बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 19 अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “लटकाना, अटकाना और भटकाना” कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद से देश के विकास, बड़े सुधारों और राष्ट्रीय हित के अनेक निर्णयों को कांग्रेस ने या तो वर्षों तक टालकर रखा, या उन्हें विवादों में उलझाकर आगे बढ़ने से रोका।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिला आरक्षण विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि संसद में इसे पारित न होने देना केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे सुधार विरोधी राजनीति के प्रतीक बन चुके हैं।
महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण कोई राजनीतिक लाभ का विषय नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक शक्ति को नई दिशा देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन देश की बहनों-बेटियों को लोकतंत्र में अधिक भागीदारी देने का प्रयास था, लेकिन विपक्ष ने इसे विफल कर महिलाओं की आवाज दबाने का काम किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला सशक्तिकरण की बातें तो कीं, लेकिन जब अवसर आया तो उसके कदम पीछे हट गए। पीएम ने कहा कि देश की महिलाएं इस रवैये को भली-भांति समझ चुकी हैं और समय आने पर इसका जवाब देंगी।
विकास के रास्ते में रोड़े़ अटकाने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दशकों तक कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों को लंबित रखा। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद हों, पड़ोसी देशों के साथ जल विवाद हों, ओबीसी आरक्षण का प्रश्न हो या वन रैंक वन पेंशन जैसी मांग—हर मुद्दे को कांग्रेस ने वर्षों तक अटकाए रखा।उन्होंने कहा कि इन निर्णयों में देरी का नुकसान सीधे देश और जनता को भुगतना पड़ा। यदि समय पर साहसिक फैसले लिए गए होते, तो भारत आज और अधिक तेज गति से आगे बढ़ चुका होता।“
बांटो और राज करो” की राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों की “बांटो और राज करो” नीति को विरासत में लिया और आज भी उसी मानसिकता के सहारे राजनीति कर रही है।उन्होंने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र, भाषा और वर्गों में बांटकर सत्ता हासिल करने की कोशिशें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं। भारत अब ऐसी राजनीति से ऊपर उठ चुका है और विकास, सुशासन तथा राष्ट्रीय एकता की राह पर आगे बढ़ना चाहता है।
नारी शक्ति वंदन को बताया समय की मांग
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संशोधन केवल संसद की सीटों का सवाल नहीं था, बल्कि भारत के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास था। इससे सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व और महिलाओं को अधिक अवसर मिलने थे।उन्होंने कहा कि यह बिल देश की लोकतांत्रिक संरचना को और मजबूत करने वाला कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर जनता की अपेक्षाओं को ठेस पहुंचाई।
कांग्रेस पर सीधा हमला
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसे दलों का नाम लेते हुए कहा कि इन दलों ने मिलकर एक ऐतिहासिक अवसर को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि देश इस राजनीति को देख रहा है और जनता तय करेगी कि कौन राष्ट्र निर्माण चाहता है और कौन केवल अवरोध पैदा करना।
जनता देगी जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत की जनता अब विकास और सुधारों के पक्ष में खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो दल देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जनता उनका साथ देगी, और जो केवल रुकावटें खड़ी करते हैं, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब मिलेगा।उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि भारत अब रुकने वाला नहीं है।
देश की नारी शक्ति, युवा शक्ति और जनशक्ति मिलकर नए भारत का निर्माण करेगी।
