छठ के बाद बिहार में लोकतंत्र का महापर्व: दो चरणों में होगी वोटिंग, जानिए किस जिले में कब पड़ेगा वोट

बी के झा

NSK

पटना/ नई दिल्ली, 6 अक्टूबर

बिहार में एक बार फिर लोकतंत्र का महासंग्राम शुरू हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को राज्य विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा — पहला चरण 6 नवंबर, और दूसरा 11 नवंबर 2025 को। वहीं मतगणना 14 नवंबर (शुक्रवार) को एक साथ सभी सीटों पर की जाएगी।इस बार आयोग ने बिहार के विश्वप्रसिद्ध छठ महापर्व को ध्यान में रखकर मतदान की तारीखें तय की हैं, ताकि प्रवासी बिहारी भी घर लौटकर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभा सकें। पहला चरण: 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदानपहले चरण में कुल 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी।नामांकन प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगी।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस चरण में अधिकतर गंगा पार और उत्तर बिहार के इलाके शामिल होंगे।इन जिलों में होगी वोटिंग:गोपालगंज, सीवान, बक्सर, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और भोजपुर। पहले चरण की मुख्य तारीखें:गजट अधिसूचना जारी: 10 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)नामांकन की अंतिम तिथि: 17 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)नामांकन की जांच: 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार)नाम वापसी की अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार)मतदान: 6 नवंबर 2025 (गुरुवार)मतगणना: 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार)दूसरा चरण: 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदानदूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा।इसमें सीमांचल, मगध और चंपारण बेल्ट के जिले शामिल हैं। इन जिलों में होगी वोटिंग:पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर (भभुआ)।दूसरे चरण की मुख्य तारीखें:गजट अधिसूचना जारी: 13 अक्टूबर 2025 (सोमवार)नामांकन की अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार)नामांकन की जांच: 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार)नाम वापसी की अंतिम तिथि: 23 अक्टूबर 2025 (गुरुवार)मतदान: 11 नवंबर 2025 (मंगलवार)मतगणना: 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार)चुनाव प्रक्रिया पूर्ण: 16 नवंबर 2025 (रविवार) छठ पर्व का रखा गया खास ध्यानमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा —“बिहार की पहचान छठ महापर्व से है। हमने यह सुनिश्चित किया कि मतदान की तारीखें पर्व समाप्त होने के बाद हों, ताकि जो बिहारी छठ मनाने अपने गांव आते हैं, वे लोकतंत्र के इस महापर्व में भी भाग ले सकें।”आयोग को उम्मीद है कि इस बार मतदान प्रतिशत 2020 के मुकाबले अधिक रहेगा, जब राज्य में तीन चरणों में वोटिंग हुई थी। 2025 चुनाव में होंगे 17 बड़े बदलावमुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में 17 नए सुधारात्मक बदलाव लागू किए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं —दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे वोट डालने की सुविधा,मतदान केंद्रों पर AI आधारित निगरानी,पोलिंग बूथों की लाइव ट्रैकिंग,और महिला सुरक्षा बलों की तैनाती में बढ़ोतरी।पिछले चुनावों की झलक2020: तीन चरणों में मतदान (28 अक्टूबर, 3 और 7 नवंबर)।2015: पांच चरणों में हुआ चुनाव।2010: छह चरणों में मतदान।2005 (फरवरी): तीन चरणों में।2005 (अक्टूबर): चार चरणों में मतदान।2005 से अब तक नीतीश कुमार लगातार बिहार की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। मतदान के बाद की प्रक्रियासभी सीटों की मतगणना 14 नवंबर को होगी और 23 नवंबर तक नई विधानसभा का गठन कर लिया जाएगा।वर्तमान 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।सारांश:बिहार में इस बार का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि छठ पर्व की आस्था और लोकतंत्र की भागीदारी का संगम बनने जा रहा है।छठ घाटों से लौटते ही बिहारी मतदाता मतदान केंद्रों की ओर रुख करेंगे — और यही बिहार की असली ताकत होगी।

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