बिहार में मंत्री पद का फार्मूला तय! 6 विधायक पर 1 मंत्री— जानें किस पार्टी को मिलेगा कितना कोटा

बी के झा

NSK

पटना, 16 नवंबर

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत के बाद पटना से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है। नई सरकार गठन को लेकर लगातार बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच कैबिनेट के गठन को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है—

सूत्रों के मुताबिक नीतीश सरकार में मंत्री पदों का वितरण ‘6 विधायक पर 1 मंत्री’ के फार्मूले पर तय होने जा रहा है।एनडीए के घटक दलों के बीच इस फॉर्मूले पर सहमति बनती हुई दिखाई दे रही है और माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों में सरकार का पूरा खाका सामने आ सकता है।

क्यों आया 6-1 का फार्मूला?एनडीए के उच्चस्तरीय सूत्र बताते हैं कि गठबंधन की सभी पार्टियों को एक अनुपातिक प्रतिनिधित्व देने के लिए यह गणना तय की गई है।

यह फॉर्मूला—सरकारी स्थिरता,गठबंधन के अंदर संतुलन,और विधायकों की संख्या के अनुपात में न्यायपूर्ण हिस्सेदारी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।एक वरिष्ठ नेता ने बैकग्राउंड में बताया—

किसी एक पार्टी का दबदबा न रहे और छोटी पार्टियों को भी सम्मानजनक जगह मिले, इसके लिए यह सबसे संतुलित विकल्प है।”कैसा होगा नीतीश कैबिनेट?—

अनुमानित सूची सामनेफॉर्मूले के आधार पर नीतीश कुमार की नई कैबिनेट का आकार इस प्रकार उभर रहा है:पार्टी संभावित मंत्री बीजेपी 15–16जेडीयू

14

LJP (रामविलास) 3RLM

(उपेंद्र कुशवाहा) 1

HAM (जीतन राम मांझी) 1

सियासी विश्लेषकों का मानना है कि यह फार्मूला न केवल गठबंधन में समरसता बनाएगा बल्कि नई सरकार में हर पार्टी की भूमिका भी स्पष्ट करेगा।सरकार गठन पर चिराग पासवान का बयान— “

आज या कल तक आ जाएगा पूरा खाका”केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (आर) के प्रमुख चिराग पासवान ने सरकार गठन को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देते हुए कहा—

शपथ ग्रहण जल्द होगा। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से मेरी चर्चा जारी है। आज रात या कल तक सरकार का पूरा खाका स्पष्ट हो जाएगा।

22 नवंबर से पहले सरकार बननी ही है— और यह निश्चित रूप से बन जाएगी।”चिराग के बयान से साफ है कि शीर्ष स्तर पर बातचीत अंतिम चरण में है और एलजेपी (आर) भी कैबिनेट में अपने हिस्से को लेकर आश्वस्त दिख रही है।उपेंद्र कुशवाहा ने किया नीतीश नेतृत्व की पुष्टि

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी गठबंधन की एकजुटता का संदेश दोहराया।

उन्होंने कहा—जनता ने एनडीए को जनादेश दिया है। 2–4 दिनों में सारी तस्वीर साफ हो जाएगी। हमने बार-बार कहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।

”कुशवाहा के इस बयान ने एक बार फिर साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन में किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं है।

गठबंधन की रणनीति— ‘तेज़ सरकार’ का संकेत

सूत्रों के अनुसार एनडीए इस बार सरकार गठन में देरी नहीं करना चाहता।इसकी दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं—

1. स्पष्ट बहुमत – किसी भी दल के असंतोष की गुंजाइश कम

2. नीतीश कुमार का अनुभव – प्रशासनिक फैसलों में तेजी लाई जा सकेगीएनडीए नेताओं का कहना है कि जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और उनका पहला लक्ष्य है—

“तेज़ गति से स्थिर सरकार की शुरुआत।

”निष्कर्ष—

कैबिनेट के चेहरे पर टिकी निगाहें, जल्द आएगा बड़ा ऐलान मंत्री पदों के फार्मूले पर सहमति बनने के बाद अब पूरा बिहार इस बात का इंतजार कर रहा है कि नई सरकार में कौन-कौन मंत्री बनेगा और किन चेहरों को नई जिम्मेदारी मिलेगी।अगले 24 से 48 घंटों में सरकार का ढांचा,शपथ ग्रहण की तारीख,और प्रमुख विभागों का वितरण सब कुछ साफ हो जाएगा।

नीतीश कुमार की अगुवाई में बनने वाली यह नई एनडीए सरकार बिहार की राजनीति में नया अध्याय लिखने जा रही है।

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