बीयर लेकर बीजेपी का प्रचार करने बिहार आए यूपी के पूर्व विधायक गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

बी के झा

NSK

बेतिया/पटना / नई दिल्ली, 26 अक्टूबर

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एनडीए के प्रचार अभियान को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब यूपी भाजपा के पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया चुनाव प्रचार के रास्ते में बीयर के साथ रंगे हाथ पकड़े गए।नीतीश कुमार के शराबबंदी वाले बिहार में बीजेपी के नेता का बीयर के साथ पकड़ा जाना अब राजनीतिक हलकों में “बीयर बंदी बनाम शराबबंदी” की नई बहस छेड़ गया है।

मामला क्या है शुक्रवार देर शाम पश्चिम चंपारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के मंगलपुर चेकपोस्ट पर मजिस्ट्रेट विकास कुमार के नेतृत्व में वाहनों की जांच चल रही थी।इसी दौरान काले रंग की कार गोपालगंज की ओर से बेतिया की तरफ आई।एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने जब कार की तलाशी ली, तो चालक की सीट के बगल में रखे बैग से तीन कैन बीयर बरामद किए गए।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम दिलीप सिंह (राजपुर पलिया, बलिया) बताया, जबकि साथ बैठे व्यक्ति ने पहचान उजागर करते हुए कहा —मैं यूपी के बल्थरा रोड विधानसभा से पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया हूं, प्रचार के सिलसिले में बेतिया जा रहा था।”

शराबबंदी के बिहार में ‘बीयर प्रचार’ का मामला थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि दोनों को हिरासत में लेकर उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।गाड़ी को जब्त कर लिया गया है और शनिवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, जहाँ एक बोतल से लेकर एक बूंद तक शराब रखने पर जेल का प्रावधान है।ऐसे में बीजेपी के पूर्व विधायक का बीयर के साथ पकड़ा जाना सत्ता गठबंधन के लिए राजनीतिक असहजता का कारण बन गया है।🔹

राजनीतिक हलकों में खलबली

घटना के बाद विपक्षी दलों ने नीतीश-मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि —अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह गिरफ्तारी ‘कानून की रक्षा’ मानी जाएगी या ‘ऊपर से दबाव’ में थाना प्रभारी की छुट्टी कर दी जाएगी।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने तीखा बयान देते हुए कहा —बीजेपी का यही चाल, चरित्र और चेहरा है। बिहार के मतदाताओं के सामने आज एक ईमानदार पुलिस अधिकारी ने इनका असली चेहरा उजागर कर दिया है।”

एक राजनीतिक विश्लेषक ने व्यंग्य किया —> “जब प्रचार के वक्त नेता खुद नशे में होंगे, तो फिर उनके वादे कितने नशे में होंगे, इसका अंदाज़ा लगाइए!

थाना प्रभारी पर गाज’ की आशंका स्थानीय सूत्रों का कहना है कि थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पासवान ने “मधुमक्खी के छत्ते” पर हाथ डाल दिया है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के बाद उन पर कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस ने क़ानूनी प्रक्रिया पूरी कर दी है और बीयर बरामदगी की जांच उत्पाद विभाग को सौंप दी गई है।

बिहार की जनता का सवाल

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना न सिर्फ शराबबंदी के दोहरे मापदंड पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी बताती है कि चुनावी नशा अब वोट और बीयर दोनों पर चढ़ चुका है।

“बिहार में बीयर और बीजेपी दोनों साथ नहीं चल सकते” — गिरफ्तारी के बाद पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया की गाड़ी जब्त करते अधिकारी जब प्रचार में भी नशा चढ़ा — बीजेपी के ‘बीयर मिशन’ ने बढ़ाई सियासी गर्मी”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *