डॉ शाहीन का ‘B-नेटवर्क’ ट्रेस; महिला आतंकी ब्रिगेड की साजिश बेनकाब, उत्तराखंड में ATS की दबिश तेज

बी के झा

NSK

लखनऊ/दिल्ली/देहरादून, 15 नवंबर

दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल और उसके नेटवर्क को डीकोड करते-करते एजेंसियों के हाथ डॉ. शाहीन का वह गुप्त “B-पार्टी नेटवर्क” लगा है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। इसी नेटवर्क के आधार पर यूपी एटीएस और एनआईए ने उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में दबिशें तेज कर दी हैं।

डॉ. शाहीन पर आरोप है कि वह सिर्फ संपर्क सूत्र नहीं, बल्कि महिला आतंकी ब्रिगेड तैयार करने की जिम्मेदार मुख्य कैडर थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार, विस्फोटक जुटाने से लेकर रेकी और भर्ती तक—

कई अहम भूमिकाओं में वह सक्रिय थीं।उत्तराखंड में ट्रेस हुआ ‘B-पार्टी नेटवर्क’एजेंसियों ने शुरू की व्यापक छानबीन

डॉ. शाहीन के मोबाइल CDR, लोकेशन, सोशल मीडिया चैट और सुरक्षित मैसेजिंग एप्स के मेटाडेटा का विश्लेषण करने के बाद जो कनेक्शन सामने आया, उसने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया।

जांच में पाया गया कि—शाहीन जिन लोगों से लगातार संपर्क में थी, उनमें से कई उत्तराखंड में सक्रिय हैं।ये वही लोग हैं जिन्हें एजेंसियां डॉ. शाहीन की “B-पार्टी” के रूप में चिह्नित कर रही हैं—यानी उसके पैरलल सपोर्ट मॉड्यूल।यूपी एटीएस की टीमों को यह पूरा डेटा सौंपकर उत्तराखंड भेजा गया है।गुरुवार देर रात, देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में एकाधिक जगहों पर दबिश दी गई। कई संदिग्धों से पूछताछ भी चल रही है।

डॉ. मुजम्मिल से लेकर अदील तक—चेन जुड़ रही हैडॉ. शाहीन और श्रीनगर पुलिस द्वारा पकड़े गए डॉ. मुजम्मिल के बीच न केवल करीबी संपर्क, बल्कि धमाके की साजिश में साझा जिम्मेदारी भी सामने आई है।पूछताछ में यह भी पुष्टि हो चुकी है कि महिला ब्रिगेड खड़ी करने की जिम्मेदारी शाहीन पर थी उसे “सुरक्षित कवर” यानी पर्दे के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था विस्फोटक

जुटाने में उसने अहम भूमिका निभाई

स्लीपर यूनिट को सक्रिय करने में भी वह शामिल रहीडॉ. अदील की गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क की एक और परत उघाड़ दी।सहारनपुर में अदील को प्लांट करने का कारण था—उत्तराखंड की सीमा नजदीक होना, ताकि किसी भी वारदात के बाद वहां तेजी से शरण ली जा सके।डॉ. अदील ने खुलासा किया था:वारदात के बाद पहले सहारनपुर में छिपना,फिर लक्ष्य अनुसार उत्तराखंड फरार होना—

प्लान का अभिन्न हिस्सा था।

इसी कारण उत्तराखंड अब इस नेटवर्क का प्रमुख ‘एस्केप कॉरिडोर’ माना जा रहा है।महिला आतंकी ब्रिगेड—सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि आतंकी संगठन इस समय महिला कैडर तैयार करने पर विशेष फोकस कर रहे हैं।कारण:मेडिकल और शिक्षा क्षेत्र में बिना शक पैदा किए घुलने-मिलने की क्षमता सुरक्षा जांचों में महिलाओं का कम संदेह डिजिटल प्लेटफार्म पर गुमनाम गतिविधि ग्राउंड पर ‘अंडर कवर वर्क’ की आसान संभावनाएं इन्हीं वजहों से महिला ब्रिगेड की कमान डॉ. शाहीन को दी गई थी।

एजेंसियों के अनुसार, शाहीन की भूमिका सिर्फ भर्ती तक सीमित नहीं थी। वह—सुरक्षित लोकेशन उपलब्ध कराना डिजिटल संपर्क चलाना पैसों के लेनदेन को छिपाना विस्फोटक की जानकारी जुटानाऔर स्थानीय नेटवर्क सक्रिय करना जैसे कामों में भी शामिल थी।

डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद खुल रहा पूरा मॉड्यूलजांच एजेंसियां अब उसके—कॉल रिकॉर्डचैट लॉगव्हाट्सएप-टेलीग्राम मेटाडेटा यात्रा पैटर्न बैंकिंग ट्रांजैक्शनऔर सोशल मीडिया नेटवर्कको गहराई से खंगाल रही हैं।

हर हिस्से से एक नई कड़ी जुड़ती जा रही है, जो यह संकेत दे रही है कि दिल्ली ब्लास्ट कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि एक बड़े मॉड्यूल का हिस्सा थी।ATS की लगातार दबिशें—“ऑपरेशन उत्तराखंड” तेज हुआखुफिया एजेंसियों को उत्तराखंड कनेक्शन पर पहले से संदेह था।अब जब डॉ. शाहीन के नेटवर्क की पुष्टि हो चुकी है, तो दबिश और पूछताछ की रफ़्तार कई गुना बढ़ा दी गई है।मुख्य फोकस इन बिंदुओं पर है—

डॉ. शाहीन से जुड़े उत्तराखंड स्थित सभी संपर्क सहारनपुर–उत्तराखंड रूट पर संभावित ठिकाने महिला ब्रिगेड में शामिल होने की कोशिश करने वाले नाम स्थानीय मददगारों का नेटवर्क सीमावर्ती इलाकों में छिपे स्लीपर सेल जांच की दिशा अब और व्यापक

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अब केवल दिल्ली ब्लास्ट तक सीमित नहीं रहा।यह नेटवर्क—मेडिकल संस्थानों सीमावर्ती जिलों धार्मिक परिवर्तन मॉड्यूलऔर डिजिटल सुरक्षित कनेक्शन में गहराई तक फैला हुआ लगता है।

इसलिए आने वाले दिनों में—और गिरफ्तारियां‌‌ नई खोज तथा नेटवर्क की और परतों के खुलासे लगातार जारी रहेंगे।

निष्कर्ष:

महिला ब्रिगेड, डॉक्टरों का नेटवर्क और उत्तराखंड का रूट—एक बड़ा मॉड्यूल पकड़ में आता हुआNIA और ATS की संयुक्त कार्रवाई से अब यह स्पष्ट हो रहा है कि यह कोई साधारण मॉड्यूल नहीं, बल्कि कई राज्‍यों में फैला संगठित आतंकी नेटवर्क है।डॉ. शाहीन के B-पार्टी नेटवर्क का खुलासा इस पूरे मामले का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ है।आने वाले कुछ दिन इस केस के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।

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