शाहजहांपुर में रंजिश का खौफनाक अंजाम: दूसरे समुदाय की युवती को ले जाने वाले युवक की पीट-पीटकर हत्या, गांव में तनाव

बी के झा

NSK

शाहजहांपुर, (उत्तर प्रदेश) /नई दिल्ली, 22 अक्टूबर

कांट थाना क्षेत्र के ग्राम सफ्तयारा में मंगलवार की शाम एक दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। पांच साल पुरानी रंजिश में गांव के ही 30 वर्षीय युवक ओमकार की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह विवाद उस घटना से जुड़ा है जब ओमकार ने कथित रूप से दूसरे समुदाय की एक युवती को अपने साथ ले गया था।घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर दी है।

पांच साल पुरानी रंजिश बनी मौत की वजह

जानकारी के अनुसार, ओमकार खेतीबाड़ी करता था और साधारण जीवन जीता था। लगभग पांच वर्ष पहले उसने दूसरे समुदाय की एक युवती को अपने साथ ले गया था। उस समय पुलिस ने युवती को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था, जबकि ओमकार को जेल भेजा गया था। वह कुछ समय पहले ही जमानत पर छूटा था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, उसी पुराने मामले की रंजिश में मंगलवार शाम लगभग 6 बजे कुछ लोगों ने उसे खेत में घेर लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। सिर पर किए गए कई प्रहारों के कारण ओमकार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटनास्थल से मिले शराब के गिलास और पौव्वा

सूचना मिलते ही एसपी राजेश द्विवेदी और सीओ सदर प्रयांक जैन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस को घटनास्थल से तीन गिलास और शराब का एक पौव्वा मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले आरोपी शराब पी रहे थे।

फोरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।

गांव में तनाव, पुलिस ने संभाली स्थिति

मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण पूरे इलाके में तनाव फैल गया। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया,मृतक के परिजनों से तहरीर प्राप्त होने पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। हर बिंदु पर गहराई से जांच की जा रही है।”

परिवार में मातम, ग्रामीणों में दहशत

ओमकार की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। कई ग्रामीणों ने बताया कि ओमकार पिछले कुछ दिनों से डरा-सहमा रहता था, लेकिन उसने पुलिस से कोई सुरक्षा नहीं मांगी थी।गांव के बुजुर्गों का कहना है कि अगर समय रहते दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया जाता, तो शायद यह खून-खराबा टल सकता था।

शाहजहांपुर का सफ्तयारा गांव अब पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पुरानी रंजिशें किस तरह हिंसा में बदलकर मासूम जानें ले लेती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *