी सरकार ने अवैध घुसपैठ पर जिरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए इसे मिशन मोड में बदल दिया है।आने वाले दिनों में यह अभियानऔर बड़ा, और तेज, और ज्यादा कड़ा होने की उम्मीद है।
