बी के झा
NSK


पटना, 6 नवंबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025पहले चरण की वोटिंग समाप्त होते ही बिहार की सियासत और गरमा गई है। डिप्टी मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने गुरुवार शाम दावा किया कि 121 सीटों वाले पहले चरण में एनडीए 100 सीटें जीतने जा रहा है। यहीं नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “लालू प्रसाद यादव के परिवार का कोई भी सदस्य इस बार विधानसभा नहीं पहुँचेगा।”सम्राट चौधरी पटना स्थित पार्टी मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। उन्होंने कहा—इस बार 2010 का रिकॉर्ड भी टूटेगा, जन समर्थन NDA के साथ है।”उन्होंने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि पहले चरण में 60% से अधिक मतदान NDA के पक्ष में “जनादेश की लहर” दर्शाता है।
“महागठबंधन पहले चरण में ही फिनिश”—सम्राट का सोशल मीडिया हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले भी सम्राट चौधरी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे और लिखा—महागठबंधन का पहले चरण में ही सुपड़ा साफ।
राजद–कांग्रेस 2025 में फिनिश होने जा रहे हैं।”उनके इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि पहले चरण में तेजस्वी यादव (राघोपुर) और तेज प्रताप यादव (महुआ) की सीटों पर भी मतदान हुआ है।
गिरिराज सिंह का विवादित बयान:
“बुर्का उठाना पड़ेगा”जहाँ NDA नेता सम्राट चौधरी सीटों को लेकर आक्रामक दावे कर रहे थे, वहीं केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने मतदान के दिन ही एक विवादित बयान दे दिया।फर्जी मतदान के संदर्भ में उन्होंने कहा—अगर कोई गड़बड़ी करेगा तो बुर्का उठाना पड़ेगा। बूथों पर आंगनबाड़ी सेविकाएँ जांच के लिए मौजूद हैं।
इसे धर्म से न जोड़ें—ये पाकिस्तान नहीं है कि यहां शरिया चले।”
उन्होंने सवाल भी उठाया—एयरपोर्ट पर, आधार बनवाते समय, सरकारी लाभ लेते समय बुर्का क्यों उठता है?
फिर चुनाव में क्यों नहीं?
”यह बयान तुरंत राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। विपक्ष ने इसे “धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश” बताया।
स्थानीय बुद्धिजीवी बोले—“सम्राट को तो 121 में 121 सीटें जीतने की घोषणा कर देनी चाहिए थी!”तारापुर में मतदान के बीच एक स्थानीय शिक्षाविद ने सम्राट चौधरी के दावे पर तंज कसते हुए कहा—121 में 100 नहीं, पूरे 121 सीटें जीतने का दावा कर देते!
कहीं 21 सीटों में उन्होंने इशारों–इशारों में अपनी सीट भी तो शामिल नहीं कर ली?
उन्होंने गिरिराज सिंह के बयान पर भी नाराजगी जताई—महिला चाहे किसी भी धर्म की हो, वह भारतीय है। चुनाव के दिन कम से कम इतना उकसाने वाला बयान नहीं देना चाहिए। सत्ता की चाह ने नेताओं को समाज तोड़ने की आदत डाल दी है।”
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा—मोदी सरकार में इतना साहस नहीं है कि मुसलमानों को देश से बाहर निकाल दे। फिर इस तरह के बयान क्यों? केवल नफ़रत फैलाकर चुनाव लड़ना ठीक नहीं।”पहले चरण में NDA–महागठबंधन की भिड़ंत तीखी
पहले चरण में तारापुर (जहाँ से स्वयं सम्राट उम्मीदवार हैं) सहित 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हुई।दूसरी ओर महागठबंधन का पूरा फोकस तेजस्वी–तेज प्रताप की पारंपरिक सीटों को बनाए रखने पर था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है—पहले चरण ने आगामी परिणामों की लड़ाई को निर्णायक रूप से ध्रुवीकृत कर दिया है। NDA दावा कर रहा है कि लहर उसके पक्ष में है, जबकि महागठबंधन का कहना है कि जनता बदलाव चाहती है।सच क्या है, इसका पता EVM खुलने पर ही लगेगा।
