व्हाइट हाउस के बाहर फिर गूंजी गोलियों की आवाज, अंदर मौजूद थे ट्रंप; अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

बी के झा

NSK News

वाशिंगटन/ न ई दिल्ली, 24 मई

दुनिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारतों में शुमार व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। कुछ ही पलों में पूरा इलाका सुरक्षा एजेंसियों के सायरनों, अफरा-तफरी और हाई अलर्ट में बदल गया। घटना उस समय हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump स्वयं व्हाइट हाउस परिसर के भीतर मौजूद थे।

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी से सामने आई इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक हथियारबंद व्यक्ति व्हाइट हाउस के सुरक्षा चेकप्वाइंट के पास पहुंचा और अचानक सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में तैनात सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी गोलीबारी में हमलावर को ढेर कर दिया। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

चेकप्वाइंट पर अचानक बरसी गोलियां

अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे की है। संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा चौकी के पास पहुंचा और अपने बैग से हथियार निकालकर अधिकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई।हालांकि, प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों ने कुछ ही सेकंड में जवाबी कार्रवाई की और हमलावर को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

राहगीर भी गोलीबारी की चपेट में आया

इस गोलीबारी में एक राहगीर भी घायल हुआ है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे हमलावर की गोली लगी या फिर जवाबी कार्रवाई के दौरान चली गोली का शिकार हुआ। पुलिस और सीक्रेट सर्विस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई हैं।सीक्रेट सर्विस ने राहत की बात बताते हुए कहा कि घटना में कोई भी सुरक्षा अधिकारी घायल नहीं हुआ और राष्ट्रपति Donald Trump पूरी तरह सुरक्षित हैं।

प्रेस रूम तक पहुंची दहशत

व्हाइट हाउस में मौजूद पत्रकारों के मुताबिक, उन्होंने लगातार कई गोलियों की आवाज सुनी। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मीडिया कर्मियों को प्रेस ब्रीफिंग रूम के भीतर शरण लेने का निर्देश दिया। कुछ देर के लिए पूरे परिसर को सील कर दिया गया और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई।घटना के बाद व्हाइट हाउस के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की है।

पहले भी बन चुका है हमला स्थल

गौरतलब है कि यह वही इलाका है जहां पिछले नवंबर में भी गोलीबारी की एक बड़ी घटना हुई थी। उस समय एक बंदूकधारी ने वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो जवानों पर घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में अमेरिकी सेना की स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई थी, जबकि एंड्रयू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस मामले में रहमानुल्लाह लकनवाल नामक आरोपी पर आरोप तय किए गए थे।

दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारत पर बार-बार खतरा

व्हाइट हाउस सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति का निवास नहीं, बल्कि अमेरिकी शक्ति और वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। ऐसे में लगातार सामने आ रही सुरक्षा चूक की घटनाएं अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में अमेरिका में बढ़ती हिंसा, हथियारों तक आसान पहुंच और राजनीतिक ध्रुवीकरण ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

ऐसे माहौल में व्हाइट हाउस के बाहर हुई यह ताजा गोलीबारी सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि अमेरिकी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी की घंटी भी मानी जा रही है।

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