ब्लास्ट के साये में ‘सनातन एकता पदयात्रा’ और कड़ी सुरक्षा:धीरेंद्र शास्‍त्री के संदेश, श्रद्धा की भीड़ और भक्ति का उमड़ा सैलाब

बी के झा

NSK

मथुरा/पलवल, 11 नवंबर

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे देश का माहौल गंभीर कर दिया है। इसके असर का दायरा अब धार्मिक आयोजनों तक में दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में सनातन एकता पदयात्रा निकाल रहे बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्‍त्री की सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर दिया गया है। पहले से तैनात हरियाणा पुलिस की तीन कंपनी के साथ अब दो अतिरिक्त कंपनी और जोड़ दी गई हैं, ताकि यात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

30 हजार श्रद्धालु, भगवा झंडों का समुद्र और ‘राम-हनुमान’ का जयघोष7 नवंबर को दिल्ली से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा सोमवार रात पलवल पहुंची। यहां का दृश्य किसी विशाल धार्मिक मेला जैसा था—लगभग 30 हजार श्रद्धालु राम और हनुमानजी के भगवा ध्वज लहराते हुए, ढोल-नगाड़ों की ताल पर आगे बढ़ते नजर आए।फरीदाबाद में राजस्थान के मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराज सिंह ने भी शामिल होकर यात्रा को गरिमा प्रदान की।दिल्ली से ट्रकों में सवार ग्रुप, कीर्तन मंडलियाँ, ढोल-नगाड़े और जयकारों से हवा गूंजती रही। पलवल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में यात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई।

भीड़ का जोश और हादसे की चिंता—छज्जा गिरने से कई घायलश्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पलवल में एक दुकान का छज्जा गिर गया। लोग बाबा को करीब से देखने के लिए ऊपर चढ़ गए थे। हादसे में कई लोग घायल हुए, जिनका उपचार कराया गया। इस घटना ने भीड़ प्रबंधन पर सवाल उठाए, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा और ज्यादा कड़ी कर दी।

भक्ति के रंग—जब भक्त शास्त्री से लिपटकर रो पड़ायात्रा के कई पड़ावों पर धीरेंद्र शास्त्री और भक्तों के भावुक क्षण देखने को मिले।एक भक्त उनके पैरों में गिर पड़ा। शास्त्रीजी ने उसे उठाया, गले लगाया और कंधे पर हाथ रखकर आगे साथ चलाया।एक अन्य युवक उनसे लिपटकर रो पड़ा—शास्त्रीजी ने उसे शांत किया और आश्वासन दिया।बदायूं के रहने वाले तेजपाल और उनके भाई अपनी वृद्ध मां को पालकी में बिठाकर पदयात्रा में शामिल हुए—यह दृश्य श्रृद्धा के चरम रूप जैसा लग रहा था।

हनुमान बनकर आया कलाकार, महिलाओं की बढ़ती भागीदारीयात्रा की विशिष्टता तब और बढ़ गई जब एक कलाकार हनुमानजी का रूप धारे यात्रा में शामिल हुआ।महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया—हर हाथ में भगवा झंडा, हर कदम पर भक्ति का उत्साह।🍛 प्रसाद सेवा—अनिरुद्धाचार्य महाराज की भूमिकारविवार को कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज यात्रा में शामिल हुए और उन्होंने ही श्रद्धालुओं के दोनों समय भोजन की पूर्ण व्यवस्था संभाली। धीरेंद्र शास्त्री ने इसके लिए उनका सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया।

16 नवंबर को वृंदावन में भव्य समापन होगापदयात्रा हरियाणा पार कर अब वृंदावन की ओर बढ़ रही है। 16 नवंबर को इसका वैदिक विधियों के साथ समापन प्रस्तावित है, जिसमें भारी भीड़ रहने का अनुमान है।ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और इस आयोजन को टॉप-प्रायोरिटी सुरक्षा कवर दिया गया है।

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