ड्रग्स और मोबाइल—दोनों नशे से बचिए, तभी सफल होंगे आप”: युवाओं को CM योगी की दो-टूक सीख तकनीक और नशे की जंग के बीच युवा शक्ति को सही दिशा देने का संकल्प

बी के झा

NSK

नई दिल्ली/ गोरखपुर, 10 दिसंबर

गोरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में बुधवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण की धड़कनें एक साथ गूंज रही थीं। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह के मुख्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को जिस संयम, चेतावनी और प्रेरणा का संदेश दिया, वह सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि आने वाले भारत के लिए दिशा—निर्देश था।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियों को रखा—

ड्रग्स का बढ़ता प्रलोभन और स्मार्टफोन का अमूर्त पर बेहद खतरनाक नशा। उन्होंने स्पष्ट कहा—“इन दोनों नशों से जितना बचोगे, उतना अपने भविष्य, अपने परिवार और राष्ट्र को सुरक्षित रख पाओगे।”स्मार्टफोन—आंख का ही नहीं, विवेक का भी शत्रु योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को स्मार्टफोन की लत के दुष्प्रभाव समझाते हुए कहा—सिर्फ सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में लगे घंटे आपकी बुद्धि, विवेक, स्मरण शक्ति और निर्णय क्षमता को कमज़ोर कर देते हैं।उन्होंने सलाह दी—• मोबाइल का उपयोग सीमित करें• समय तय करें कि कब और किस जरूरत में इस्तेमाल करना है• अनावश्यक वीडियो, रील्स और चैट्स से दूर रहें

मुख्यमंत्री ने चेताया—“स्मार्टफोन आपकी आंखों को कमजोर करेगा, मस्तिष्क को कुंद करेगा और शरीर की क्षमता को नष्ट कर देगा। जो चीज़ सुविधा बनकर आई थी, वही आज युवा पीढ़ी के लिए खतरा बन रही है।’ड्रग्स—राष्ट्र की जड़ें खोखली करने की साज़िश सीएम ने कहा कि नशा माफिया युवाओं को फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहा है।“देश का दुश्मन किसी न किसी रूप में आपके बीच घुसने की कोशिश करता है, उसे अवसर मत दीजिए।”उन्होंने शिक्षण संस्थानों को ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी सामाजिक मुहिम छेड़ने का आह्वान किया।तकनीक से डरना नहीं

कौशल बढ़ाइए, अवसर खुद आएंगे मुख्यमंत्री ने युवाओं को आधुनिक तकनीक—AI, IoT, ड्रोन, रोबोटिक्स—को अपनाने की प्रेरणा दी।उन्होंने पुरानी मानसिकता पर प्रहार किया—“तकनीक रोजगार खत्म नहीं करती, बल्कि नए अवसर बनाती है। जरूरत है खुद को तैयार करने की।”युवा अगर नई तकनीक के साथ तालमेल बिठाएंगे, तो डिजिटल इंडिया की बदलती दुनिया में पीछे नहीं रहेंगे।

हिम्मत न हारने की सीख—जीवन की असली कुंजीसीएम योगी ने कहा:“जीत उसी की होती है जो हिम्मत नहीं हारता, धैर्य रखता है और सकारात्मक सोच रखता है।”उन्होंने युवाओं को ‘शॉर्ट कट संस्कृति’ से बचने की सलाह दी—“सफलता की कोई शॉर्ट कट नहीं होती। मेहनत, अनुशासन और टीम वर्क ही विजय का रास्ता बनाते हैं।”अंधकार को कोसने के बजाय—दीया जलाने की प्रेरणा

सीएम ने कहा—“यदि हर व्यक्ति मिलकर आगे बढ़े, तो हर अंधकार मिटेगा। दूसरों को दोष देने से बेहतर है कि हम स्वयं समाधान का हिस्सा बनें।”पुरस्कारों की बारिश—मेधावियों, शिक्षकों और संस्थाओं का सम्मान मुख्यमंत्री योगी और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने करीब डेढ़ सौ उत्कृष्ट शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को सम्मानित किया।सात सौ से अधिक पुरस्कार संस्थाएं स्वयं वितरित करेंगी—यह महोत्सव सिर्फ आयोजन नहीं, उत्कृष्टता का उत्सव बन गया।दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम के दौरान—•

प्रो. यूपी सिंह स्मृति ग्रंथ• “जीवन मूल्य प्रमाण पत्र संग्रह पाठ्यक्रम”का लोकार्पण किया गया, जिसे शिक्षा जगत की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।निष्कर्ष — युवा राष्ट्र का इंजन हैं, नशे से दूरी और तकनीक से दोस्ती ही भविष्य का मार्ग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश साफ है—

आज भारत एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।युवा ही देश की ताकत हैं, और यह ताकत तभी उजागर होगी जब

वे नशे से दूरी बनाएँ

स्मार्टफोन का विवेकपूर्ण उपयोग करें

तकनीक और नवाचार को अपनाएँ

सकारात्मकता, धैर्य और मेहनत को जीवन का आधार बनाएं यह संदेश सिर्फ एक कार्यक्रम का भाषण नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की नीति-पत्र जैसा है—

जो हर युवा, हर शिक्षक और हर अभिभावक को गंभीरता से समझने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *