बी के झा
NSK News

नई दिल्ली, 23 जुलाई
जंतर-मंतर से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैलने की तैयारी में है। पार्टी ने शुक्रवार (24 जुलाई) को देश के हर जिले में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी पोस्टर में “Every District. One Day. One Demand” का नारा देते हुए छात्रों, युवा संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की गई है।सीजेपी का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल छात्रों की मांगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा।
हर जिले में होगा प्रदर्शन, प्रशासन से अनुमति लेने के निर्देश
पार्टी की ओर से जारी अपील में स्पष्ट किया गया है कि सभी जिला स्तर के आयोजक स्थानीय प्रशासन से आवश्यक अनुमति प्राप्त करें और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था का पूरी तरह पालन करें। प्रदर्शन स्थल पर छात्रों की मांगों का सार्वजनिक रूप से वाचन करने, पुलिस कार्रवाई के पीड़ितों के प्रति समर्थन व्यक्त करने और शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपने की भी अपील की गई है।
SOP और ज्ञापन का प्रारूप भी किया जारी
सीजेपी ने प्रदर्शन को सुव्यवस्थित और एकरूप बनाने के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी किया है। इसमें आयोजन की रूपरेखा, आवश्यक सामग्री, नारे, कार्यक्रम संचालन और प्रशासन को सौंपे जाने वाले ज्ञापन का प्रारूप शामिल है। पार्टी का दावा है कि इससे देशभर में एक ही दिन होने वाले प्रदर्शन एक समान स्वरूप में आयोजित किए जा सकेंगे।
जंतर-मंतर बना आंदोलन का केंद्र
दिल्ली का जंतर-मंतर पिछले कई सप्ताह से इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां लगातार प्रदर्शन जारी है और बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि धरने में शामिल हो रहे हैं। आंदोलन को लेकर राजधानी में लगातार राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां भी तेज बनी हुई हैं।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल चर्चा में
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सीजेपी के समर्थन में पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। उनकी भूख हड़ताल आंदोलन का प्रमुख प्रतीक बन चुकी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे प्रमुख
सीजेपी ने केंद्र सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे प्रमुख बताई जा रही है। पार्टी का आरोप है कि नीट से जुड़े विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सामने आए मुद्दों की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इन मांगों पर अब तक कोई औपचारिक या ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों का बढ़ता समर्थन
दिल्ली में चल रहे आंदोलन को कई विपक्षी दलों के नेताओं का समर्थन मिल चुका है। इसके अलावा विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन में भागीदारी दर्ज कराई है। दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
अब 24 जुलाई के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन कितने जिलों तक पहुंचता है और इसका राजनीतिक व सामाजिक प्रभाव कितना व्यापक होता है।
नोट: यह समाचार CJP द्वारा किए गए दावों और सार्वजनिक घोषणाओं पर आधारित है। प्रदर्शन, भागीदारी और अन्य घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्थानीय प्रशासन और संबंधित पक्षों के आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदल सकती है।
