बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 11 नवंबर
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके की जांच अब आतंकवाद के उस सफ़ेद चेहरे को उजागर कर रही है, जिस पर अब तक पर्दा पड़ा था—महिला आतंकी नेटवर्क। जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद से गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीना की पहली तस्वीर जारी की है। यही महिला भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा “जमात-उल-मोमिनात” की हेड थी और उसे यह कमान सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से मिली थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस महिला विंग की वैश्विक प्रमुख कोई और नहीं बल्कि जैश सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर है। सादिया का पति यूसुफ अजहर वही आतंकवादी है जिसका नाम कंधार हाईजैक केस के मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया था।कट्टरपंथ फैलाने की जिम्मेदारी मिली थी शाहीना को
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, डॉक्टर शाहीना की भूमिका केवल ‘स्लीपर सेल’ तक सीमित नहीं थी।उसे भारत में—महिलाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने,जिहाद के नाम पर प्रेरित करने,गोपनीय फंडिंग में सहयोग,और नए सदस्यों की भर्तीकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।जैश की नई रणनीति में महिलाओं को विशेष रूप से मनोवैज्ञानिक युद्ध, प्रचार, ऑनलाइन कट्टरपंथ और संगठन की लॉजिस्टिक्स में शामिल किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके।
टेलीग्राम पर बना था गुप्त नेटवर्क, कई डॉक्टर भी जुड़ेजांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि डॉक्टर शाहीना एक गुप्त टेलीग्राम ग्रुप की एडमिन थी, जहां भारत में कट्टरपंथी बनने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी ग्रुप में कई डॉक्टर जुड़े थे—कुछ मारे जा चुके हैं और कई को गिरफ्तार किया जा चुका है।यह ग्रुप पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से सीधे जुड़ा था।फरीदाबाद की अल-फला यूनिवर्सिटी, जहां शाहीना वर्षों से सक्रिय थी, 70 एकड़ में फैला विशाल कैंपस है। अब जांच टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उसने अपने संपर्क में आए छात्रों या सहकर्मियों को भी जिहाद के लिए प्रेरित किया था।
महिला विंग का उद्देश्य—भारत में ‘नया फ्रंट खोलना’जैश-ए-मोहम्मद की रणनीति अब पारंपरिक हथियारबंद लड़ाकों तक सीमित नहीं है।नई योजना में—महिलाओं को धार्मिक कर्तव्यों के नाम पर कट्टरपंथ से जोड़ना,गैर-लड़ाकू लेकिन बेहद अहम भूमिकाओं(जैसे सोशल मीडिया वॉर, फंडिंग, लॉजिस्टिक्स)में तैनात करना शामिल है।डॉ. शाहीना का भारत में पकड़ा जाना इसी खतरनाक प्लान का हिस्सा माना जा रहा है।दिल्ली ब्लास्ट में पकड़े गए संदिग्ध—जुड़ाव पुलवामा सेधमाके के बाद जिन तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, वे तीनों दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के निवासी हैं।कौन हैं तीनों संदिग्ध?
1. तारिक अहमद मलिक – पिता गुलाम अहमद; ATM गार्ड
2. आमिर राशिद – पिता ए.बी. राशिद मीर; वायरल तस्वीर में दिखा व्यक्तितारिक का सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहा था
3. उमर राशिद – आमिर का सगा भाईसूत्रों के अनुसार—तारिक और आमिर को श्रीनगर लाया गया है
जबकि उमर से पूछताछ पम्पोर पुलिस स्टेशन में जारी हैइन तीनों पर दिल्ली धमाके की साजिश को अंजाम देने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है।महिला आतंकी नेटवर्क—भारत के लिए नई चुनौतीडॉ. शाहीना की गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं,
बल्कि उस अदृश्य आतंकी तंत्र का खुलासा है, जो—
विश्वविद्यालयों तक फैला था,
सोशल मीडिया पर सक्रिय था,
पाकिस्तान से संचालित था,
और अब तक सुरक्षा एजेंसियों की नजर से छिपा हुआ था।जांच के आगे बढ़ने के साथ यह साफ होता जा रहा है कि दिल्ली ब्लास्ट केवल एक हमला नहीं, बल्कि भारत में जैश के महिला-आधारित नए मॉड्यूल की गंभीर शुरुआत थी।अब एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुटी हैं।
