पाकिस्तान भूकंप से दहला, तड़के 3:09 पर हिले ज़मीन के तल – जानें कैसे बनी धरती कांपने की ये स्थिति

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 21 नवंबर

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में शुक्रवार तड़के धरती उस समय कांप उठी, जब भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को नींद से जगा दिया। पिछले कुछ महीनों से दुनिया के कई हिस्सों में लगातार भूकंप की घटनाओं ने लोगों के मन में भय का माहौल बना रखा है—

म्यांमार, तुर्की और अफगानिस्तान जैसे देशों में आए विनाशकारी भूकंप इसका बड़ा उदाहरण हैं। ऐसे समय में पाकिस्तान में अचानक आए इन झटकों ने चिंता बढ़ा दी है।रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता?

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में आज तड़के आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.2 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 3 बजकर 9 मिनट पर आया, जबकि इसका केंद्र धरती की सतह से 135 किलोमीटर नीचे स्थित था।

सौभाग्य से, अब तक किसी तरह के बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।हिंद महासागर और अफगानिस्तान भी कांपे इसी मध्यरात्रि में एशिया के दो और हिस्सों में धरती हिली:हिंद महासागर:रात 02:41 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। तीव्रता 4.3, केंद्र मात्र 10 किलोमीटर गहराई पर।

अफगानिस्तान:रात 1:59 बजे भूकंप आया जिसकी तीव्रता 4.2 और केंद्र 190 किलोमीटर गहरा था।इन लगातार घटनाओं ने क्षेत्र की भूकंपीय सक्रियता को लेकर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

आखिर क्यों हिलती है धरती? – जानें भूकंप का विज्ञानपृथ्वी की सतह के नीचे 7 विशाल टेक्टोनिक प्लेटें मौजूद हैं। ये प्लेटें बेहद धीमी गति से लगातार सरकती रहती हैं।कई बार सरकते-सड़कते ये प्लेटें फॉल्ट लाइनों पर एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। टकराव के दौरान अत्यधिक घर्षण और ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब यह ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती है तो धरती पर भूकंप के रूप में झटके महसूस होते हैं।साइंटिस्ट बताते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य-एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र ऐसी प्लेटों के संगम पर स्थित हैं, इसलिए यहां भूकंप आने की संभावना अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहती है।

लोगों में बढ़ी सतर्कता, विशेषज्ञों ने दी सलाह हालांकि

इस बार किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूगर्भीय हलचलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने कहा कि ऐसी घटनाएँ याद दिलाती हैं कि आपात स्थिति की तैयारी हमेशा सक्रिय रखनी चाहिए।

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