बी के झा
NSK

पंचकूला / नई दिल्ली,21 अक्टूबर
हरियाणा के पंचकूला में 16 अक्टूबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई 35 वर्षीय अधिवक्ता अकील अख्तर की मौत के मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है।
पंचकूला एमडीसी थाना पुलिस ने अकील के पिता और पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी और पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, बेटी और पुत्रवधू के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।क्या है पूरा मामला16 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे पंचकूला के सेक्टर-6 क्षेत्र में स्थित घर में अकील अख्तर को बेसुध अवस्था में पाया गया। परिवार ने दावा किया कि उन्होंने किसी दवा की ओवरडोज ले ली थी। तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल, सेक्टर-6 ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव हरडा, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) ले जाया गया, जहां नमाज-ए-जनाजा के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
घटना के बाद पुलिस को शुरू में परिवार की ओर से कोई संदेह नहीं जताया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद अकील के पड़ोसी शमशुद्दीन ने पंचकूला पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत दी, जिसमें उन्होंने अकील की मौत को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए।
शिकायत में लगाए गए सनसनीखेज आरोप
शमशुद्दीन ने अपनी शिकायत में दावा किया कि अकील की पत्नी और पिता मोहम्मद मुस्तफा के बीच अवैध संबंध थे। उनका कहना है कि अकील इस बात से बेहद आहत थे और पारिवारिक तनाव में जी रहे थे। आरोप यह भी लगाया गया कि इस पूरे मामले में अकील की मां रजिया सुल्ताना और बहन की भी भूमिका थी।
इसी शिकायत के आधार पर पंचकूला पुलिस ने 20 अक्टूबर को मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, बेटी और पुत्रवधू के खिलाफ धारा 103(1) और धारा 61 (BNS) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।27 अगस्त का वीडियो आया सामने मामले को और तूल तब मिला जब अकील अख्तर का 27 अगस्त का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वीडियो में अकील खुद यह कहते दिख रहे हैं कि उनका परिवार उन्हें मारने की साजिश रच रहा है।उन्होंने वीडियो में अपने पिता और पत्नी के अवैध संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मां और बहन भी इसमें शामिल हैं।
वीडियो में अकील कहते हैं—मेरे अपने ही मुझे खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। अगर मेरे साथ कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार मेरा परिवार होगा।
”वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अपने पास सुरक्षित रखा है और फोरेंसिक जांच की तैयारी कर रही है ताकि इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके।
अकील की पृष्ठभूमि
अकील अख्तर पेशे से वकील थे और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। उनकी उम्र 35 वर्ष थी। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। वे अपनी कानूनी सक्रियता और सामाजिक संबंधों के कारण पंचकूला में जाने जाते थे।
पूर्व डीजीपी और परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि
मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। अपने कार्यकाल में उन्हें पांच वीरता पुरस्कार मिल चुके हैं।वर्ष 2021 में डीजीपी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वे कांग्रेस पार्टी में सक्रिय हो गए थे और पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी माने जाते हैं।
उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं।रजिया को कांग्रेस ने 2022 विधानसभा चुनाव में भी टिकट दिया था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
मोहम्मद मुस्तफा की पुत्रवधू जैनब अख्तर को लगभग चार वर्ष पहले पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था।
राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रियाएँ
घटना के सामने आने के बाद पंजाब और हरियाणा की राजनीति में हलचल मच गई है।
कुछ भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस शासनकाल में मिली राजनीतिक सुरक्षा का दुरुपयोग बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।बीजेपी नेताओं का आरोप है कि अगर मोहम्मद मुस्तफा अपने “हवस की आग” बुझाने के लिए अपने पुत्रवधू से संबंध बना सकते हैं और बेटा को रास्ते से हटा सकते हैं, तो यह देखना जरूरी है कि उनके कार्यकाल में और कितनी महिलाओं के साथ अन्याय हुआ होगा।
कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पुलिस जांच की दिशा
पंचकूला पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया है।
SIT टीम अब तक परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के बयान दर्ज कर चुकी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार,पोस्टमार्टम रिपोर्ट और टॉक्सिकोलॉजी जांच (विष विश्लेषण) रिपोर्ट का इंतजार है।इसके अलावा पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता,कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR),मोबाइल चैट्स और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।
विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों के अनुसार,धारा 103(1) (BNS) के तहत हत्या का आरोप साबित होने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक का प्रावधान है।यदि साजिश का आरोप भी सिद्ध होता है, तो यह मामला और गंभीर हो जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता एस.के. मलिक का कहना है—चूंकि मृतक स्वयं वकील था और वीडियो में स्पष्ट रूप से परिवार पर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए यह मामला जांच के हर स्तर पर संवेदनशील और प्रमाण आधारित रहेगा। पुलिस को अत्यंत सावधानी से काम करना होगा।आगे क्या?
फिलहाल, पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जाएगी और जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस मौत की असली वजह स्पष्ट करेगी।
निष्कर्ष
अकील अख्तर की मौत ने न केवल एक परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि राजनीति, पुलिस और समाज — तीनों स्तरों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।क्या यह मौत दवा की ओवरडोज से हुई या किसी साजिश का हिस्सा थी?क्या वायरल वीडियो में कही बातें सच साबित होंगी?और क्या एक पिता पर लगे बेटे की हत्या के आरोप सच्चाई तक पहुंच पाएंगे?इन सभी सवालों का जवाब आने वाली पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया ही दे सकेगी।
