दिल्ली बनेगी ‘अभेद किला’” FRC, जैमर, ड्रोन और ऑरस सीनेट के साथ पुतिन की 5-स्तरीय सुरक्षा तैयार, भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता से पहले राजधानी में हाई-टेक कवच सक्रिय

बी के झा

नई दिल्ली, 3 दिसंबर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कल (गुरुवार) की शाम भारत पहुंच रहे हैं—और उनके कदम रखते ही राष्ट्रीय राजधानी एक अभेद्य सुरक्षा घेरे में बदल जाएगी। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के इस दौरे में पुतिन को पाँच-स्तरीय अति-सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जिसके लिए दिल्ली पुलिस, NSG, SPG और रूस की प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस एक संयुक्त ऑपरेशन की तरह काम कर रही हैं।राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के सूत्रों के अनुसार, इस दौरे को हाल के वर्षों में किसी भी VVIP विज़िट की तुलना में सबसे हाई-टेक और सबसे सघन सुरक्षा दिए जाने की तैयारी की गई है।

रूस से पहुँची 4 दर्जन सुरक्षा टीम: राजधानी को किया सैनिटाइज़ NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन की सुरक्षा के लिए रूस से 48 से अधिक उच्च प्रशिक्षित सुरक्षा अधिकारी पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।ये अधिकारी दिल्ली पुलिस और NSG के साथ मिलकर—

राष्ट्रपति के रूटसंभावित कार्यक्रम स्थलहोटल‘अनपेक्षित यात्रा स्थलों’सबकी माइक्रो-लेवल स्कैनिंग में शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक, जिन स्थानों पर पुतिन का नाम भी सोच कर रखा जा सकता है, उन तक को सुरक्षा एजेंसियाँ सैनिटाइज़ कर चुकी हैं।हवाई अड्डे पर उतरते ही ‘5-स्तरीय सुरक्षा कवच’ सक्रियदिल्ली में पुतिन की सुरक्षा को पाँच लेयर्स में विभाजित किया गया है—

1st Layer – Russian Presidential Securityसबसे अंदरूनी घेरा, जिसे कोई भारतीय एजेंसी भी पार नहीं कर सकती।इसमें शामिल होंगे:रूस के विशेष प्रशिक्षित अधिकारीपुतिन के पर्सनल गार्डFRC (Face Recognition Cameras) से लैस मॉनिटरिंग टीम2nd Layer – SPG (जब PM संग होंगे)प्रधानमंत्री मोदी के साथ किसी भी बैठक, यात्रा या कार्यक्रम के दौरान SPG इस सुरक्षा स्तंभ का हिस्सा बनेगी।3rd Layer – NSG Black Cat Commandosस्नाइपर, करीबी निगरानी, टॉप-लेवल एस्कॉर्ट, डॉग स्क्वॉड्स और एंटी-ब्लास्ट असेसमेंट टीम।4th Layer – दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और सुरक्षा इकाइयाँरूट डायवर्ज़न, भीड़ नियंत्रण, संचार अवरोधन और मोबाइल

पेट्रोलिंग।5th Layer – हाई-टेक कवचयह लेयर तकनीकी उपकरणों से तैयार है—AI आधारित निगरानीFRC सिस्टमहाई-रेंज जैमरएंटी-ड्रोन गनफायरवॉल्ड कंट्रोल रूमएयर सर्विलांस ड्रोन पूरी राजधानी इनके दायरे में लाई जा चुकी है।ड्रोन और AI की रियल-टाइम निगरानीकंट्रोल रूम में रूस और भारत के अधिकारी रियल-टाइम इंटीग्रेटेड फीड मॉनिटर करेंगे।ड्रोन लगातार पुतिन के काफिले के ऊपर ‘शैडो’ बनाए रखेंगे, जबकि AI आधारित ट्रैकिंग किसी भी संदिग्ध गतिविधि, भीड़, नंबर प्लेट या चेहरे को तुरंत पहचान लेगी।हर सुरक्षा अधिकारी को कंट्रोल रूम से सीधे कम्युनिकेशन लिंक में रहने का आदेश है।

होटल से लेकर राजघाट तक—हर स्थान की स्कैनिंग पूरी पुतिन जिस होटल में रुकेंगे, उसे पूरी तरह ‘क्लीन-ज़ोन’ घोषित किया गया है।रूसी अधिकारी—एयर वेंटइलेक्ट्रिकल पैनल सर्विस एरिया बेसमेंट पार्किंग सूट फ्लोर सबकी स्वतंत्र जांच कर रहे हैं।यहाँ तक कि दौरे के दौरान किसी संभावित ‘अनायास पड़ाव’ के लिए बनी लिस्ट भी स्कैन की जा चुकी है।PM मोदी के साथ डिनर से शुरू होगा कार्यक्रम

सूत्रों के मुताबिक—गुरुवार रातPM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की द्विपक्षीय अनौपचारिक बैठकरात्रिभोजशुक्रवार सुबहराष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागतराजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि शुक्रवार दोपहर हैदराबाद हाउस में भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में विशेष कार्यक्रम शुक्रवार रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राजकीय भोज‘ऑरस सीनेट’—पुतिन की चलती किलेबंदी भारत पहुंच चुकी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा का सबसे आकर्षक सुरक्षा तत्व है उनका ‘चलता हुआ किला’—

Aurus Senat Armored Limousineयह कार—6-टन से अधिक वजनआर्मर्ड स्टील बॉडीबुलेट, ब्लास्ट, केमिकल-प्रूफ डिजाइन स्पेशल रन-फ़्लैट टायरमिलिट्री-ग्रेड कम्युनिकेशन सिस्टमरॉकेट-ग्रेनेड लेवल तक प्रतिरोध रखती है।इसे विशेष विमान से मॉस्को से दिल्ली भेजा जा रहा है।

दिल्ली तैयार—कूटनीति और सुरक्षा की कसौटी पर बड़ी परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि—

“ये दौरा सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि भारत के सुरक्षा प्रबंधन की क्षमता का भी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन है।”भारत-रूस रिश्तों में मजबूती की पृष्ठभूमि में यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

NSK

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