बी के झा
पटना, 18 नवंबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने न सिर्फ राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की राजनीति को झकझोरा, बल्कि उनके परिवार के भीतर चल रहे मतभेदों को भी देश के सामने ला खड़ा किया। पहले बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और घर से बाहर का रास्ता दिखाया गया और अब उनकी दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने छोटे बेटे तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीति और परिवार—
दोनों से दूरी बना ली।रोहिणी ने आरोप लगाया कि उन्हें गंदी गालियां दी गईं और उन पर चप्पल उठाई गई। इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में लालू परिवार को सुर्खियों के केंद्र में ला दिया है।
लेकिन इस विवाद के बीच एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है
—लालू प्रसाद यादव का परिवार आखिर है कितना बड़ा?
उनके बच्चे कौन हैं, किससे उनकी शादी हुई और कौन कहां रहता है?
आइए जानते हैं लालू-राबड़ी के नौों बच्चों की पूरी जानकारी—लालू यादव–राबड़ी देवी के 9 बच्चे: 7 बेटियां, 2 बेटे
1.मीसा भारती — सबसे बड़ी बेटी शिक्षा: MBBS पेशा: राजनीति (राजद सांसद, पाटलिपुत्र)पति: शैलेश कुमार — पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर मीसा लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और लालू परिवार में उनका कद हमेशा बड़ा रहा है।
2. रोहिणी आचार्य — विवाद के केंद्र मेंशिक्षा: MBBSपति: समरेश सिंह — सिंगापुर में रहते हैं ससुर का परिचय: रणविजय सिंह, लालू यादव के मित्र रोहिणी राजनीति में सक्रिय थीं, लेकिन तेजस्वी पर गंभीर आरोप लगाने के बाद उन्होंने परिवार और पार्टी—दोनों से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया।
3. चंदा यादव (सिंह) — सबसे कम चर्चा मेंपति: विक्रम सिंह — पायलटशादी: वर्ष 2006 मेंचंदा सार्वजनिक जीवन से दूर रहती हैं और बहुत कम ही सुर्खियों में आती हैं।
4. रागिनी यादव — सियासी परिवार की बहू शिक्षा: इंजीनियरिंग पति: राहुल यादव — सपा नेता जितेंद्र यादव के बेटेराहुल यादव राजनीति में सक्रिय हैं, और इस शादी से यादव परिवार का दायरा यूपी तक फैला।
5. हेमा यादव — दिल्ली के बड़े राजनीतिक घराने में शादी शिक्षा: इंजीनियरिंग (BITS)पति: विनीत यादव — दिल्ली के प्रमुख राजनीतिक परिवार से हेमा मीडिया में कम दिखाई देती हैं, लेकिन पढ़ाई और परिवार दोनों में मजबूत पहचान रखती हैं।
6. अनुष्का राव उर्फ धन्नू — हरियाणा की बहूशिक्षा: इंटीरियर डिजाइनिंग पति: चिरंजीव राव हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री के पुत्र विधायक और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके अनुष्का की शादी ने लालू परिवार के रिश्तों को उत्तर भारत के एक और सशक्त राजनीतिक घराने से जोड़ा।
7. तेज प्रताप यादव — सबसे विवादित चेहराशिक्षा: इंटरमीडिएटपेशा: सक्रिय राजनीतिपूर्व पद: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रीशादी: ऐश्वर्या राय (पूर्व सीएम दरोगा प्रसाद राय की पोती)बाद में अलगावतेज प्रताप को हाल ही में पार्टी और परिवार दोनों से बाहर कर दिया गया।इसके बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल बनाकर चुनाव लड़ा, परंतु हार गए।
कई विश्लेषकों के अनुसार, तेज प्रताप को अलग-थलग किए जाने के बाद ही परिवार में कलह तेज हुआ।
8. राजलक्ष्मी यादव — मुलायम सिंह यादव खानदान की बहू पति: तेज प्रताप सिंह यादव — मुलायम सिंह यादव के पोते राजलक्ष्मी की शादी ने दो बड़े राजनीतिक घरानों—बिहार और यूपी—को आपस में जोड़ा।
9. तेजस्वी यादव — सबसे छोटे, पर सबसे शक्तिशाली शिक्षा: नौवीं पास पेशा: राजनीतिक नेतृत्व पूर्व पद: बिहार के उपमुख्यमंत्री शादी: राजश्री यादव — दो बच्चे लालू के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाते हैं और वर्तमान में राजद की कमान उन्हीं के हाथ में है।
इन्हीं तेजस्वी पर रोहिणी आचार्य ने अपने आरोप लगाए, जिसने परिवार की कलह को खुलकर सामने ला दिया।
कलह क्यों बढ़ी?
विशेषज्ञों की रायराजनीतिक जानकारों का मानना है:तेजस्वी यादव,उनके सबसे बड़े रणनीतिक सलाहकार संजय यादव,और करीबी सहयोगी रमीज खान—
इन तीनों ने मिलकर पहले तेज प्रताप को परिवार और पार्टी से अलग-थलग किया।इसके बाद आंतरिक कलह बढ़ता गया, जिसकी परिणति 2025 की करारी चुनावी हार और रोहिणी आचार्य तक पहुँच चुकी अभद्रता के रूप में हुई।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि इतना सब होने के बाद भी लालू यादव, को आखिर ऐसा क्या मजबूरी है कि परिवार से लेकर पार्टी के अंदर इतना सब कुछ होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए इतना सब कुछ देख रहे हैं।
तेजस्वी–संजय–रमीज के खिलाफ कुछ नहीं बोल पा रहे हैं—चाहे बाकी परिवार कितना भी टूटता चला जाए।
वरिष्ठ पत्रकार की चेतावनी
एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा:यदि लालू परिवार में ऐसे ही मतभेद बढ़ते रहे,तो न केवल परिवार टूटेगा, बल्कि लालू द्वारा खड़ी की गई उनकी आरजेडी भी धीरे-धीरे खत्म होने की ओर बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार दशकों से एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
लेकिन 2025 की हार ने इस परिवार के भीतर जमा तनाव को उजागर कर दिया।
7 बेटियों और 2 बेटों वाला यह विशाल राजनीतिक परिवार—आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां सियासत, रिश्ते और भविष्य—तीनों दांव पर लगे हैं।
NSK

