लाल किला कार ब्लास्ट: NIA की बड़ी कार्रवाई सबूत मिटाए, उमर को छिपाया… 8वां आरोपी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला दिल्ली से गिरफ्तार

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 9 दिसंबर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछली 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में एक और अहम गिरफ्तारी की है। यह मामला राजधानी दिल्ली को दहला देने वाली एक ऐसी घटना थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई निर्दोष नागरिक घायल हुए थे। जांच एजेंसी इस हमले को संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा मानते हुए तह तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।सोमवार को NIA ने इस केस में आठवें आरोपी के रूप में जम्मू-कश्मीर के बारामुला निवासी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

एजेंसी का मानना है कि बिलाल इस मॉड्यूल का महत्वपूर्ण ऑपरेटर था और पूरी साजिश में उसकी भूमिका बेहद निर्णायक रही है।उमर को दिया पनाह, सबूत नष्ट करने में भी शामिल जांच के दौरान NIA को पता चला है कि बिलाल ने मारे गए आरोपी उमर उन नबी को न केवल ठिकाना मुहैया कराया, बल्कि उसे लॉजिस्टिक सपोर्ट, सुरक्षित जगह और साजिश को आगे बढ़ाने में मदद भी दी।एजेंसी का आरोप है कि घटना के बाद बिलाल ने महत्वपूर्ण सबूत नष्ट करने में भी बड़ा रोल निभाया—

ताकि मॉड्यूल के असली चेहरे, नेटवर्क और फंडिंग चैनलों की पहचान छिपाई जा सके।NIA अधिकारियों के अनुसार—बिलाल ने घटनास्थल से जुड़े कई अहम सुरागों को मिटाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उसकी गिरफ्तारी से जांच की दिशा और स्पष्ट हुई है।”आतंकी मॉड्यूल के विस्तार का संकेत

NIA को अब तक मिली जानकारी के आधार पर यह हमला एक योजनाबद्ध आतंकी मॉड्यूल का नतीजा था, जिसने दिल्ली को निशाना बनाने के लिए महीनों तक तैयारी की।जांच में सामने आए कुछ प्रमुख बिंदु:मॉड्यूल के कई सदस्य जम्मू-कश्मीर में सक्रिय दिल्ली में मौजूद स्लीपर सेल से तालमेल विस्फोटक जुटाने और सुरक्षित ठिकाने प्रदान करने की सुनियोजित तैयारी डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की परतें खुलने की प्रक्रिया में एजेंसी धमाके में इस्तेमाल हुए विस्फोटक पदार्थों की उत्पत्ति, आरोपियों के बीच कम्युनिकेशन चैनल, वित्तीय लेन-देन और ग्राउंड नेटवर्क की बारीकियों को खंगाल रही है।

NIA ने संकेत दिए—आगे और गिरफ्तारियाँ होंगीअधिकारियों के अनुसार, बिलाल की गिरफ्तारी के बाद कई और महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। NIA ने कहा है कि:पूरे आतंकी नेटवर्क का खाका लगभग तैयार हो चुका है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।”

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ, दिल्ली पुलिस, तथा J&K आधारित यूनिट मिलकर इस जांच को आगे बढ़ा रहे हैं।

उद्देश्य है—हमले की पूरी साजिश, मॉड्यूल के मास्टरमाइंड, और अलग-अलग राज्यों से मिले तारों का पूर्ण खुलासा।

राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

लाल किले जैसे संवेदनशील इलाके के आसपास हुआ धमाका न केवल एक गंभीर सुरक्षा चूक थी, बल्कि इसने देश के आंतरिक सुरक्षा ढांचे को लेकर कई चिंताएँ भी खड़ी कीं।इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिशें लगातार सक्रिय हैं और आतंकी संगठनों का नेटवर्क अब भी जड़ों में छिपा हुआ है।

जबकि NIA का दावा है कि “पूरे मॉड्यूल को जल्द बेनकाब किया जाएगा”, सवाल यह भी बड़ा है कि राजधानी में ऐसे तत्वों की पहुंच आखिर कितनी गहरी है।

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